केबिनेट मंत्रियों की औसत उम्र कम करना चाहते हैं प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि संसद के अगले सत्र से पहले केबनेट में फेरबदल कर सकते हैं। संसद का शीतकालीन सत्र 7 नवंबर से शुरू हो रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वह कैबिनेट की औसत उम्र कम करना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि उनकी कैबिनेट अच्‍छा काम कर रही है, फिर भी कैबिनेट की औसत उम्र कुछ कम किए जाने की जरूरत है। गृह मंत्री पी. चिदंबरम का खास तौर पर नाम लेते हुए उन्‍होंने कहा कि वह काफी अच्‍छा काम कर रहे हैं।

सोमवार को संपादकों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने सरकार में युवाओं को मौका देने की बात करते हुए यह भी साफ कर दिया कि फिलहाल उन्‍होंने रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोचा है।भारत में नेताओं की उम्र अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है। बेहद मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था वाले दुनिया के ज्‍यादातर देशों में मंत्रियों की औसत उम्र देश के लोगों की औसत उम्र की तुलना में अधिकतम 10 साल ज्‍यादा है। पर भारत में यह अंतर ढाई गुना ज्‍यादा है।

मनमोहन सिंह भारत के सबसे उम्रदराज प्रधान मंत्री नहीं हैं।अटल बिहारी वाजपेयी, पीवी नरसिंह राव 75 साल के बाद ही प्रधानमंत्री बने और मोराराजी देसाई की उम्र प्रधानमंत्री बनने के वक्‍त 81 साल थी।

अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वह कैबिनेट की औसत उम्र घटाएंगे तो हो सकता है वह कुछ कम उम्र के सांसदों को मंत्री बनाएं। संभव है राहुल गांधी भी एक नाम हो सकते हैं। हालांकि राहुल को कांग्रेस अभी बिहार विधानसभा चुनाव में ज्‍यादा व्‍यस्‍त रखना चाहेगी। बिहार विधान सभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है ।औऱ कांग्रेस इस बार वहां अकेले चुनाव लड़ रही है ।इसलिए कांग्रस अपने स्टार प्रचारक को निश्चित रूप से इन चुनावों में झोंक देगी।

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Posted by on Sep 6 2010. Filed under देश - दुनिया, सुर्ख़ियां. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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