Archive for: November, 2009

संघर्ष कहां, आदर्श कहां… चारण और सूबेदारों का राज है

पहले चरण में वोट फ़ीसदी घटा है. झारखंड विधानसभा चुनावों में. एक स्रोत का मानना है, बीस वर्षों में सबसे कम मत पड़े. खासतौर से शहरों में. इससे क्या संकेत मिलते हैं? यह क्या राजनीति के प्रति नफ़रत का प्रतिफल है? इस घटते वोट फ़ीसदी के संकेत गहरे हैं. समाजशास्त्रियों के लिए भी. राजनीतिज्ञों के [...]

हमारे लिए 26/11 काला दिन है और इनके लिए धंधा है

26/ 11 मतलब 26 नवंबर – भारतीय इतिहास का एक काला दिन है। पिछले साल मुंबई में उसी दिन आतंकी हमला हुआ। करीब पौने दो सौ लोग मारे गए थे और 300 से ज़्यादा घायल हुए। उन हमलों का दंश सैकड़ों परिवार आज भी झेल रहे हैं। लेकिन कई कंपनियों और कारोबारियों के लिए यह [...]

अजमल कसाब के नाम एक हिंदुस्तानी का ख़त

सज़ा आमिर अजमल कसाब, तुम 26 नवंबर 2008 को फक्र से याद करोगे। हमारे दिलो-दिमाग में भी वो दिन हमेशा हमेशा के लिये चस्पा हो चुका है। वो वहशी तीन दिन जब तुमने और तुम्हारे नौ साथियों ने मिलकर मुंबई में खूनी खेल खेला था। लेकिन एक और दिन मेरे जहन की गहराइयों में उतर [...]

अतुल माहेश्वरी और अंकुर चावला पर कसा शिकंजा

अमर उजाला विवाद में अब कंपनी के मालिक अतुल माहेश्वरी और जाने-माने वकील अंकुर चावला से पूछताछ हो सकती है। सीबीआई के कुछ सूत्रों के मुताबिक उन दोनों को नोटिस भेजा जा चुका है। हालांकि इस बारे में कुछ आला अधिकारियों का यह भी कहना है कि रिमांड पर मौजूद कंपनी लॉ बोर्ड के ऐक्टिंग [...]

अमर उजाला केस में उलझी सत्यम घोटाले की जांच

देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घोटाले की जांच अब अमर उजाला विवाद के कारण उलझ गई है। कंपनी लॉ बोर्ड की जो टीम सत्यम घोटाले की जांच में जुटी थी उस पर बोर्ड के ऐक्टिंग चीफ आर वासुदेवन निगरानी कर रहे थे। आर वासुदेवन को सीबीआई की टीम में अमर उजाला केस में गिरफ़्तार कर [...]

अमर उजाला विवाद ख़तरनाक मोड़ पर

अमर उजाला को लेकर चल रहा झगड़ा अब ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में कंपनी लॉ बोर्ड के एक्टिंग चीफ और सदस्य आर वासुदेवन को गिरफ़्तार कर लिया गया है। ख़बरों के मुताबिक उन पर एक पक्ष के हक़ में फैसला देने के लिए घूस मांगने और लेने के आरोप है।  सीबीआई ने [...]

अंग्रेजी अख़बारों में भी खुद को श्रेष्ठ साबित करने की होड़

रीडरशिप सर्वे के नतीजों को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ कर पेश करने और अपनी पीठ थपथपाने में सिर्फ़ हिंदी अख़बार ही नहीं जुटे हैं। अंग्रेजी अख़बारों का भी यही हाल है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया है कि कैसे बाकी अख़बारों के पाठकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया [...]

4 साल पूरे होने पर नीतीश सरकार ने अख़बारों पर लुटाया खजाना

बिहार में एनडीए सरकार ने चार साल पूरे कर लिए हैं। नीतीश कुमार की अगुवाई में चल रही सरकार अब चार साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। इस जश्न में सरकारी खजाना पानी की तरह बहाया जा रहा है। बड़े-बड़े विज्ञापन छापे और छपवाए जा रहे हैं। इस जश्न का सबसे अधिक [...]

IRS सर्वे: डींग हांकने में सब अख़बार आगे

इस बार भी रीडरशिप सर्वे में हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। दैनिक भास्कर के पाठकों की संख्या में तेज़ गिरावट हो रही है, लेकिन उसका दावा है कि वो नंबर वन समूह है। प्रभात ख़बर का दावा है कि उसने हिंदुस्तान समेत सबको पटक दिया है, लेकिन फीसदी के हिसाब से। उसी [...]

हिंदी के टॉप 10 अख़बार

हिंदी अख़बार में कौन कितना बढ़ा और किसे कितना नुकसान हुआ – यह जानने के लिए आप इस चार्ट पर गौर कर सकते हैं। यहां ताज़ा सर्वे के अलावा पिछले दो सर्वे के नतीजे भी दिए हुए हैं।

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