महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों के वोटों की गिनती चल ही रही थी कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी का टीवी चैनलों पर बयान आया। नकवी ने पार्टी की हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर फोड़ दिया। कहा वो अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानि ईवीएम नहीं रही बल्कि कांग्रेस वोटिंग मशीन यानि सीवीएम [...]
Oct 22 2009 | Posted in
देश - दुनिया |
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पश्चिम बंगाल में एक युवा पत्रकार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता डोला सेन ने धमकाते हुए कहा कि – “तुम्हारा रेप करा देंगे, किसी को पता भी नहीं चलेगा। भागो यहां से।” वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने उस वाकये पर एक लेख लिखा। जिस पर कुछ पाठकों ने “अश्लील” टिप्पणियां कीं। किसी ने कहा [...]
Oct 22 2009 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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देश में नक्सली गतिविधियों के विस्तार को तीन तरह के आंकड़ों के साथ पेश किया जा सकता है। अगर नक्सली गतिविधियों के बारे में आंकड़े इस तरह पेश किए जाएं कि कितने राज्यों में नक्सलवाद का प्रभाव है तो वह देश के पचहत्तर प्रतिशत हिस्से में दिखाई देगा। अगर नक्सली गतिविधियों को जिलों की संख्या [...]
Oct 22 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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राजेंद्र धोड़पकर को हम सभी जानते हैं। वो हिंदुस्तान के एसोसिएट एडिटर हैं। लाजवाब कार्टूनिस्ट हैं। एक उम्दा पत्रकार हैं और जानने वाले बताते हैं कि एक बेतरीन व्यक्ति हैं। उन्होंने आज हिंदुस्तान में एक लेख लिखा है – नक्सली हिंसा में “पुलिसवाले ही क्यों बनते हैं शिकार”। इस लेख में उन्होंने एक मानवीय नज़रिया [...]
Oct 21 2009 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल में नाटक की अलग अलग प्रस्तुतियों के बाद इस बार दास्तानेगोई पर एक प्रस्तुति “हम कहें आप सुनें” नादिरा ज़हीर बब्बर ने अपने “एकजुट थिएटर ग्रुप” की तरफ से की. लिलेट दुबे के ‘ब्रीफ कैंडल’ के बाद यह दूसरा नाटक रहा, जो किसी महिला निर्देशक का था. नादिरा बब्बर सज्जाद ज़हीर [...]
Oct 21 2009 | Posted in
ब्लॉग |
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20 अक्टूबर को हिंदुस्तान में डेस्क ने एक साथ कई बड़ी ग़लतियां की। सातवें और आठवें पन्ने पर एक ही ख़बर दो अलग-अलग शीर्षक के साथ प्रकाशित की गई। जबकि एक ख़बर का ऐसा हश्र हुआ है कि आप पढ़ कर कुछ भी नहीं समझ सकेंगे। पहले पन्ने पर पीएफ घोटाले के मुख्य आरोपी आशुतोष [...]
Oct 21 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने एक सवाल उठाया। पत्रकारों के हितों से जुड़ा सवाल। तो लोग व्यक्तिगत हमलों पर उतर आए। हमारा हिंदी समाज ही कुछ ऐसा है। गंभीर से गंभीर सवाल उठाइए… लोग उस पर बहस करने की जगह आपके ही पीछे पड़ जाएंगे। खैर पुण्य प्रसून वाजपेयी ने ऐसे ही कुछ लोगों [...]
Oct 17 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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ममता बनर्जी को करीब से जानने वाले बताते हैं कि वो बेहद डरी हुई महिला हैं। उन्हें लगता है कि पूरी दुनिया उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच रही है। उन्हें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर भी भरोसा नहीं है। उनको लगता है कि उनकी ही पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कभी भी उनके ख़िलाफ़ [...]
Oct 16 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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एनबीसी यूनिवर्सल ने एनडीटीवी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला कर लिया है। जिसके बाद एनडीटीवी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि वो एनबीसी यूनिवर्सल की हिस्सेदारी को वापस खरीदेगा। लेकिन यह सौदा कितने में हुआ है इसका खुलासा नहीं किया गया है। एनबीसी यूनिवर्सल ने मई 2008 में एनडीटीवी की सब्सिडरी [...]
Oct 16 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल में इस बार मुंबई विश्वविद्यालय के अकादमी ऑफ थिएटर आर्ट की प्रस्तुति “अजिंठा” रही. विश्वविख्यात अजंता की पृष्ठभूमि पर एक आदिवासी प्रेम कथा इस नाटक का उत्स है. नाटक मराठी के सुप्रसिद्ध कवि ना धो महानोर के दीर्घ काव्य पर अधारित है. चूंकि नाटक अकादमी ऑफ थिएटर आर्ट की प्रस्तुति थी, [...]
Oct 16 2009 | Posted in
ब्लॉग |
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