संसद का शीतकालीन सत्र गतिरोध की भेंट चढ़ गया। पिछले पचीस वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ कि एक पूरा संसदीय सत्र बिना कोई काम किए समाप्त हो गया। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की हर जांच के लिए तैयार कांग्रेस संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने के लिए तैयार नहीं हुई। विपक्ष उससे कम पर राजी [...]
Dec 16 2010 | Posted in
मुद्दा,
सुर्ख़ियां |
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सरकार ने 2001 से स्पेक्ट्रम के आबंटन की जांच के आदेश दे दिये हैं। इसके लिए एक जज वाली समिति का गठन कर दिया है। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा भी यही चाहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर जांच में एयरटेल, रिलायंस कम्युनिकेशन, वोडाफोन और [...]
Dec 12 2010 | Posted in
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नीरा राडिया के जो टेप सामने आए हैं, उनमें पत्रकार हैं। रिटायर्ड अधिकारी हैं। डीएमके के ए राजा हैं। कनीमोझी हैं। विपक्षी गठबंधन एनडीए के एक सांसद एनके सिंह हैं। अगर कोई नहीं है तो मौजूदा अधिकारी और कांग्रेस का एक भी नेता। आखिर क्यों? क्या यह सवाल OPEN और OUTLOOK को अपने सोर्स से [...]
अरुंधती रॉय के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की बातें की जा रही हैं। कश्मीर की आज़ादी की मांग के समर्थन पर उनके ताज़ा बयान को आधार बना कर देशद्रोह का मुकदना चलाने की मांग की जा रही है। जनतंत्र डॉट कॉम ऐसी किसी भी कार्रवाई का विरोध करता है। एक आज़ाद मुल्क के आज़ाद नागरिकों को [...]
विभूति नारायण राय और विश्वरंजन में क्या अंतर है? शायद कोई नहीं। दोनों आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों का साहित्य में रुझान है। दोनों लिखते-पढ़ते हैं। और दोनों की साहित्य हलके में गहरी पैठ है। लेकिन दोनों को लेकर साहित्यकारों और सांस्कृतिक मंचों का रुख अलग-अलग है। खासतौर से जन संस्कृति मंच का। वो मंच जो [...]
यह बहुत शर्मनाक है। विभूति के बचाव की व्यूह रचना करने वाले जसम के लोग अब डराने-धमकाने लगे हैं। आज दोपहर जसम के सुधीर सुमन ने मोहल्ला लाइव के मॉडरेटर अविनाश को फोन किया और धमकी दी। यह सारा ब्योरा उन्होंने अपनी वेबसाइट पर दिया है। यह एक बहुत ही घृणित सोच है और यह [...]
नीलाभ कौन है यह मैं नहीं जानता था। जब राजेंद्र यादव पर बहुत घटिये तरीके से नीलाभ ने लिखा और आरोप लगाया कि अरुंधती को बुला कर हंस के संपादक अपनी दुकानदारी चमकाना चाह रहे थे तो मुझे बुरा लगा। इसलिए कि मैं राजेंद्र यादव को तेरह साल से जानता हूं। अक्सर उनके दफ़्तर जाकर [...]
अरुंधती रॉय ने हंस के सालाना कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने नीलाभ को ई-मेल करके सावधान करने के लिए धन्यवाद दिया है। नीलाभ ने उन्हें बताया था कि सत्ता से पैसे लेने के बाद बहेलिये (राजेंद्र यादव) ने अरुंधती का शिकार करने के लिए जाल बिछाया है। अरुंधती उस कार्यक्रम में [...]
यह एक बड़ी हक़ीक़त है कि महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पास हो गया है। इसलिए बहस का यह मुद्दा कतई नहीं हो सकता कि महिलाओं को आरक्षण दिया जाए या नहीं। देर सवेर यह आरक्षण उन्हें मिलना ही है। इसलिए बहस इस पर होनी चाहिए कि क्या दलितों-आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों, को उनका हक़ [...]
Mar 12 2010 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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मकबूल फिदा हुसैन के समर्थन में इन दिनों मोटे तौर पर तीन तर्क दिए जा रहे हैं। हुसैन की कला को समझो, उनके सिम्बॉलिज्म और रेखाओं के विस्तार को समझो। भारत में देवी-देवताओं की नग्न तस्वीरों और मूर्तियों का पुराना इतिहास रहा है। अमूर्त को मूर्त रूप देने और फिर मिथकों को अपने नज़रिये से [...]