केरल के आईजी पर लश्कर का सहयोगी होने का शक
यूं तो पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का जाल पूरी दुनिया में फैला हुआ है। और पूरी दुनिया में इस आतंकी संगठन के सहयोगी मौजूद हैं। पर अगर इसके सहयोगी पुलिस अधिकारी हों तो यह अचरज का विषय भी है साथ ही साथ शर्म का भी। अगर रक्षक ही भक्षक का साथ देने लगें तो आम आदमी और देश की सुरक्षा का क्या होगा,इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही एक वाकया सामने आया है जिसमें केरल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा से सांठगांठ का मामला सामने आया है।
सूत्रों के मुताबिक नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) के पास केरल पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) तोमीन ठाकनकरी के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा से संपर्क के सुबूत मौजूद हैं। तोमीन पर आरोप है कि उन्होंने लश्कर के एक आतंकवादी को भारत आने में मदद करने की कोशिश की है। इस आतंकवादी की बेंगलुरु धमाके में कथित तौर पर भूमिका है।
एनआईए ने इस सिलसिले में मंगलवार को तोमीन से पूछताछ की है। एनआईए इस मामले में एक रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केरल के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर तोमीन ठाकनकरी की हाल ही में कतर की यात्रा का ब्योरा मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने कतर में मौजूद भारत की राजदूत दीपा गोपालन वाधवा से तोमीन की कतर यात्रा के बारे में पूछताछ कर बयान रिकॉर्ड किया है। इस मामले में कतर दूतावास और दूसरी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की ओर से 1987 बैच के आईपीएस अफसर तोमीन की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर मिली शिकायतों के बाद सरकार ने एनआईए को इस मामले की जांच सौंपी थी।
तोमीन पर आरोप है कि कतर यात्रा के दौरान तोमीन की मुलाकात एक संदिग्ध शख्स से हुई थी, जिसके तार भारत में हुई आतंकवादी वारदातों से जुड़े हैं। हालांकि तोमीन ने इन आरोपों को गलत बताया है।
तोमीन ठाकनकरी पर आरोप है कि कतर में उन्होंने खाड़ी देशों के आतंकी संगठनों से जुड़े केरल मूल के कुछ लोगों से मुलाकात की थी और तोमीन ने उन्हें केरल लौटने में मदद का वादा किया था। विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने केरल सरकार को इस मामले की छानबीन करने को कहा है।
गौरतलब है कि तोमीन ठाकनकरी की छवि विवादास्पद रही है। कुछ ही महीने पहले जब तोमीन कन्नूर के आईजी (पुलिस) के पद पर थे, तब उनपर सरकार की इजाजत के बिना सेवा शर्तों के खिलाफ जाते हुए विदेश यात्रा करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। 2007 में तोमीन को आय के ज्ञात स्रोतों से ज़्यादा संपत्ति होने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में हाई कोर्ट ने उन्हें बहाल कर दिया था। इस मामले में सतर्कता आयोग की जांच चल रही है।
साफ है कि लश्कर-ए-तोएबा जैसे आतंकवादी संगठनों ने देश में न सिर्फ अपने स्लिपर सेल्स और एजेंट बना लिए हैं, बल्कि उसने पुलिस के आला अफसरों से भी सांठगांठ कर ली है। एनआईए इस बाबत जांच कर रहा है। गौरतलब है कि लश्कर-ए-तोएबा ने देश में कई बम विस्फोटों और हत्याओं समेत कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया है।
एजेंसियां
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