अब कैंसर नहीं रहेगी लाइलाज बीमारी

दुनिया भर के वैज्ञानिक कैंसर के इलाज के लिए नये -नये खोज करने में लगे हैं ।लगता है उनकी मेहनत रंग ला रही है ।जानलेवा बीमारी कैंसर को खत्म करने की दिशा में वैज्ञानिकों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने जानलेवा और लाइलाज बीमारी कैंसर के कारणों तथा उसका इलाज खोज लिया है।

उन्होंने एक ऐसी दवा का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है जो आनुवांशिक आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए ट्यूमर पर हमला करती है। हर साल 75 लाख से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली इस बीमारी से लड़ने में यह खोज काफी अहम साबित होगी।

इस सफलता की तुलना पेनसिलीन की खोज से की जा रही है, जिसे दुनिया का पहला एंटीबायोटिक कहा जाता है। ब्रिटेन के कैंसर जीनोम प्रोजेक्ट के प्रमुख प्रोफेसर मार्क स्ट्राटन ने बुधवार को बताया कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में शोधकर्ताओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

रेडियो 4 के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कैंसर के जिनोम में जितने तरह के भी बदलाव हो सकते हैं, उन सभी का पता लगाना संभव हो गया है। अब हम इस बीमारी के कारणों को पूरी तरह समझ पाएंगे। यह कैंसर के खात्मे की शुरुआत है। पीएलएक्स 4032 नामक यह दवा त्वचा कैंसर के ट्यूमर को 80 फीसदी तक नष्ट कर सकती है।

गौरतलब है कि जीन में बदलाव के कारण ही हर तरह का कैंसर होता है। गलत डीएनए की पहचान करने की दिशा में हाल के वर्षो में काफी प्रगति हुई है। जीन सिक्वेंसिंग टेक्नोलॉजी के आने के बाद इसमें तेजी आई है। जीन को निशाना बनाने वाली दवा का फायदा यह है कि वह सिर्फ बीमार कोशिकाओं पर ही हमला करती है और स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती हैं।

हालांकि इस दवा की खोज के बाद भी शोधकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती है। अभी उन्हें अलग-अलग तरह के कैंसर के मामले में जीन में होने वाले सभी बदलावों का पता लगाना है। शोधकर्ताओं का लक्ष्य ट्यूमर में नजर आने वाली सभी आनुवांशिक (जेनेटिक) गड़बडि़यों की सूची बनाना है।

एजेंसियां

Last 5 posts by डेस्क

Short URL: http://www.janatantra.com/news/?p=18023

Posted by on Sep 16 2010. Filed under तीर-ए-नज़र, सेहत, स्पेशल रिपोर्ट. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

Leave a Reply

300x250 ad code [Inner pages]

Search Archive

Search by Date
Search by Category
Search with Google
120x600 ad code [Inner pages]
Log in | Designed by Gabfire themes