राष्ट्रीय चैंपियन समेत तीन तैराक भी डोपिंग के दोषी

छह पहलवानों और दो एथलीटों के डोप टेस्ट में फेल होने को लेकर उठा तूफान अभी थमा भी नहीं था कि रविवार के तीन तैराकों रिचा मिश्रा,ज्योत्सना पंसारा और अमर मुरलीधरन के डोपिंग में पकड़े जाने से देश को एक बार फिर शर्मसार होना पड़ा है। अगर यही रफ्तार रही तो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले ही हर खेल में डोपिंग में दोषी पाए जाने वाले खिलाडि़यों की अलग टीम तैयार हो जाएगी। शुक्र है कि यह शर्मिदगी भारत को खेलों के आयोजन से पहले ही उठानी पड़ रही है, अन्यथा खेलों के दौरान भारतीय खिलाड़ी डोपिंग में पकड़े जाते तो विश्व भर में हमारी प्रतिष्ठा धूल में मिल जाती।

जयपुर में हाल में संपन्न हुई 64वीं राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ महिला तैराक चुनी गई रिचा मिश्रा सहित तीन तैराकों को डोपिंग का दोषी पाया गया है। इनमें से दो खिलाड़ी अगले महीने होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की टीम में शामिल थीं। रिचा के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय टीम में शामिल ज्योत्सना पंसारे और अमर मुरलीधरन भी डोप परीक्षण में पॉजीटिव पाए गए।

स्वीमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तीनों तैराकों को निलंबित कर दिया है। इन तीनों तैराकों का गत 24 से 28 अगस्त तक संपन्न सीनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में डोप टेस्ट किया गया था। इनको विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से प्रतिबंधित शक्तिव‌र्द्धक दवा मिथाइल हेक्सा नियामाइन के सेवन का दोषी पाया गया है।

भारतीय तैराकी महासंघ के सचिव वीरेंद्र नानावटी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने हमें तीन तैराकों के डोप परीक्षण में असफल रहने के बारे में सूचित किया है। उनके नमूने जयपुर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान लिए गए थे। वे बी नमूने की जांच के लिए कह सकते हैं, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत फैसला होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद हम देखेंगे कि क्या होता है। यदि रिचा और ज्योत्सना का बी नमूना भी पॉजीटिव रहता है तो हम उन्हें टीम से बाहर कर देंगे।

गौरतलब है कि रिचा ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान तीन वैयक्तिक स्वर्ण पदक जीते थे। इनमें से उन्होंने 200 मीटर वैयक्तिक मिडले में मीट रिकॉर्ड बनाया था। ज्योत्सना ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीता था।

इन तीन तैराकों को मिलाकर कुल 11 भारतीय खिलाड़ी अब तक डोप टेस्ट में नाकाम हो चुके हैं। गुरूवार को छह पहलवानों और इसके एक दिन बाद दो एथलीटों और एक नेटबॉल खिलाड़ी भी प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के दोषी पाए जाने के कारण डोप टेस्ट में फेल हो चुके थे। इनमें से चार पहलवान और एक एथलीट का चयन राष्ट्रमंडल खेलों के लिए किया जा चुका था। लेकिन बाद में इन्हें टीम से हटा दिया गया। सभी छह पहलवानों ने अपना बी नमूना परीक्षण के लिए दिया है।

राष्ट्रमंडल खेलों में पदक के प्रबल दावेदार युवा तैराक एमबी बालाकृष्णन पर रविवार को यहां जानलेवा हमला किया गया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना के बाद तमिलनाडु के इस युवा तैराक के तीन से 14 अक्टूबर तक दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में भाग लेने पर भी सवालिया निशान लग गया है।

यह हमला तब हुआ ,जब बालकृष्णन स्लीमिंग पूल पर अभ्यास के बाद घर लौट रहे थे, तब चार अज्ञात लोगों ने उन पर डंडों और धारदार हथियारों से वार किया। बुरी तरह से घायल बालाकृष्णन को तुरंत ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस साल के शुरू में ढाका में हुए 11वें दक्षिण एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता बालाकृष्णन यहां अन्ना विश्वविद्यालय के गिंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं। उन्होंने जयपुर में पिछले महीने हुई 64वीं सीनियर राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में 50 मीटर और 100 मीटर बैकस्ट्रोक में नया रिकॉर्ड बनाया था। मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

एजेंसियां

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Posted by on Sep 6 2010. Filed under खेल, तीर-ए-नज़र. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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