अकेले हैं, तो क्या गम! किराये पर लीजिए दोस्त, कीमत 6.50 पाउंड प्रति घंटा
अब तक तो हम डेटिंग साइट, मेट्रोमोनियल साइट, आदि के बारे में सुनते रहे हैं। अब इस कड़ी में एक नया आइडिया है दोस्ती को समर्पित एक वेबसाइट का। यहां जिस्मानी भूख, या जीवन साथी की खोज या कारोबारी गतिविधियों से जुडे लोग अपना स्वार्थ पूरा करने नहीं आते बल्कि एक नि:स्वार्थ, आत्मिक और भावनात्मक स्तर पर यानी प्लेटोनिक स्तर लोग जुडेंगे।
अमेरिका में इंटरनेट के कारोबार से जुड़े कारोबारी ने वेबसाइट लॉन्च की है, जहां आप 6.50 पाउंड प्रति घंटे की मामूली सी कीमत पर अपने लिए दोस्त किराये पर ले सकते हैं।
आज दुनिया भर के महानगरों की सच्चाई है कि यहां हर कोई भीड़ में तो रहता है लेकिन बिल्कुल अकेला होता है। कई बार लोग एक ऐसे दोस्त की तलाश करने लगते हैं, जिसके साथ वो हमेशा के लिए तो नहीं जुडना चाहते हैं, लेकिन जो उसकी तनहाई को मिटा सकता है। और उसके लिए भावनात्मक और सुरक्षात्मक संबल बन सकता है।
30 वर्षीय अमेरिकी कारोबारी स्कॉट रॉजेनबम ने इसी बातों को ध्यान में रखकर डेटिंग साइट से एक कदम पीछे हटकर बिल्कुल पवित्र दोस्ती को समर्पित एक वेबसाइट बनाने का सपना देखा।
आज उसकी 218000 पुरष और महिलाएं उसके वेब साइट की सदस्य हैं। ये बस घूमने के लिए, मूवी देखने के लिए या नए शहर में एक मित्र का साथ पाने के लिए एक दूसरे को किराए पर ले सकते हैं या खुद को किराए पर उपलब्ध कराते हैं।
इस साइट से जुडे लोग प्रति माह इस साइट का इस्तेमाल करने के लिए 16 पाउंद अदा करते हैं। और जब उन्हें कोई साथी पसंद आ जाता है, तो वे बस 6.50 पाउंड प्रति घंटे की कीमत से उसे किराए पर ले सकते हैं।
रोजेनबम ने प्रसिद्ध पत्रिका दि टाइम को कहा कि आज कोई भी वेबाइट दोस्ती ऑफर नहीं कर रहा है। ऐसे में उनका विचार नया है।
इस वेबसाइट से जुडे लोग नए शहर के मैनर्स सीखने के लिए, स्नोबोर्डिंग या पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए इस साइट में अपने दोस्त ढूंढते हैं।
(इंटरनेट की दुनिया से)
Last 5 posts by संजय कुमार साह
- अजहर-ज्वाला के संबंधों ने जलाया संगीता का दिल - July 27th, 2010
- ट्रेजरी घोटाला : पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पर लगाया स्टे - July 23rd, 2010
- विशालतम तारे की खोज, सूरज से 320 गुणा बड़ा - July 23rd, 2010
- एड्स के रोकथाम में एक बडी सफलता हाथ लगी - July 20th, 2010
- खाद्य पदार्थो की महंगाई दर बढ़कर 12.81 प्रतिशत हुई - July 15th, 2010
Short URL: http://www.janatantra.com/news/?p=13841






