पीएम की मस्ती, पीएम का मीडिया

भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मीडिया को मैनुपुलेट किया जाता है। मीडिया चाहे तो किसी नायक को एक पल में खलनायक बना दे और किसी खलनायक को नायक। इटली में भी इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। वहां के प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी सेक्स स्कैंडल में फंसे हैं। विरोधी पार्टियां जांच के लिए दबाव डाल रही हैं तो दूसरी तरफ बार्लुस्कोनी अपने न्यूज़ चैनलों की मदद से बचाव में जुटे हैं। इससे पहले भी बार्लुस्कोनी कई बार संगीन आरोपों में फंस चुके हैं, लेकिन हर बार मीडिया के इस्तेमाल और अपनी चतुराई से वो बचते रहे हैं। यूरोप से पूरा ब्योरा दे रहे हैं साथी पत्रकार अनवर जे अशरफ़।

इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बार्लुस्कोनी यूरोप के शायद सबसे विवादित राष्ट्राध्यक्ष हैं. यूं तो बार्लुस्कोनी 72 साल के हैं लेकिन अनगिनत सेक्स स्कैंडलों में फंसे हैं. उन पर प्रधानमंत्री रहते हुए नाबालिग़ लड़की से रिश्ते रखने से लेकर कॉल गर्ल के साथ रात बिताने तक के आरोप हैं. भ्रष्टाचार, टैक्स चोरी और माफ़िया से रिश्तों का आरोप अलग. सवाल यह उठता है कि इतने आरोपों के बाद वह पद पर कैसे बने हैं. शायद मीडिया में उनका दख़ल सबसे बड़ी वजह है. बार्लुस्कोनी एक कुशल राजनेता के साथ साथ इटली के अरबपति कारोबारी भी हैं और देश के मीडिया बाज़ार का बहुत बड़ा हिस्सा उनकी कंपनी चला रही है.

कॉल गर्ल से जुड़ा ताज़ा क़िस्सा ही लीजिए. आरोप है कि बार्लुस्कोनी के आलीशान घर पर पार्टी हुई, जिसमें मोटी फ़ीस पर महंगी कॉल गर्ल शामिल हुई. मामला सामने आने के बाद प्रधानमंत्री इनकार तो नहीं कर पाए लेकिन सधे सधाए मीडिया के ज़रिए सफ़ाई ज़रूर पेश कर दी. अपने ही अख़बार को इंटरव्यू दे दिया. मालिक का इंटरव्यू अख़बार में कैसे छपेगा, बताने की ज़रूरत नहीं. इटली की तीसरे सबसे अमीर हस्ती बार्लुस्कोनी फ़िनिवेस्ट कंपनी के मालिक हैं, जिसके बैनर तले तीन राष्ट्रीय समाचार चैनल हैं. कनाले-5, इटालिया-1 और रेटे-4 नाम के ये चैनल पूरी इटली में लोकप्रिय हैं. ये आस पास के क्रोएशिया, स्लोवेनिया और माल्टा जैसे देशों में भी दिखाई देते हैं. बार्लुस्कोनी का एक चैनल, टेलीसिन्को स्पेन में भी चलता है. फ़िनिवेस्ट इसके अलावा कई राष्ट्रीय अख़बार और मैग़ज़ीन भी प्रकाशित करती है.

कॉल गर्ल से जुड़ा ताज़ा क़िस्सा ही लीजिए. आरोप है कि बार्लुस्कोनी के आलीशान घर पर पार्टी हुई, जिसमें मोटी फ़ीस पर महंगी कॉल गर्ल शामिल हुई. मामला सामने आने के बाद प्रधानमंत्री इनकार तो नहीं कर पाए लेकिन सधे सधाए मीडिया के ज़रिए सफ़ाई ज़रूर पेश कर दी. अपने ही अख़बार को इंटरव्यू दे दिया. मालिक का इंटरव्यू अख़बार में कैसे छपेगा, बताने की ज़रूरत नहीं. इटली की तीसरे सबसे अमीर हस्ती बार्लुस्कोनी फ़िनिवेस्ट कंपनी के मालिक हैं, जिसके बैनर तले तीन राष्ट्रीय समाचार चैनल हैं. कनाले-5, इटालिया-1 और रेटे-4 नाम के ये चैनल पूरी इटली में लोकप्रिय हैं. ये आस पास के क्रोएशिया, स्लोवेनिया और माल्टा जैसे देशों में भी दिखाई देते हैं. बार्लुस्कोनी का एक चैनल, टेलीसिन्को स्पेन में भी चलता है. फ़िनिवेस्ट इसके अलावा कई राष्ट्रीय अख़बार और मैग़ज़ीन भी प्रकाशित करती है.

मीडिया के ज़रिए प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी ने बड़ी ख़ूबसूरती से ख़ुद को विवाद निकालने की कोशिश की. बताया गया कि दरअसल किसी बड़े कारोबारी के कहने पर कॉल गर्ल प्रधानमंत्री के घर पार्टी में आई और बार्लुस्कोनी का इसमें सीधा हाथ नहीं. हालांकि उसके साथ रात बिताने और ‘इंटीमेट’ नाश्ते की क्या सच्चाई है, यह पता लगना अभी बाक़ी है. बार्लुस्कोनी ने अपनी मिल्कियत वाली पत्रिका ‘ची’ को इंटरव्यू दे दिया और सफ़ाई दी कि उन्होंने कभी सेक्स के लिए पैसे नहीं दिए और न ही उन्हें उस कॉल गर्ल के बारे में कुछ याद है, जो उनके साथ रात बिताने की बात कह रही है.

मज़े की बात यह कि कॉल गर्ल ने प्रधानमंत्री के साथ के कुछ सबूत जुटा रखे हैं और वामपंथी विचारधारा वाले मशहूर इतालवी अख़बार ला रिपब्लका को इंटरव्यू में यह सब बातें बता दी हैं. पटरीसिया डी अडारियो नाम की इस कॉल गर्ल का कहना है कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री थोड़ा कन्फ़्यूज़ हो रहे हों क्योंकि उस रात पार्टी में ‘मेरी जैसी कम से कम 20 और जवान लड़कियां’ शामिल थीं. उसका कहना है कि रात के बाद प्रधानमंत्री ने उनके साथ सुबह सुबह ‘इंटीमेट नाश्ता’ भी किया. डी अडारियो का तो यहां तक दावा है कि वह प्रधानमंत्री की दो पार्टियों में गई और जिस रात वहां नहीं रुकी, उस रात उन्हें कम पैसे मिले.

लेकिन मीडिया का बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री के कब्ज़े में है, लिहाज़ा डी अडारियो का इंटरव्यू भी गिने चुने अख़बारों में ही छपा. बार्लुस्कोनी ने तो बाज़ार से यह अपील भी कर दी कि वे ला रिपब्लिका को इश्तेहार न दें. वही अख़बार, जिसने कॉल गर्ल का इंटरव्यू छापा और वक़्त वक़्त पर प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी के उच्छृंखल जीवन की दास्तान लोगों के सामने लाता रहा. बार्लुस्कोनी अपनी बिंदास ज़िन्दगी के लिए जाने जाते हैं और शायद इसीलिए उनकी दूसरी पत्नी ने तलाक़ की अर्ज़ी डाल रखी है. बार्लुस्कोनी की पत्नी वेरोनीका लारियो पति के स्कैंडलों से परेशान हैं और उनसे अलग हो जाना चाहती हैं. दरअसल, बार्लुस्कोनी पर नाबालिग़ लड़की से रिश्ते रखने के भी आरोप हैं. प्रधानमंत्री नेओमी लेतुसिया नाम की युवती के बेहद क़रीब बताए जाते हैं. अप्रैल में लेतुसिया के 18वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने पूरे इटली को चौंका दिया था. उनकी बीवी का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से जान पहचान है, जो जान पहचान से कहीं ज़्यादा है.

प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी ने लगभग 20 साल पहले अपनी मौजूदा पत्नी वेरोनिका लारियो से शादी की थी और उनका अफ़ेयर उससे भी 10 साल पहले शुरू हो गया था, जब बार्लुस्कोनी किसी और के पति थे. प्रधानमंत्री बार्लुस्कोनी में एक और ख़ासियत है. महिलाओं से नज़दीकी को लेकर वह बहुत ज़्यादा सफ़ाई नहीं देते. कहते हैं कि आम इनसान की तरह वह भी पैसा और सेक्स चाहते हैं और इटली की जनता उन्हें इसी रूप में पसंद करती है. इटली की जनता वाक़ई उसे माफ़ करती आई है और ताज़ा सर्वेक्षण में भी उनकी लोकप्रियता 50 फ़ीसदी से बस थोड़ी ही कम है. यूरोपीय देशों में वक़्त वक़्त पर नेताओं की लोकप्रियता का सर्वेक्षण आम बात है.

वैसे बार्लुस्कोनी की लोकप्रियता में उनकी मीडिया भी हिस्सेदार है. इटली में 15 साल में पांच चुनाव हुए हैं और इनमें तीन बार बार्लुस्कोनी जीत कर प्रधानमंत्री बने हैं. आज़ाद मीडिया के हामी कई बार बार्लुस्कोनी और उनके मीडिया नियंत्रण पर सवाल खड़ कर चुके हैं. अमेरिकी संस्था फ़्रीडम हाउस ने 2004 में अपनी रिपोर्ट में यहां तक कहा था कि इटली की मीडिया सिर्फ़ आंशिक स्वतंत्र है. उस वक़्त बार्लुस्कोनी ही देश के प्रधानमंत्री थे. अंतरराष्ट्रीय जर्नलिस्ट फ़ेडेरेशन और रिपोटर्स विदाउट बॉर्डर भी उन पर मीडिया के ग़लत इस्तेमाल का आरोप लगा चुके हैं.

सेक्स स्कैंडलों के अलावा बार्लुस्कोनी पर भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी जैसे मामले भी आए. माफ़िया से रिश्ते रखने के आरोप भी लगे. दर्जनों बार अदालत में पेशी हुई लेकिन लगभग हर बार बरी हो गए. बाद में तो उनकी पहल पर इटली में ऐसा क़ानून बन गया, जिसके तहत राष्ट्राध्यक्षों के पद पर रहते हुए उन पर मुक़दमा चल ही नहीं सकता. लेकिन मज़बूत सबूतों को देखते हुए इस बार बार्लुस्कोनी से जवाब तलब किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो इटली के प्रधानमंत्री के लिए यह एक बड़ी शर्मिन्दगी होगी, जिन्हें जुलाई में दुनिया के सबसे अमीर देशों के संगठन जी-8 के शिखर बैठक की इटली में मेज़बानी करनी है.

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Posted by on Jun 29 2009. Filed under स्पेशल रिपोर्ट. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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