विज्ञापन एजेंसी को दोषी ठहरा कर रेलवे ने किया ब्लैकलिस्ट
ममता बनर्जी के रेलवे के एक विज्ञापन में दिल्ली पाकिस्तान में दिखाया गया और कलकत्ता बंगाल की खाड़ी में। मामला सामने आते ही पूर्वी रेलवे ने सारा दोष विज्ञापन एजेंसी ऐडयूनिक 76 के मत्थे जड़ा और उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया।
पूर्वी रेवले की प्रेस विज्ञप्ती के मुताबिक विज्ञापन एजेंसी ने महाराजा एक्सप्रेस की शुरुआत पर यह विज्ञापन डिजाइन किया और जारी किया। विज्ञापन में भारत का नक्शा तो ठीक है लेकिन शहरों को ग़लत जगह दिखाया गया। आप उस विज्ञापन पर नज़र डालिए। उसमें न केवल दिल्ली और कोलकाता बल्कि सभी शहरों को ग़लत दिखाया गया है। ग्वालियर गुजरात में है। गया और बांधवगढ़ भी बंगाल की खाड़ी में। आगरा राजस्थान में। बनारस उड़ीसा में। आखिर कोई इतनी ग़लतियां कैसे कर सकता है? और अगर ऐसी ग़लती हो गई है तो उस विज्ञापन को जारी कैसे किया जा सकता है?
पूरी रेलवे का यह भी दावा है कि जब विज्ञापन का डिजाइन विभाग ने पारित किया था तो उसमें ऐसी कोई ग़लती नहीं थी और विभाग की तरफ से सारी जानकारियां सही दी गई थीं। मतलब सारी ग़लती विज्ञापन एजेंसी की। लेकिन सवाल उठता है कि क्या विज्ञापन सार्वजनिक करने से पहले कोई अधिकारी उस पर नज़र डालता है या नहीं?
महाराजा एक्सप्रेस एक सुपरलक्जरी ट्रेन है। इसमें वो तमाम सुविधाएं और ऐशो-आराम मुहैया कराए जाते हैं जिससे आप शाही अंदाज में यात्रा कर सकें। विदेशी सैलानियों और अमीर भारतीयों को ध्यान में रख कर लॉन्च की गई महाराजा एक्सप्रेस कोलकाता कोलकाता से गया, वाराणसी, बांधवगढ़, खजुराहो, ग्वालियर और आगरा होते हुए दिल्ली तक का सफ़र तय करेगी। इसी रूट को नक्शे पर दिखाया गया था और उसी में यह सारी गड़बड़ी हुई।
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