वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने इस बात का पता लगा लिया है कि मानव शरीर ल्यूकेमिया (एक प्रकार का रक्त कैंसर) से कैसे लड़ता है। इस खोज के बाद अब इस जानलेवा बीमारी के ज्यादा बेहतर और प्रभावशाली इलाज का रास्ता खुल सकता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों के दल ने दरअसल सीडी19-लिगेंड (सीडी19-एल) नामक ऐसे [...]
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जीन का पता लगाने का दावा किया है, जो स्तन कैंसर के लिए जिम्मेदार है। इससे स्तन कैंसर के उपचार में मदद मिल सकती है। कैंब्रिज शोध संस्थान के एक दल ने इस जीन की खोज की है। इसे जेडएनएफ 703 नाम दिया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है [...]
भारतीय टेनिस जगत के नामचीन सितारे महेश भूपति और बालीवुड स्टार लारा दत्ता बुधवार को शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। भूपति और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दोनों ने बुधवार को माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट टिवटर पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने लिखा, दोस्तों अब हम मिस्टर और मिसेज भूपति हो गए हैं। इससे पहले [...]
करीब 40 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही उल्का के 13 अप्रैल 2036 को पृथ्वी से टकराने की आशंका रूसी वैज्ञानिकों ने जताई है।वैज्ञानिकों की माने तो 40,000 मील प्रति घंटा की रफ्तार से आ रहे विशालकाय क्षुद्र ग्रह के टकराने से धरती तबाह हो सकती है। करीब ढाई सौ मीटर चौड़ी [...]
मलयाली कवि और गीतकार ओ एन वी कुरूप को ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाज़ा गया है। मलयाली साहित्य में अमूल्य योगदान के लिये सुप्रसिद्ध कवि एवं गीतकार ओ एन वी कुरूप को शुक्रवार को तिरूवनंतपुरम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2007 के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदानमंत्री ने कहा कि केरल ने [...]
सत्यानंद निरूपम♦ “अई अई अई अई…” से शुरू होने वाले ज्यादातर गीतों में अपने याद रह जाने वाली पंक्तियां बस दो गीतों की ही रहीं – “दहेज कुर्सी मेज मांगे मंगरू” और “आरा हिले बलिया हिले छपरा हिलेला”। उम्र तब इतनी ही थी कि आरा, बलिया और छपरा के हिलने की बात समझ में नहीं आती थी। लेकिन जाने इन पंक्तियों में या उस आवाज में क्या दुर्निवार आकर्षण था कि जीवन की तमाम आपाधापी में भी आज सब कुछ जस-का-तस जेहन में उभर आया है।
Jan 11 2011 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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सुशांत झा ♦ दिनकर ने संस्कृति के चार अध्याय में कहीं लिखा है – जो समाज लोककवियों और लोकगायकों को पैदा करना बंद कर देता है, वो बहुत जल्दी गुलामी की तरफ बढ़ जाता है, क्योंकि लोकगायक और कवि ही अपने समय की कमजोरियों को दर्ज करते हैं। बालेसर ऐसे ही लोकगायक थे।
पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश को राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी के किनारे अक्षरधाम मंदिर और राष्ट्रमंडल खेल गांव का निर्माण जाहिरा तौर पर खल रहा है। उन्होंने शुक्रवार को यहां तक कह दिया कि अक्षरधाम मंदिर का निर्माण बिना पर्यावरण मंजूरी के हुआ। इसके अलावा कॉमनवेल्थ खेल गांव कानून का उल्लंघन कर बनाए गए हैं। [...]
इस साल के ऑस्कर पुरस्कारों के दौरान मुख्य कैटगरी जैसे ‘बेस्ट फिल्म ऑफ द ईयर’ के तहत शाहरूख खान अभिनीत फिल्म माइ नेम इज खान और आमिर खान अभिनीत फिल्म पीपली लाइव के बीच मुकाबला होगा। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता करन जौहर की फिल्म ‘माई नेम इज़ खान’ देर से ही सही लेकिन ऑस्कर [...]
सोमवार की शाम यादगार रही। दिल्ली के ली मैरेडियन होटल में आलमी सहारा का उद्घाटन हुआ। ये देश का पहला उर्दू न्यूज़ चैनल है और इसे सहारा ने लॉन्च किया है। इस समारोह में कई आला नेताओं समेत बहुत से सम्मानित चेहरे मौजूद रहे। चैनल का उद्घाटन सहारा इंडिया के उप प्रबंध कार्यकर्ता ओ. पी. [...]