अरी बिटिया रुचिका, अच्छा हुआ, तुम सिधार गई. 19 साल बाद आज के इस हालात से तो बेहतर है कि तुम पहले ही चली गई. क्यों कहूं मैं कि तुम समाज से लड़ती रहो, कि समाज के सामने सर उठाकर चलो, कि समाज के डर से डरो मत, कि लोग तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं सकते, [...]
वॉयस ऑफ इंडिया के सीनियर प्रोड्यूसर अशोक उपाध्याय नहीं रहे। आज सुबह दफ़्तर में उनकी मृत्यु हो गई। अशोक उपाध्याय करीब तीन-चार हफ्तों से लगातार नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। आज सुबह उनकी तबीयत कुछ ख़राब हुई। बेचैनी मसहूस हुई। जिसके बाद वो खुली हवा में सांस लेने के लिए दफ़्तर से बाहर [...]
Dec 25 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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टीवी चैनलों पर चंडीगढ़ की विशेष अदालत के बाहर एसपीएस राठौर को हंसते, खिलखिलाते देखा तो लगा सरकार ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी को किसी बड़े सम्मान से नवाज़ा हो। ये चेहरा उस शख़्स का चेहरा नहीं था जिसको अदालत ने 14 साल की लड़की रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़खानी करने के आरोप में दोषी [...]
प्रभाष जोशी की लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं पी साईनाथ आप सोचते होंगे कि अख़बारों में सिर्फ़ एक पेज 3 होता है? लेकिन महाराष्ट्र के अख़बार ऐसा नहीं मानते। हाल के चुनाव में उनके पास कई पेज 3 थे, जिन्हें वो लगातार कई दिनों तक छापते रहे। उन्होंने सप्लिमेंट के भीतर सप्लिमेंट छापे। इस [...]
एडिटर्स गिल्ड ने पेड न्यूज़ (पैसे लेकर विज्ञापनों को ख़बरों की शक्ल में छापने या फिर पैसे लेकर ख़बर बनाने) के गोरखधंधे का जोरदार विरोध किया है। संपादकों की संस्था के मुताबिक इससे पत्रकारिता का बुनियादी सिद्धांत कमजोर हुआ है। मंगलवार को एजीएम में एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि जो मीडिया संस्थान और संपादक इस [...]
Dec 24 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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रुचिका के साथ छेड़खानी और उसकी आत्महत्या के मामले में भारतीय न्यायव्यवस्था ने कुछ नया या अजूबा नहीं किया है। न्यायप्रक्रिया में धन और रुतबे के महत्व के बारे में ये केस कोई नई बात नहीं कहता। देश के राष्ट्रपति रहे के आर नारायणन ने जब ये कहा था कि आजादी के बाद जिन लोगों [...]
इस मामले (रुचिका के साथ हुई छेड़खानी और उसके बात पुलिसिया जुल्मों के जरिए उसे आत्महत्या के मुंह में ढकेलने और इस संगीन मामले में अदालत के बेतुके फैसले) को मीडिया ने पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ उठाया है। आज तीसरे दिन भी अखबारों और न्यूज चैनलों पर रूचिका से साथ हुई नाइंसाफी का [...]
देश भर में धर्मनिरपेक्ष प्रशासक की छवि निर्मित करने वाले पुलिस अधिकारी विभूति नारायण राय के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में कुलपति बनने के बाद दलितों का उत्पीड़न तेजी के साथ बढ़ा है। सवाल उठता है कि क्या कोई धर्मनिरपेक्षवादी जातिवादी नहीं हो सकता है? वर्धा विश्वविद्यालय में विभूति बाबू के आने के बाद [...]
Dec 23 2009 | Posted in
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देश के महान गेंदबाज अनिल कुंबले और सियासत के माहिर खिलाड़ी लाल कृष्ण आडवाणी का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं, लेकिन अपने-अपने क्षेत्र में ये दोनों लीडरशिप को लेकर दिलचस्प केस स्टडी बन सकते हैं। भारत जब टेस्ट क्रिकेट में दुनिया की नम्बर वन टीम बना, तो पूर्व कप्तान कुंबले ने अपने कॉलम एक अहम [...]
Dec 23 2009 | Posted in
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राजदीप सरदेसाई एक बार फिर से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में 22 दिसंबर को हुए चुनाव में उन्हें दोबारा इस पद के लिए चुना गया। वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन एक्सप्रेस के कॉलमिस्ट कूमी कपूर को महासचिव चुना गया है। अब तक द वीक के स्थानीय [...]
Dec 23 2009 | Posted in
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