बहुत सारे लोग मेरा नाम सलमान रुश्दी के साथ जोड़ देते हैं। देश विदेश सब जगह। लेकिन अगर दो ऐसे लोगों को एक साथ रख कर देखा जाता है, जिनमें काफी असमानता है तो आपत्ति स्वाभाविक है। आजकल मुझे धड़ल्ले से महिला रुश्दी कह दिया जाता है। मैं पूछती हूं, सलमान रुश्दी को पुरुष नसरीन [...]
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और अध्यक्ष परवेज अहमद फिर विवादों के घेरे में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने क्लब की मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य नरेंद्र भल्ला को जबरन उनके अधिकारों से वंचित कर दिया और कमेटी की बैठकों में आने से रोका। यही नहीं उन दोनों पर कई [...]
Feb 27 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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भारतवर्ष के सबसे बड़े चित्रकार मक़बूल फ़िदा हुसैन अब खाड़ी देश क़तर के नागरिक होंगें. उन्हें क़तर की नागरिकता की पेशकश की गई है. चूंकि भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है लिहाज़ा अब हुसैन शायद आने वाले दिनों में ओवरसीज़ इंडियन सिटीज़न के रूप में अपना नामांकन चाहें तो करा लें वरना वो [...]
कहते हैं, आखिरी वक्त में क्या खाक मुसलमाँ होंगे। मकबूल फिदा हुसेन ने साबित कर दिया है कि यह मुमकिन है। हुसेन ने खुद नहीं बताया है कि वे कतर की नागरिकता के प्रस्ताव का क्या करने जा रहे हैं। एक समाचार चैनल के अनुसार, उनका कहना है कि उन्हें इस प्रस्ताव पर एतराज नहीं [...]
Feb 27 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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ममता बनर्जी के रेल बजट पर सचिन की डबल सेंचुरी भारी पड़ गई। न्यूज़ चैनलों और अख़बारों ने डबल सेंचुरी को ज़्यादा तरजीह दी। बहुत से लोग मीडिया के रवैये से नाराज़ हैं। उनके मुताबिक रेल बजट जैसे गंभीर मुद्दे की जगह सचिन की डबल सेंचुरी को दिखा कर न्यूज़ चैनलों ने जनता के हितों [...]
Feb 25 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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कुछ मुद्दों पर बहस नहीं की जा सकती। खासकर उन मुद्दों पर जिनसे करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हों। सचिन तेंदुलकर का दोहरा शतक भी उन्हीं में से एक है। कई ज्ञानी कह चुके हैं कि क्रिकेट भारत में एक धर्म की तरह है और अगर क्रिकेट धर्म है तो सचिन तेंदुलकर उस क्रिकेट धर्म [...]
Feb 25 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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क्रिकेट का वनडे मैच भारत की लैंड लाइन टेलीफ़ोन जैसा है. 30-40 साल पहले भारत की आम जनता ने पहली बार काले रंग के डिब्बे को देखा तो यह अजूबा लगा. अब मोबाइल युग में किसी घर में टेलीफ़ोन देखते हैं, तो फिर से अजूबा लगता है. वनडे क्रिकेट का भी यही हाल होता जा [...]
Feb 25 2010 | Posted in
खेल |
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आज सुबह संसद में ममता बनर्जी की रेल खूब तेज रफ़्तार से दौड़ी। सुबह से ही न्यूज़ चैनलों पर ममता बनर्जी छाई हुईं थी। लेकिन शाम होते-होते सबकुछ बदल गया। ग्वालियर से सचिन एक्सप्रेस इतनी तेजी से दिल्ली की ओर दौड़ी कि ममता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। न्यूज़ चैनलों पर सिवाय सचिन तेंदुलकर के [...]
Feb 24 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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क्रिकेट प्रेमियों को आज की शाम हमेशा याद रहेगी। जिन लोगों ने भी स्टेडियम में या फिर टेलीविजन पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को खेलते देखा है वो इन पलों को शायद ही कभी भुला सकें। जिन्होंने रेडियो पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनी होगी, उनके कानों में वो गूंज शायद ही धीमी पड़े। मास्टर ब्लास्टर [...]
Feb 24 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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“सबसे बड़ी शर्म” और “पर्दाफाश” जैसे जुमलों के साथ ज़ी न्यूज़ ने रेल बजट से ठीक पहले एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाया। इसमें बताया गया कि चंद रुपये में “ट्रेन बिक जाती” है और महज “तीन हज़ार रुपये” में “प्लैटफॉर्म तक का सौदा” हो जाता है। यह भी खुलासा किया गया कि ट्रेन में सफ़र करते [...]
Feb 24 2010 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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