Author Archive
Stories written by Samarendra

इतिहास के आईने में पेंटिंग्स की तरह ही नंगे हैं हुसैन

करीब ढाई हज़ार साल पहले यूनान के दार्शनिक सुकरात को जब ज़हर पीने की सज़ा दी गई तो उनके साथियों ने जेल से उन्हें भगाने की योजना तैयार कर ली थी। योजना के मुताबिक जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों को रिश्वत देकर सुकरात को भगा ले जाना था। लेकिन सुकरात ने भागने से इनकार कर दिया। [...]

कट्टरपंथी हुसैन के जाने से देश पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा

धर्म इस देश में हमेशा से संवेदनशील मसला रहा है। धर्म के नाम पर विभाजन पहले ही हो चुका है। दंगों से धरती बार-बार लाल हुई है। कई धर्म और पंथ वाले इस राष्ट्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक सीमा है। हर संवेदशनशील शख़्स को उस सीमा का ख्याल रखना चाहिए। अगर कहीं चूक [...]

सचिन या रेल बजट – मैं तो सचिन के साथ हूं और आप?

ममता बनर्जी के रेल बजट पर सचिन की डबल सेंचुरी भारी पड़ गई। न्यूज़ चैनलों और अख़बारों ने डबल सेंचुरी को ज़्यादा तरजीह दी। बहुत से लोग मीडिया के रवैये से नाराज़ हैं। उनके मुताबिक रेल बजट जैसे गंभीर मुद्दे की जगह सचिन की डबल सेंचुरी को दिखा कर न्यूज़ चैनलों ने जनता के हितों [...]

पुरुष पंडितों ने सभा की, पंडित प्रभाष जोशी को याद किया

दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में प्रभाष जोशी पर लिखी गयी पुस्तक का लोकार्पण हुआ (लोकार्पण समारोह की रपट के लिए यहां क्लिक करें : “दिग्गजों की मौजूदगी में प्रभाष जोशी पर पुस्तक का लोकार्पण”)। इसे आप महज संयोग कहेंगे या क्‍या कहेंगे कि उस लोकार्पण में जितने लोगों ने प्रभाष जोशी के बारे में [...]

हमारे हाथ भी सतीश शेट्टी के ख़ून से सने हैं!

आरटीआई एक्टिविस्ट सतीश शेट्टी की हत्या गहरी हताशा और निराशा को जन्म देनी वाली है। भ्रष्ट तंत्र और आपराधिक व्यवस्था के बदलाव की हल्की उम्मीद भी ख़त्म होने को है। लगता है कि इस उम्मीद को ज़िंदा रखना खुद को धोखा देना है। हमें यह मान लेना चाहिए कि अपराधियों और क्रूर तंत्र से लड़ने [...]

आज जनसत्ता पढ़ कर प्रभाष जी की कमी कुछ कम खली

मैं जनसत्ता रोज नहीं मंगाता। सिर्फ़ संडे के संडे जनसत्ता पढ़ता हूं। लेकिन प्रभाष जोशी के निधन के बाद जनसत्ता बेरंग, बेरस नज़र आ रहा था। दो पुस्तक समीक्षाएं पहले से ही छपती रही हैं और कागद कारे की जगह पर तीसरी पुस्तक समीक्षा को जबरन घुसेड़ना बहुत बेतुका लगता था। कई बार तो मन [...]

EXCLUSIVE: सम्पत्ति ने जोड़ा जॉर्ज का टूटा "परिवार"!

फायरब्रांड समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस के घर इन दिनों रौनक हैं। पच्चीस साल से अलग रह रहीं उनकी पत्नी लैला कबीर फर्नांडिस अब दिल्ली में कृष्ण मेनन मार्ग पर मौजूद उनके घर लौट आई हैं। उनके बेटे सुशांत कबीर फर्नांडिस भी अमेरिका से घर पहुंच गए हैं। साथ ही सुशांत की पत्नी और बेटा भी [...]

डरे हुए मठाधीश अब ब्लॉगरों को डराने लगे हैं

इलाहाबाद से जब से लौटा हूं… एक आशंका गहरा रही है। लगता है कि अब ब्लॉग के रेग्युलेशन की मांग जोर पकड़ेगी। आए दिन ब्लॉगरों पर मुक़दमे होंगे। बेनामियों की धर-पकड़ तेज होगी। तभी तो नामवर सिंह ने कहा कि “कहने से जीभ नहीं कटती मगर लिखने से हाथ कट जाते हैं”। तभी तो विभूति [...]

मीडिया के सहारे हिंसक भीड़ तैयार कर रही है सरकार?

रविवार को देश के सभी बड़े अंग्रेजी अख़बारों में एक विज्ञापन छपा। यह विज्ञापन केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ़ से जारी हुआ था। उसमें नक्सली हिंसा में मारे गए सात लोगों की तस्वीरें छापी गई हैं। पहली तस्वीर है छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की जत्ति पुरुषोत्तम की। तस्वीर के नीचे नाम और पता के साथ [...]

"हम" टिके हैं और टिके रहेंगे प्रभाष जोशी

कुछ दिन पहले एक पत्रकार साथी ने सरसरी तौर पर एक बात कही। उन्होंने बताया कि “बिहार और झारखंड के मीडिया सर्किल के एक ख़ास तबके के बीच एक चर्चा चल रही है। वो यह कि हरिवंश और प्रभाष जोशी की नीतियों पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं वो बड़े मीडिया संस्थानों के हाथों [...]

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