मुंबई से फिल्म निर्देशक का फोन आया कि फिल्म के संवाद रोमन लिपि में लिखे जाएं। क्यों? इसलिए कि अभिनेताओं में से कुछ हिंदी बोलते-समझते हैं लेकिन नागरी लिपि नहीं पढ़ सकते। कैमरामैन गुजरात का है। वह भी हिंदी समझता-बोलता है लेकिन पढ़ नहीं सकता… इसी तरह… फिल्म से जुड़े हुए तमाम लोग हैं। फिल्मी [...]
Mar 16 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
आजादी के बाद जिस जननेता की विचारधारा का सहारा लेकर कुर्सी का खेल सर्वाधिक किया गया, वो डॉ लोहिया हैं। लालू ,मुलायम सरीखे धुरंधरों ने खुद को लोहियावादी बताते हुए लोकतंत्र की छाती पर अपने महल बनाए, उन महलों में अपने भाइयों, भतीजों, और बच्चों का भरा पूरा कुनबा बसाया और खुद सिंहासन पर जा [...]
Mar 15 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
पिछले दिनों महिला आरक्षण बिल के राज्यसभा में पास हो जाने की खबर ने सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोरीं। इन दिनों समाज में जेन्डर इक्वेलिटी पर नई बहस छिड़ी है। लेकिन इस राजनीतिक बहस के बीच मेरा ध्यान दो छोटी-छोटी खबरों ने ज्यादा आकर्षित किया। 13 मार्च (शनिवार) को पहले पन्ने की खबर बनी, थल और [...]
Mar 15 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
महिला आरक्षण विधेयक की इस समय वाहवाही हो रही है। चारों ओर समर्थन का कोलाहल मचा हुआ है। विरोध की आवाज कहीं से सुनाई नहीं देती, आरक्षण-विरोध का हल्ला मचाने वाले डॉक्टरों-इंजीनियरों के फोरम चुप हैं। कुछ-कुछ वैसा ही दृश्य बना है जैसा मंडल-विरोध के दिनों में बना था, जब सब ओर विरोध के स्वर [...]
Mar 15 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
यह मानते हुए भी मेरी समझ में नहीं आता कि स्त्रियों के लिए आरक्षण के जिस विधेयक पर इतना शोर बरपा हुआ है, उसकी अवधि सिर्फ पंद्रह साल क्यों है। मजे की बात यह है कि इस पंद्रह साल वाले प्रावधान पर कोई चर्चा भी नहीं हो रही है।
Mar 15 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
जनतंत्र को कुछ दिन में नए रंग-रूप में लॉन्च करने की तैयारी है। इस पर बहस के साथ थोड़ी-बहुत ख़बरें भी दी जाएंगी। बहस का कोना अलग। ख़बरों का अलग। इसके लिए हमारी टीम कई प्रयोग कर रही है। जिसकी वजह से अगले दो-तीन दिन तक आपको बीच-बीच में वेबसाइट पर कुछ उटपटांग चीजें नज़र [...]
Mar 14 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
महिला आरक्षण विधेयक अगर पास हो गया, तो कोई प्रलय नहीं आ जाएगा। लेकिन मीडिया में और खासकर महिला जगत में इसे ले कर उत्सव का जो माहौल है, वह लगभग अश्लील जान पड़ता है। इनके मूड से ऐसा लगता है जैसे जन्नत का एक-तिहाई हिस्सा महिलाओं को सौंप दिया जानेवाला है और कुछ गंवार [...]
Mar 13 2010 | Posted in
ब्लॉग |
Read More »
फैशन टीवी पर नौ दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। अश्लीलता फैलाने और नियमों के उल्लंघन के मामले में यह रोक लगाई गई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक भारत में शुक्रवार सात बजे से लेकर 21 मार्च सात बजे तक चैनल का प्रसारण रुका रहेगा। चैनल पर बीते साल एक शो के [...]
Mar 12 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
Read More »
यह एक बड़ी हक़ीक़त है कि महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पास हो गया है। इसलिए बहस का यह मुद्दा कतई नहीं हो सकता कि महिलाओं को आरक्षण दिया जाए या नहीं। देर सवेर यह आरक्षण उन्हें मिलना ही है। इसलिए बहस इस पर होनी चाहिए कि क्या दलितों-आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों, को उनका हक़ [...]
Mar 12 2010 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
Read More »
एक मुहावरा है — ‘जबरा मारे, रोवै न दे’। इसका मतलब ये है कि पहले किसी की पिटाई हो, फिर जब वो दर्द से रोने लगे, तब उसकी फिर इसलिए और पिटाई की जाए कि रोना बन्द करो, ख़बरदार जो मुंह से कोई आवाज़ निकली, वर्ना और पिटोगे। महिला आरक्षण विधेयक ने हमारे तमाम सांसदों [...]
Mar 12 2010 | Posted in
ब्लॉग |
Read More »