Archive for: March, 2010

एक्सप्रेस समूह और द हिंदू के संपादक एन राम में दो-दो हाथ

एक्सप्रेस समूह ने द हिंदू के संपादक एन राम के आरोपों को खारिज कर दिया है। समूह की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि द हिंदू के पारिवारिक झगड़े के बारे में फाइनेंशिअल एक्सप्रेस और द इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट पूरी तरह सही है। उस रिपोर्ट में दर्ज सभी तथ्य पुख्ता हैं। एक्सप्रेस ने पूरी तहकीकात के बाद ही अर्चना शुक्ला की वो रिपोर्ट प्रकाशित की। इसलिए समूह रिपोर्ट और रिपोर्टर दोनों के साथ हैं और एन राम की कानूनी कार्रवाई की धमकी से नहीं डरता।

ऐसे देखो तो “मर्यादा पुरुषोत्तम” राम भी बहुत “छिछोरे” लगते हैं

रामनवमी के मौके पर राम का गुणगान करने की परम्परा है। मेरी भी कई अखबारों के ‘विशेष लेखों’ पर नज़र पड़ी। कुछ को पढ़ा भी। ऐसा लगा कि लेखकों, संपादकों और प्रकाशकों का पूरा ज़ोर रस्म अदायगी पर ही है। सभी राम को अपने-अपने तरीके से याद करके श्रद्धांजलि देते हैं। जैसा दिवंगतों के लिए होता है। रामराज्य का बखान है, उपदेशों की भरमार है तो मौजूदा दौर को कोसने की प्रवृति की भी। इसी उकसावे से मेरे मन ने भी बहती गंगा में डुबकी लगाने का इरादा बना लिया। अंगुलिया मचलने लगीं। गुस्ताख़ी आपके सामने है।

“जीतने के लिए पूरी दुनिया है”

कानू सान्याल के इंटरव्यू का कुछ हिस्सा हमने जनतंत्र पर प्रकाशित किया था। उसमें उन्होंने मौजूदा दौर के नक्सली आंदोलन को आतंकवाद के समकक्ष खड़ा किया था। अब हम भारत में नक्सल आंदोलन के संस्थापकों में से एक कानू सान्याल का वो बयान आपसे साझा कर रहे हैं जो उन्होंने “पार्वथीपुरम नक्सलवादी षणयंत्र केस” में [...]

लोहिया के शिष्यों की औकात नहीं कि उनका सही मूल्यांकन करें

इस देश में गुरू-शिष्य परंपरा रही है। महान गुरुओं से सैकड़ों-हज़ारों शिष्य बाज़ार में घूम रहे हैं। ऐसे ही महान गुरुओं में एक हैं राम मनोहर लोहिया। बीते तीन दशक में उनके शिष्यों को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के जितने मौके मिले उतने कम ही लोगों को मिले होंगे। कुछ ने तो लोहिया को [...]

विज्ञापन एजेंसी को दोषी ठहरा कर रेलवे ने किया ब्लैकलिस्ट

ममता बनर्जी के रेलवे के एक विज्ञापन में दिल्ली पाकिस्तान में दिखाया गया और कलकत्ता बंगाल की खाड़ी में। मामला सामने आते ही पूर्वी रेलवे ने सारा दोष विज्ञापन एजेंसी ऐडयूनिक 76 के मत्थे जड़ा और उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया। पूर्वी रेवले की प्रेस विज्ञप्ती के मुताबिक विज्ञापन एजेंसी ने महाराजा एक्सप्रेस की शुरुआत पर [...]

साल भर का हुआ जनतंत्र, सफर जारी है

जनतंत्र को एक साल हो गया है। बीते साल मार्च में यह वेबसाइट शुरू हुई थी। अप्रैल में उसे नए सिरे से लॉन्च किया गया था। इस साल भी अप्रैल में आप जनतंत्र को नए अवतार में देखेंगे। जिसमें बहस के साथ ख़बरों पर भी जोर होगा। ख़बरों के पीछे के खेल पर भी नज़र [...]

विभूति का झूठ और कारुण्यकारा का सच

यह प्रोफेसर एल कारुण्यकारा का दूसरा ख़त है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के दलित प्रोफेसर कारुण्यकारा ने इस ख़त में कुलपति विभूति नारायण राय के झूठ से पर्दा उठाया है। वीएन राय का कहना है कि दलित छात्र कांबले को पीएचडी में दाखिला इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि वो सीट ओबीसी के लिए रिजर्व [...]

शिक्षा के लिए जिस्म का सौदा – यही भारत का भविष्य है!

यह रिपोर्ट बीबीसी की है। इसमें ब्रिटेन की त्रासद स्थिति का ब्योरा है। बताया गया है कि कैसे यूनिवर्सिटी की भारी फीस चुकाने के लिए लड़के-लड़कियां देह व्यापार के दलदल में फंसते जा रहे हैं। ऐसे छात्रों की संख्या तीन से बढ़ कर 25 फीसदी हो गई है। यह भारत के लिए भी ख़तरनाक संकेत [...]

VC विभूति की SC/ST कमिशन में होगी शिकायत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि वो खुद हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने जनतंत्र डॉट कॉम और मोहल्ला लाइव को दिए अपने साक्षात्कार में दलित प्रो. लैला करूण्यकारा के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। ब्राह्मणों को मां-बहन की [...]

सेक्सी बिपाशा की “बीडी” से “भक्ति” जलइले

बाजार भी कमाल की चीज है। कल तक जिस “बीड़ी जलइले”.. गाती हुई, कमर मटकाती हुई लड़की को देख, देश के ठुल्ले तक अपने को रोक नहीं पाए, उस गाने का ऐसा असर कि अच्छे-अच्छे मचलने लगें, आज उसी गाने के दम पर भक्ति पैदा करने के दावे किए जा रहे हैं। हिन्दी सिनेमा के [...]

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