अपहृत डीएम की रिहाई के प्रयास हुए तेज
माओवादियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर समयसीमा बढ़ाए जाने के साथ ही मल्कानगिरी के जिलाधीश आरवी कृष्ण और एक जूनियर इंजीनियर को बातचीत के जरिए रिहा कराने के प्रयास शनिवार को तेज हो गए। कृष्ण और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी का माओवादियों के कब्जे में चौथा दिन है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो मध्यस्थों के यहां शीघ्र ही पहुंचने की उम्मीद है जिनका नाम माओवादियों ने सुझाया है और जिनसे उड़ीसा सरकार ने संपर्क किया है।
गृह सचिव यूएन बहेरा के अनुसार राज्य सरकार हैदराबाद निवासी दोनों वार्ताकारों प्रोफेसर सोमेश्वर राव और प्रोफेसर हरगोपाल के निरंतर संपर्क में है और प्रक्रिया गति पकड़ रही है। उड़ीसा सरकार और अन्य की अपील के बाद माओवादियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दी गई 48 घंटे की समयसीमा को बढ़ा दिया है। सूत्रों ने कहा कि अब सब कुछ बातचीत के तरीके पर निर्भर करेगा।
राव और हरगोपाल ने जोर दिया है कि दोनों बंधकों की सुरक्षित रिहाई के लिए सार्थक वार्ता सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा विस्तारित रहनी चाहिए। राज्य सरकार ने मध्यस्थ एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश से संपर्क किया है। उन्होंने माओवादियों से आग्रह किया है कि वे बंधकों को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाएं।
माओवादियों ने सात सूत्री मांगें रखी हैं। उनकी मांग पर नक्सल विरोधी अभियान पहले ही रोक दिया गया है। माओवादियों ने सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) को हटाए जाने, जेलों में बंद 700 आदिवासी नक्सलियों को रिहा करने और आंध्र प्रदेश की पोलवरम बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को रद्द करने की भी मांग की है।
एजेंसियां
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