जली कुरान तो पूरी दुनिया में इसाईयों एवं मुसलमानों के बीच मच जाएगा कोहराम

अमेरिकी संगठन डव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर के कुरान जलाने की अपील पर न सिर्फ मुस्लिम देशों में बल्कि अमेरिका में ही इसकी कड़ी एवं व्यापक प्रतिक्रिया हुई है। अमेरिका ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है। विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इसे असभ्य और शर्मनाक बताया है। इधर 9/11 की बरसी पर कुरान जला कर विरोध जताने के एक कट्टर पादरी के अटल निर्णय के खिलाफ मुसलमानों का गुस्‍सा बढ़ रहा है।

ईरान, इराक, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया सहित कई देशों में भी इसका जबरदस्त विरोध हुआ है। कई देशों में इस अपील के खिलाफ लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कुरान की प्रति जलाए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

कुरान के जलाये जाने से पूरी दुनिया में इसाईयों एवं मुस्लिमों के बीच टकराव बढने के आसार पैदा होने लगे हैं। इससे पूरी दुनिया की राजनीति में उथल-पुथल होने की आशंका बढने लगी है।

अमेरिकी संगठन डव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर ने 9/11 की बरसी पर लोगों से कुरान की प्रति जलाने की अपील की है। फ्लोरिडा के एक चर्च के पैस्‍टर टेरी जोन्‍स ने शनिवार (11 सितंबर) को कुरान की प्रतियां जलाने का फैसला बदलने से मना कर दिया है। भारी विरोध के बावजूद यह संगठन अपनी अपील वापस लेने को तैयार नहीं है।

इसके बाद मुसलमानों ने भी उस दिन प्रदर्शन का ऐलान किया है। ट्राई-सिटीज इस्‍लामिक सेंटर के नेता कलीमुल्‍ला ने कहा है कि वह शनिवार को ही सिएटल और फ्लोरिडा में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस बीच, कुरान जलाने के निर्णय पर हो रहे विश्वव्यापी विरोध को नजरअंदाज करते हुए अमेरिका के एक ईसाई पादरी ने कहा है कि इस योजना को जरूर अंजाम दिया जाएगा। कुरान जलाने के इस फैसले का न सिर्फ व्हाइट हाउस और अफगानिस्तान में तैनात शीर्ष अमेरिकी जनरलों ने बल्कि दुनिया भर के नेताओं ने भी विरोध किया है। इनका मामना है कि ऐसा करने से विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों की जान को खतरा हो सकता है।

वैटिकन भी कुरान जला कर विरोध जताने को गलत बता रहा है। हालीवुड अदाकारा एंजेलीना जोली ने भी इसका विरोध करते हुए कहा है कि कोई किसी की धार्मिक पुस्‍तक कैसे जला सकता है।

पर डव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर के पैस्टर टेरी जोन्स ने कहा कि वे सरकार की चिंता को समझते हैं लेकिन न्यूयार्क पर आतंकी हमले की बरसी को मनाने के लिए वे इस योजना को अमल में लाने पर प्रतिबद्ध हैं।उनका कहना है कि कट्टरपंथी मुसलमानों को संदेश देने के लिए कुरान जला कर विरोध जताना जरूरी है।

इस बीच ओबामा प्रशासन ने इस अपील को ‘गैर अमेरिकी’ बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने उम्मीद जताई कि अपील करने वाले लोग ऐसी किसी घटना को अंजाम नहीं देंगे। क्राउले ने कहा कि ‘ अपील करने वाले पादरी का मानना है कि वह इस घटना को चरमपंथ से लड़ने के लिए अंजाम दे रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटना अगर होती है तो चरमपंथ को बढ़ावा ही मिलेगा।’ उन्होंने अमेरिकी जनता से भी इसका विरोध करने की अपील की है।

विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने विदेश विभाग के मुख्यालय में आयोजित इफ्तार के दौरान तल्ख स्वर में कहा कि मैं अमेरिका के सभी धार्मिक नेताओं और धर्म निरपेक्ष अमेरिकी नेताओं द्वारा की गई इस असभ्य और शर्मनाक कृत्य की निन्दा का समर्थन करती हूं। अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के कमांडर डेविड पेट्रायस ने कहा है कि इस अपील से अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेनाओं पर खतरा बढ़ गया है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नजदीक मस्जिद निर्माण के प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में पहले से ही काफी हंगामा मचा हुआ है।

जोन्‍स के फैसले का मुस्लिम देशों में कड़ा विरोध हो रहा है। अफगानिस्‍तान में मुसलमानों ने प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी सैनिकों के काफिले को निशाना तक बनाया। बाढ़ की विभीषिका से जूझने के बावजूद पाकिस्‍तान में भी मुसलमान विरोध के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।

एजेंसियां

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Posted by on Sep 9 2010. Filed under तीर-ए-नज़र, देश - दुनिया, सुर्ख़ियां. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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