बहसतलब पर आपने अलग अलग लेखकों द्वारा अलग अलग रिपोर्ट की झलक देखी । दरअसल ज्यादातर रिपोर्टों को प्रकाशित करने का हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि हमारे पाठक यह जानें की अलग-2 लोगो ने बहसतलब को किस-2 रूप में देखा। इसी कड़ी में उमेश पंत की रिपोर्ट भी प्रकाशित कर रहें हैं.. बहसतल का [...]
अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से फिल्मी सितारों और राजनेताओं से रिश्ते होने की खबरें आती रही हैं।ऐसा कई फिल्म स्टार हैं जिन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्हें डर से उनकी बातें माननी पड़ती हैं। इस बार महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर. पाटील दाउम इब्राहिम के एक खास आदमी के इफ्तार पार्टी में देखे [...]
Sep 29 2010 | Posted in
देश - दुनिया |
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पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर का कॉमनवेल्थ खेलों के खिलाफ होना जगजाहिर हो चुका है।अय्य्र नहीं चाहते थे कि भारत को इसकी मेजबानी लेनी चाहिए।एक टीवी चैनल से बातचीत मे कलामाडी ने कहा भी था कि उन्होने कोशिश भी की थी कि इन खेलों की मेजबानी हमें न मिलें पर सुरेश कलामाडी औऱ लोग [...]
Sep 29 2010 | Posted in
खेल |
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अयोध्या पर हाई कोर्ट के 30 सितंबर के फैसले के बाद किसी गड़बड़ी की आशंका के बीच भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों से अपील की है कि फैसला चाहे कैसा भी आए, भारत में शांति और सहिष्णुता बनी रहनी चाहिए। भारत में कांग्रेस और बीजेपी पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का [...]
Sep 29 2010 | Posted in
देश - दुनिया |
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चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने जब बोलना शुरू किया तो हमें बैठे-बैठे सिनेमा के सेमिनार में होने के बजाय प्रजापति ब्रह्मकुमारी के प्रभाती संत्संग का ध्यान हो आया जिसे कि सुधीश पचौरी ने चंद्रप्रकाशजी का प्रवचन नाम दिया। चंद्रप्रकाशजी की जानकारी, उनकी पढ़त, चाणक्य जैसे सीरियल और पिंजर जैसी फिल्म के डायरेक्टर के तौर पर हम पहले [...]
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबद कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी है।मुख्य न्यायाधीश एच.एस कपाडिया सहित तीन जजों की खंडपीठ ने अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाने के पक्ष में निर्णय दिया है। रमेशचंद्र त्रिपाठी की आचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सुलह की गुंजाइश है तो [...]
Sep 28 2010 | Posted in
देश - दुनिया |
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सचिन अपनी मां की बात करते हैं जो कि उनके मोबाइल यूट्यूब पर लग जा गले देखने की डिमांड से शुरू होती है। सचिन बताते हैं कि उस वीडियो में हीरोइन का हीरो के प्रति अपील खुलकर फिल्माया गया है। पूरा एप्रोच बोल्ड है जो कि अब सिर्फ एक मुहावरा बनकर रह गया है। मां [...]
मुझे स्त्री-पुरुष संबंध समझ में नहीं आता। मैंने कोशिश भी की है। मैंने महिला पात्र जब भी लिखे हैं, जिन्हें मैं जानता हूं, जिनके साथ मैं बात करता हूं, मेरी जो हिरोइनें पर्सनल लाइफ में रही हैं, वही मेरे फिल्मों में आ गयी हैं। स्क्रीन पर फिल्म में प्रेम दिखते नहीं। वो छूते क्यों नहीं, [...]
Sep 27 2010 | Posted in
बहसतलब,
सुर्ख़ियां |
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इस मामले में बड़ी गड्डमड्ड स्थिति है। हम सिर्फ स्त्री-पुरुष, विवाहेतर संबंधों में फंसकर रह जाते हैं। देवर-भाभी, बहन सब पर फिल्में बनी हैं लेकिन आज नहीं हैं। मां-बेटे के रिश्ते क्यों नहीं दिखाई देते। देवर-भाभी के संबंध में दिखाई क्यों नहीं देते। लेकिन आज जब भी चर्चा करते हैं तो स्त्री कितनी स्वतंत्र हो [...]
मैंने कई बार इस बात पर सोचने की कोशिश की, ये कठिन विषय है। यही कहा जा सकता है कि रिश्ते होने चाहिए। मैं कभी फंसा नहीं इस रिश्ते के दायरे में, जिसे हिंदी सिनेमा डिफाइन करता है। इसलिए इस मामले में इस तरह से बात नहीं कर सकता। जब हजारों ख्वाहिशें ऐसी की स्क्रिप्ट [...]