कैमरन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिले
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन गुरवार को भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिले। इस मुलाकात में उन्होंने आपसी व्यापार, आतंवाद और सांस्कृतिक संबंधों के ऊपर बातें कीं। कैमरन की दो दिवसिय भारत यात्रा का आज अंतिम दिन है।
गुरवार को कैमरन सबसे पहले भारत के विदेश मंत्री एस एम कृष्णा से मिले और उनसे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों सहित अफगानिस्तान और पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार, व्यापारिक संबंध और नागरिक परमाणु सहयोग जैसे विषयों पर बात की।
कैमरन गुरवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेंगे, जिसमें दोंनों देशों के बीच सांस्कृति संबंधों सहित कई अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
आतंवाद के मामले में साफ लहजे में बोलना जरूरी
बुधवार को पाकिस्तान पर आतंकवाद का निर्यात करने का खुला आरोप लगाने के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की हुई आलोचना पर कैमरन ने दिल्ली में कहा कि स्पष्ट लहजे में बोलना जरूरी है।
उन्होंने हालांकि कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद पर लगाम लगाने की काफी कोशिश की है। लेकिन उसे और भी बहुत कुछ करना है। और हम आतंकवाद के विरुद्ध काम करने में पाकिस्तान का साथ देंगे।
उन्होंने बुधवार को यह भी कहा था कि पाकिस्तान के भीतर ही कुछ ऐस समूह हैं, जो आतंकवाद को मदद कर रहे हैं और अपने देश सहित अफगानिस्तान और खुद ब्रिटेन में बिटिश नागरिकों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
कैमरन विकिलिक्स वेबसाइट पर अमेरिकी दस्तावेजों के लीक होने के बाद से पाकिस्तान पर सख्त नाराज हैं। इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान का इंटरसर्विसेज इंटेलीजेंस अफगानिस्तान में छुपेतौर पर आतंकवादियों को मदद कर रहा है।
ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद समसुल हसन ने कैमरन की टिप्पणी पर ऐतराज प्रकट किया था। उसका कहना था कि विकिलिक्स पर छपी सामग्री पर भरोसा करना उचित नहीं है, क्योंकि उसकी विश्वसनीयता का कोई भरोसा नहीं है।
हसन ने कहा पाकिस्तान ने आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए काफी कुछ किया है। इसे नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उसने कहा कि कैमरन के बयान से क्षेत्रीय शांति को खतरा पहुंच सकता है। और पाकिस्तान के लोगों को कैमरन के बयान से काफी दुख पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि कैमरन ने भूल से यह टिप्पणी कर दी है और जल्द ही इस टिप्पणी को वे सुधार लेंगे।
उन्होंने कहा कि कैमरन अभी सरकार में नए हैं, जल्द ही उनमें कूटनीतिक समझदारी पैदा हो जाएगी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसफ अली जरदारी अगले सप्ताह ब्रिटेन का दौरा करने वाले हैं।
कश्मीर पर मध्यस्थता करने से कैमरन ने किया इनकार
ब्रिटेन के पधानमंत्री डेविड कैमरन ने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद पर मध्यस्थता करने से इनकार किया है।
कैमरने ने बुधवार को एनडीटीवी पर अपने साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को यह समस्या खुद हल करना है।
कैमरन ने भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए विदेश मंत्री स्तर की वार्ता का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन ने दोनों देशों के बीच बात चीत का नया दौर शुरू होने का स्वागत किया है।
आर्थिक संकट, वैश्विक असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत और ब्रिटेन एक जुट होने जा रहा है
भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बुधवार को इनफोसिस टेक्नोलॉजी में दिए अपने 30 मिनट के भाषण में कहा कि आर्थिक संकट, वैश्विक असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत और ब्रिटेन एक जुट होने जा रहा है।कैमरन ने अपने भाषण के दौरान कहा कि वे एक व्यावहारिक नेता हैं। और जब वक्त आता है तो हर सवाल का जवाब देना होता है। इसी सवाल का जवाब देने के लिए वे भारत आए हैं।
कैमरन ने कहा कि ये सवाल हैं आर्थिक संकट, वैश्विक असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन। इसका जवाब देने के लिए भारत और ब्रिटेन एक होने जा रहा है।
भारत और ब्रिटेन के सांस्कृतिक संबंधों में शाहरुख खान, भोजन और क्रिकेट की भूमिका अहम
दैनिक समाचार पत्र ‘द हिंदू’ में बुधवार को प्रकाशित अपने लेख में कैमरन ने लिखा, “हमारे बीच सांस्कृतिक रूप से काफी समानता है, चाहे वह शाहरूख खान को देखना हो, एक जैसा खाना हो या क्रिकेट देखने की बात हो।”
उन्होंने कहा कि मैं ‘भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों के पुननिर्धारण और इन्हें मजबूत और विस्तृत बनाने के लिए भारत आया हूं।”
भारत की उभरती अर्थव्यवस्था और विश्व पटल पर भारत की बढ़ती भूमिका के संबंध में उन्होंने कहा, “अमेरिका में कहा जाता है कि अवसर और भाग्य की तलाश है तो पश्चिम की तरफ जाओ लेकिन अब उद्यमिता और भविष्य पूर्व की तरफ है।”
उन्होंने लिखा, “मैं .. बेंगलुरू से बर्मिघम तक के सभी लोगों को अवसर दिलाना चाहता हूं। सामूहिक रणनीति अपनाने से आर्थिक विकास की प्रक्रिया से हम लाभान्वित होंगे।”
पाकिस्तान दूसरे देशों में आतंकवादी भेजने से बाज आए
इनफोसिस में दिए अपने भाषण में ब्रिटेन के युवा प्रधानमंत्री ने पूरी राजनीतिक कुशलता का परिचय देते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कडी चेतावनी दी। निश्चित रूप से अपने स्पष्ट बयानी से उन्होंने गुरवार को दिल्ली में भारत के शीर्ष अधिकारियों से होने वाली मुलाकात के पहले ही उनका दिल जीत लिया।
उन्होंने बिल्कुल साफ लहजे में कहा कि इस देश को आतंवादी गतिविधियों में लिप्त समूहों से अपने संबंध खत्म करने चाहिएं। साथ ही उसे भारत या अफगानिस्तान या किसी भी देश में आतंकवादी भेजने की इजाजत नहीं है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन बुधवार तड़के भारत की दो दिवसीय यात्रा पर बेंगलुरू पहुंचे। उनके साथ आया व्यापारिक शिष्टमंडल अब तक का सबसे बडा शिष्टमंडल है।
बेंगलुरू के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) स्थित हवाई अड्डे पर कर्नाटक के गृह मंत्री वी.एस. आचार्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कैमरन का स्वागत किया।
बुधवार को कैमरन ने बंगलुरु के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज से मुलाकात की और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के कर्मचारियों को संबोधित किया। (एजेंसियां)
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