राष्ट्रमंडल खेल: आयोजन समिति से मांगा ‘देरी’ व ‘खर्च’ का ब्यौरा

कैबिनेट सचिव के. एम. चंद्रशेखर ने राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति से खेल परियाजनाओं के पूरा होने में विलंब, पूरे खर्च और कथित अनियमितताओं के बारे में पूरा विवरण देने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी है।

सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि चंद्रशेखर शनिवार को आयोजन समिति के कार्यालय का दौरा करने वाले थे लेकिन बाद में उन्होंने अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की ओर से भी खेल परियाजनाओं में अनियमितता की बात कही गई है।

समिति के एक अधिकारी ने कहा कि चंद्रशेखर का दौरा रद्द होने का सीवीसी रिपोर्ट से कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारी ने कहा, “कैबिनेट सचिव नियमित तौर पर दौरा करते रहते हैं, जिसे इस बार स्थगित किया गया है। वह किसी और दिन आयोजन समिति के कार्यालय का दौरा कर सकते हैं।”

सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट सचिव ने आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी को एक पत्र लिखा है। इसमें विभिन्न परियोजनाओं में देरी और खर्च के बारे में विवरण मांगा गया है। चंद्रशेखर की ओर से शुक्रवार को खेल की तैयारियों के बारे में खेल मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा करने के बाद यह पत्र लिखा गया है।

सीवीसी रिपोर्ट और मीडिया की खबरों में कहा गया है कि राष्ट्रमंडल खेलों की मशाल यात्रा ‘क्वीन्स बैटन रिले’ के आयोजन के लिए लंदन स्थित कंपनी ‘ए. एम. फिल्म्स’ को पैसे स्थानांतरित किए जाने की पड़ताल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की जा रही है। पैसे आयोजन समिति की ओर से स्थानांतरित किए गए थे।

रिपोर्ट में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, नीलामी प्रक्रिया में गड़बड़ी, गैर जरूरी परियोजनाओं को मंजूरी, ठेकेदारों के चयन में पक्षपात तथा निजी निविदाकारों को नीलामी के बाद आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ की अनुमति जैसी अनियिमितताएं शामिल हैं।

सीवीसी की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रमंडल खेल गांव तरणताल, प्रशिक्षण हॉल और एथलेटिक्स ट्रैक सहित इन खेलों से जुड़ी 16 परियोजनाओं के दौरान भारी अनियमितिता बरती गई है।

इसके अलावा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा नेशनल स्टेडियम और एसपीएम तैराकी स्थल में किए गए पुनर्निमाण कार्य के दौरान भी धांधली की गई है।

साथ ही साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में किए गए निर्माण कार्य के दौरान तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा किए गए कार्यो में भी अनियमितता बरती गई है।

सीवीसी की रिपोर्ट में जिन 16 खेल परियोजाओं पर ऊंगली उठाई है, उनमें खेल गांव तरणताल, प्रशिक्षण हाल और अथलीट ट्रैक दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधीन हैं, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम और एसपीएम तरणताल केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के जिम्मे है। वहीं तालकटोरा स्टेडियम का सुधार कार्य नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के तहत हुआ है। इसके अलावा कुछ अन्य परियोजनाएं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मातहत रही हैं। (आईएएनएस)।

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Posted by on Jul 31 2010. Filed under देश - दुनिया. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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