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	<title>जनतंत्र &#187; कंज्यूमर</title>
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	<description>बोल के लब आज़ाद हैं तेरे</description>
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		<title>अप्रैल 2011से जीएसटी लागू करने को प्रतिबद्ध वित्त मंत्रालय</title>
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		<pubDate>Sun, 22 Aug 2010 12:54:27 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<category><![CDATA[संविधान संशोधन विधेयक]]></category>
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		<description><![CDATA[भले ही राज्य सरकारों के बीच सहमति न बन पाने के चलते वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अगले साल भी लागू होने की उम्मीद कम दिख रही हो, मगर वित्त मंत्रालय को पूरा भरोसा है कि अप्रैल 2011 से जीएसटी लागू हो जाएगा। वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जीएसटी पर राज्यों के [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/08/Goods-and-Services-Tax.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/08/Goods-and-Services-Tax-300x265.jpg" alt="" title="Goods-and-Services-Tax" width="300" height="265" class="alignright size-medium wp-image-16635" /></a><strong>भले </strong>ही राज्य सरकारों के बीच सहमति न बन पाने के चलते वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अगले साल भी लागू होने की उम्मीद कम दिख रही हो, मगर वित्त मंत्रालय को पूरा भरोसा है कि अप्रैल 2011 से जीएसटी लागू हो जाएगा।</p>
<p><strong>वित्त </strong>मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जीएसटी पर राज्यों के साथ बातचीत जारी है, जीएसटी लागू करने की तिथि में कोई बदलाव नहीं हुआ है और हम इसे एक अप्रैल 2011 से लागू करने पर अडिग हैं। अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में लाए जाने वाले इस नए कानून से उत्पाद एवं सेवा कर और राज्यों में लगने वाले मूल्यवर्धित कर यानी वैट इसमें समा जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय शुल्क, उपकर और अधिभार भी समाप्त हो जाएंगे।</p>
<p><strong>जीएसटी </strong>के लिए संविधान संशोधन विधेयक संसद के चालू मानसून सत्र में पेश किया जाना था। मगर इस तरह की रिपोर्टे आने के बाद कि संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे के कई प्रावधानों को लेकर राज्य सहमत नहीं है, ऐसी आशंका बढ़ने लगी थी कि यह विधेयक मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा।</p>
<p><strong>इस </strong>सप्ताह के शुरू में भाजपा शासित राज्यों और कुछ अन्य राज्यों ने जीएसटी के संशोधित संविधान संशोधन विधेयक के प्रावधानों पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए एक महीने का और समय मांगा। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यों को और समय दिए जाने पर सहमति जताते हुए कहा कि संविधान संशोधन विधेयक मानसून सत्र में पेश करने और केंद्र व राज्यों के बीच विचार-विमर्श दोनों साथ-साथ हो सकते हैं। उन्होंने राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय प्राथमिकता संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप देना है, ताकि इसे चालू मानसून सत्र में पेश किया जा सके। यह केवल जीएसटी के लिए मार्ग प्रशस्त करने वाला विधेयक है, यह हमें आपसी बातचीत और विचार विमर्श से नहीं रोकता है।</p>
<p> <strong>प्रवक्ता </strong>से यह पूछे जाने पर कि क्या विधेयक चालू सत्र में ही पेश कर दिया जाएगा, कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते हैं, क्योंकि अभी बातचीत जारी है। इससे पहले राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष असीम दासगुप्ता ने कहा कि यह केंद्रीय वित्त मंत्री पर निर्भर करता है कि वह इसी सत्र में विधेयक पेश करते हैं या नहीं।</p>
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		<title>महंगाई की गणना के लिए अब नया सूचकांक</title>
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		<pubDate>Tue, 20 Jul 2010 13:52:49 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[सूचकांक]]></category>

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		<description><![CDATA[केंद्रीय उद्योग सचिव आर. पी. सिंह ने मंगलावार को कहा कि सरकार अगले महीने से महंगाई दर की गणना नए सूचकांक के आधार पर करेगी। विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आर. पी. सिंह ने कहा, &#8220;हम इस सूचकांक के लिए कैबिनेट सचिवालय से मंजूरी ले रहे हैं। अगले [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/inflation1.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/inflation1-300x205.jpg" alt="" title="inflation" width="300" height="205" class="alignright size-medium wp-image-13867" /></a><strong>केंद्रीय </strong>उद्योग सचिव आर. पी. सिंह ने मंगलावार को कहा कि सरकार अगले महीने से महंगाई दर की गणना नए सूचकांक के आधार पर करेगी।</p>
<p><strong>विभिन्न </strong>मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आर. पी. सिंह ने कहा, &#8220;हम इस सूचकांक के लिए कैबिनेट सचिवालय से मंजूरी ले रहे हैं। अगले महीने से इस सूचकांक को जारी करने के लिए हम तैयार हैं।&#8221;</p>
<p><strong>इस </strong>नए थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में वर्ष 2004-05 को आधार बर्ष मानकर 678 वस्तुओं के मूल्यों की गणना की जाएगी। मौजूदा सूचकांक में 425 वस्तुओं की गणना की जाती है।</p>
<p><strong>वस्तुओं </strong>की सूची का परीक्षण सचिवों की समिति और विभिन्न विशेषज्ञों की समितियों द्वारा किया गया है। इन समितियों ने इस सूची को मंजूरी दे दी है अब कैबिनेट सचिवालय की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।</p>
<p><strong>सिंह </strong>ने सीआईआई द्वारा उच्च विकास दर बनाए रखने के लिए जरूरी प्रयासों के विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही। इस सम्मेलन में कैबिनेट सचिव के. एम. चंद्रशेखर, वित्त सचिव अशोक चावला, राजस्व सचिव सुनील मित्रा, कृषि सचिव प्रवीर कुमार बसु भी मौजूद थे। (आईएएनएस)</p>
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		<title>खाद्य पदार्थो की महंगाई दर बढ़कर 12.81 प्रतिशत हुई</title>
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		<pubDate>Thu, 15 Jul 2010 11:18:52 +0000</pubDate>
		<dc:creator>संजय कुमार साह</dc:creator>
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		<category><![CDATA[खाद्य पदार्थों की महंगाई]]></category>

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		<description><![CDATA[पिछले दो सप्ताह तक गिरावट के बाद तीन जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में देश में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर बढ़कर 12.81 प्रतिशत हो गई। इस दौरान ईंधन की कीमतों में वृद्धि के चलते दालें और मोटे अनाज भी महंगे हुए हैं। इस पहले के सप्ताह में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर 12.63 प्रतिशत [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/inflation.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/inflation-300x201.jpg" alt="" title="inflation" width="300" height="201" class="alignright size-medium wp-image-13579" /></a><strong>पिछले </strong>दो सप्ताह तक गिरावट के बाद तीन जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में देश में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर बढ़कर 12.81 प्रतिशत हो गई। इस दौरान ईंधन की कीमतों में वृद्धि के चलते दालें और मोटे अनाज भी महंगे हुए हैं।</p>
<p><strong>इस</strong> पहले के सप्ताह में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर 12.63 प्रतिशत थी।</p>
<p><strong>आलोच्य </strong>सप्ताह में ईंधन की कीमतों में पिछले साल के इसी सप्ताह की तुलना में 14.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि इससे पहले 26 जून को सप्ताह में इनकी कीमतों में 18.02 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। ईंधन की कीमतों में यह नरमी &#8216;फर्नेस ऑयल&#8217; की कीमतों में कमी की वजह से आई है।</p>
<p>वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह में दालों की कीमत 29 प्रतिशत और दूध की कीमत 15 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं सब्जियों की कीमत में 5 प्रतिशत की कमी आई है।</p>
<p>प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर पिछले सप्ताह के 16.08 प्रतिशत से बढ़कर आलोच्य सप्ताह में 16.25 प्रतिशत हो गई। जबकि गैर खाद्य उत्पादों की महंगाई दर बढ़कर 18.85 प्रतिशत हो गई पिछले सप्ताह यह 18.6 प्रतिशत रही थी।</p>
<p>एक साल पूर्व के इसी सप्ताह की तुलना में प्रमुख खाद्य वस्तुओं के भाव में उतार-चढ़ाव निम्नानुसार रहा:-</p>
<p>मोटे अनाज: 6.04 प्रतिशत</p>
<p>चावल: 6.1 प्रतिशत</p>
<p>गेहूं: 5.54 प्रतिशत</p>
<p>दालें: 28.98 प्रतिशत</p>
<p>सब्जियां: (-) 5.7 प्रतिशत</p>
<p>फल: 11.54 प्रतिशत</p>
<p>दूध: 15.91 प्रतिशत</p>
<p>आलू: (-) 42.98 प्रतिशत</p>
<p>प्याज:	 (-) 4.99 प्रतिशत</p>
<p>मानसून की बारिश में लगातार बढ़ोतरी के चलते खाद्य पदार्थो की ऊंची कीमतों में गिरावट आनी शुरू हुई थी लेकिन ईंधन कीमतों में वृद्धि के चलते यह गिरावट थम गई है।</p>
<p>योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बुधवार को कहा कि अच्छे मानसून के चलते दिसंबर तक कीमतें सामान्य स्तर तक कम हो जाएंगी।</p>
<p>ईंधन कीमतों में वृद्धि के चलते जून में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर भी 10.55 प्रतिशत पर पहुंच गई। (आईएएनएस)</p>
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		<title>मनचाहे समय पर एलपीजी डिलीवरी योजना का उद्घाटन</title>
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		<pubDate>Wed, 14 Jul 2010 08:26:48 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[मनचाहे समय पर एलपीजी डिलीवरी योजना का उद्घाटन]]></category>

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		<description><![CDATA[केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने मंगलवार को घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक और मूल्य संवद्धित सेवा- मनचाहे समय पर एलपीजी सिलेण्डर की डिलीवरी योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत, देशभर के घरेलू एलपीजी उपभोक्ता दिन में अथवा अपने मनचाहे समय पर एलपीजी सिलेण्डर की डिलीवरी को मामूली सा [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/lpg.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/lpg-300x214.jpg" alt="" title="lpg" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-13497" /></a><strong>केन्द्रीय </strong>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने मंगलवार को घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक और मूल्य संवद्धित सेवा- मनचाहे समय पर एलपीजी सिलेण्डर की डिलीवरी योजना का शुभारंभ किया।<span id="more-13495"></span></p>
<p><strong>इस </strong>योजना के अंतर्गत, देशभर के घरेलू एलपीजी उपभोक्ता दिन में अथवा अपने मनचाहे समय पर एलपीजी सिलेण्डर की डिलीवरी को मामूली सा धन भुगतान करके प्राप्त कर सकते हैं। प्रथम चरण के तौर पर, यह सेवा दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद, पुणे और बेंगलुरू में प्रारंभ की गई है। इस माह के अंत तक यह सेवा मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद में और 2010 के अंत तक देशभर के प्रमुख शहरों में उपलब्ध होगी।</p>
<p>संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए देवड़ा ने कहा कि लोगों को बेहतर सेवा देने के लिए यह एक और कदम है और इससे एलपीजी प्राप्त करने में होने वाली कठिनाईयां दूर हो सकेंगी।</p>
<p>इस अवसर पर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि यह योजना वैकल्पिक है और जनता की मदद के लिए सरकार की नीतियों को दर्शाती है। (आईएएनएस)</p>
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		<title>खाद्य महंगाई दर घटकर 12.63 प्रतिशत हुई</title>
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		<pubDate>Thu, 08 Jul 2010 13:06:27 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
				<category><![CDATA[कंज्यूमर]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[food price inflation]]></category>
		<category><![CDATA[खाद्य पदार्थों की महंगाई]]></category>

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		<description><![CDATA[खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में कुछ कमी आई है। 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में यह घटकर 12.63 प्रतिशत हो गई। इससे पिछले सप्ताह यह दर 12.92 प्रतिशत थी। इस सप्ताह में हालांकि ईंधन की कीमतों में 18.02 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आलू [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/food-inflation.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/food-inflation-300x182.jpg" alt="" title="food inflation" width="300" height="182" class="alignright size-medium wp-image-13002" /></a><strong>खाद्य </strong>पदार्थों की महंगाई दर में कुछ कमी आई है। 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में यह घटकर 12.63 प्रतिशत हो गई। इससे पिछले सप्ताह यह दर 12.92 प्रतिशत थी।</p>
<p><strong>इस </strong>सप्ताह में हालांकि ईंधन की कीमतों में 18.02 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।<span id="more-13000"></span></p>
<p><strong>वाणिज्य </strong>मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आलू की कीमतों में 40 प्रतिशत और प्याज की कीमतों में आठ प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। मोटे अनाजों, गेहूं और चावल की कीमतों में भी मामूली वृद्धि के कारण संपूर्ण खाद्य महंगाई दर में नरमी आई है।</p>
<p>प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में इस सप्ताह 16.08 प्रतिशत और गैर खाद्य उत्पादों की कीमतों में 18.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।</p>
<p>विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में पिछले साल के इसी सप्ताह की तुलना में हुआ उतार-चढ़ाव निम्नानुसार है:-</p>
<p>मोटे अनाज: 5.78 प्रतिशत</p>
<p>चावल: 5.81 प्रतिशत</p>
<p>गेहूं: 5.49 प्रतिशत</p>
<p>दालें: 30.09 प्रतिशत</p>
<p>सब्जियां: (-) 4.24 प्रतिशत</p>
<p>फल: 7.81 प्रतिशत</p>
<p>दूध: 15.91 प्रतिशत</p>
<p>आलू: (-) 42.11 प्रतिशत</p>
<p>प्याज: (-) 8.75 प्रतिशत</p>
<p>देश में मानसून तेज होने से खाद्य पदार्थों की कीमतों में और कमी आने की संभावना है।</p>
<p>योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने बुधवार को कहा कि दिसंबर तक महंगाई दर सामान्य स्तर पर आ जाएगी।</p>
<p>जानकारों का हालांकि कहना है कि महंगाई में नरमी का यह दौर कुछ ही समय के लिये है क्योंकि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले के कारण महंगाई में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए 27 जुलाई को होने वाली मौद्रिक समीक्षा में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है इससे पहले दो जुलाई को भी प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई थी। (आईएएनएस)</p>
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		<title>वृंदावन में मोर पंखों के व्यापार पर प्रतिबंध का विरोध</title>
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		<pubDate>Mon, 05 Jul 2010 10:05:42 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[व्‍यापार पर प्रतिबंध]]></category>

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		<description><![CDATA[देश के राष्ट्रीय पक्षी मोर को संरक्षण की आवश्यकता है लेकिन मोर पंखों के घरेलू व्यापार पर प्रस्तावित प्रतिबंध का दूसरा पहलू भी है। भगवान कृष्ण की नगरी में मोर पंखों के उत्पादों को बेचकर अपनी जीविका कमाने वाले लोगों में मोर पंखों के घरेलू व्यापार पर प्रतिबंध के पर्यावरण और वन मंत्री के प्रस्ताव [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/PEACOCK.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/PEACOCK-300x300.jpg" alt="" title="PEACOCK" width="300" height="300" class="alignright size-medium wp-image-12704" /></a><strong>देश </strong>के राष्ट्रीय पक्षी मोर को संरक्षण की आवश्यकता है लेकिन मोर पंखों के घरेलू व्यापार पर प्रस्तावित प्रतिबंध का दूसरा पहलू भी है।</p>
<p><strong>भगवान </strong>कृष्ण की नगरी में मोर पंखों के उत्पादों को बेचकर अपनी जीविका कमाने वाले लोगों में मोर पंखों के घरेलू व्यापार पर प्रतिबंध के पर्यावरण और वन मंत्री के प्रस्ताव को लेकर चिंता है।<span id="more-12702"></span></p>
<p><strong>वृंदावन </strong>के कृष्ण मंदिर के सामने मोर पंखों से बने उत्पाद बेचने वाले हरि प्रसाद ने आईएएनएस से कहा, &#8220;क्या आप बिना मोर पंख के श्रीकृष्ण और राधा की कल्पना कर सकते हैं। दक्षिण में भगवान मुरुगन को मोर पसंद हैं। जैन मुनि इसका उपयोग करते हैं, पशु मालिकों को अपने पशुओं को सजाने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। धार्मिक और सजावटी कारणों से मोर के पंखों की हमेशा मांग रहती है।&#8221;</p>
<p>गोवर्धन, मथुरा, वृंदावन और आगरा के हजारों कुटीर श्रमिकों ने पिछले एक सप्ताह से मंत्रालय के इस कदम के खिलाफ आवाज उठाते हुए विरोध प्रदर्शन आयोजित किए और ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>श्रमिकों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा।</p>
<p>अखिल भारतीय मोर पंख कुटीर उद्योग समिति के नंदलाल भारती ने आईएएनएस से कहा, &#8220;हमने उनसे इस कदम को खारिज करने का आग्रह किया।&#8221;</p>
<p>मथुरा के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर के पास सजावटी वस्तुएं बेचने वाले रमेश ने कहा कि मोर पंखों के व्यापार पर प्रतिबंध से कई लोगों का रोजगार छिन जाएगा। इनमें से अधिकांश गरीब लोग हैं।</p>
<p>अपनी आय खोने के खतरे का सामना कर रहे लोगों में शामिल लाखन सिंह ने कहा, &#8220;पंखों के लिए मोरों को मारे जाने का आरोप गलत है। हम उनको कैसे मार सकते हैं? वे हमको जीविका उपलब्ध कराती हैं।&#8221;</p>
<p>आगरा मोर पंखों का भारत का सबसे बड़ा थोक बाजार है।</p>
<p>एसोसिएशन के अध्यक्ष भंवर सिंह ने कहा कि वर्षा के बाद मोर अपने पंख गिराने लगते हैं और उनको इकट्ठा करके आगरा लाया जाता है। वास्तव में सितंबर-अक्टूबर के दौरान पूरे देश से मोर के पंख आगरा पहुंचते हैं। (आईएएनएस)</p>
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		<title>खाद्य महंगाई की दर गिरकर 12.9 प्रतिशत हुई</title>
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		<pubDate>Thu, 01 Jul 2010 09:26:43 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[food inflation]]></category>
		<category><![CDATA[खाद्य महंगाई]]></category>

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		<description><![CDATA[देश की वार्षिक खाद्य महंगाई की दर 19 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 12.9 प्रतिशत रही। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर 16.9 प्रतिशत थी। आलू की कीमतों में 40 प्रतिशत और प्याज की कीमतों में सात प्रतिशत की गिरावट तथा अनाज, गेहूं और चावल की कीमतों में एकल अंकों में हुई [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/food.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/07/food-300x225.jpg" alt="" title="food" width="300" height="225" class="alignright size-medium wp-image-12336" /></a><strong>देश </strong>की वार्षिक खाद्य महंगाई की दर 19 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 12.9 प्रतिशत रही।</p>
<p><strong>इससे </strong>पिछले सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर 16.9 प्रतिशत थी।</p>
<p><strong>आलू </strong>की कीमतों में 40 प्रतिशत और प्याज की कीमतों में सात प्रतिशत की गिरावट तथा अनाज, गेहूं और चावल की कीमतों में एकल अंकों में हुई वृद्धि से खाद्य महंगाई कम करने में मदद मिली।</p>
<p><strong>केंद्रीय </strong>वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 14.75 प्रतिशत ऊपर चढ़ा। गैर खाद्य वस्तुओं के सूचकांक में 18.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।</p>
<p><strong>ईंधन </strong>की कीमतों में 12.9 प्रतिशत की गिरावट हुई जबकि 12 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 13.18 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।</p>
<p><strong>कुछ </strong>प्रमुख खाद्य वस्तुओं के मूल्य में पिछले 52 सप्ताह के दौरान हुई वृद्धि तथा गिरावट निम्नलिखित है:</p>
<p>अनाज : 5.36 प्रतिशत</p>
<p>चावल : 6.44 प्रतिशत</p>
<p>गेहूं : 4.49 प्रतिशत</p>
<p>दालें : 31.57 प्रतिशत</p>
<p>सब्जियां : 1.17 प्रतिशत</p>
<p>फल : 8.74 प्रतिशत</p>
<p>दूध : 15.91 प्रतिशत</p>
<p>आलू : (-)39.61 प्रतिशत</p>
<p>प्याज : (-)7.36 प्रतिशत</p>
<p><strong>खाद्य </strong>महंगाई में गिरावट का कारण पिछले वर्ष की समान अवधि में खाद्य महंगाई का स्तर काफी ऊंचा रहना है।</p>
<p><strong>बहरहाल </strong>खुदरा स्तर पर कीमतों में गिरावट मानसून के सामान्य रहने पर निर्भर है, जो अभी काफी धीमा है। देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र के कई अनाज उत्पादक इलाकों में अभी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है।</p>
<p><strong>सरकार </strong>के पिछले हफ्ते वाहनों के ईंधन को नियंत्रणमुक्त करने के सरकार के फैसले से भी कम अवधि के लिए महंगाई बढ़ेगी।</p>
<p><strong>केंद्रीय </strong>वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इससे महंगाई पर कुछ दबाव बढ़ेगा और मुख्य आर्थिक सलाहकार के अनुसार इसका सीधा प्रभाव महंगाई पर होगा और उसमें 0.9 प्रतिशत की वृद्धि होगी। (आईएएनएस)</p>
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		<title>मुंबई लोकल के लिए 43 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर</title>
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		<pubDate>Wed, 30 Jun 2010 09:48:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[बिज़नेस न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[43 cr dollar loan]]></category>
		<category><![CDATA[mumbai local train]]></category>
		<category><![CDATA[World Bank]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई लोकल]]></category>
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		<description><![CDATA[करीब डेढ़ करोड़ की आबादी वाले मुंबई की जीवन रेखा माने जानी वाली वहां की लोकल ट्रेन व्यवस्था में सुधार के लिए विश्व बैंक ने 43 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर किया है। बैंक के बोर्ड ने मंगलवार को केरल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और तमिलनाडु के 220 चुनिंदा बांधों की सुरक्षा और स्थाई प्रदर्शन में [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/local.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/local-300x187.jpg" alt="" title="local" width="300" height="187" class="alignright size-medium wp-image-12241" /></a><strong>करीब </strong>डेढ़ करोड़ की आबादी वाले मुंबई की जीवन रेखा माने जानी वाली वहां की लोकल ट्रेन व्यवस्था में सुधार के लिए विश्व बैंक ने 43 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर किया है।</p>
<p><strong>बैंक </strong>के बोर्ड ने मंगलवार को केरल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और तमिलनाडु के 220 चुनिंदा बांधों की सुरक्षा और स्थाई प्रदर्शन में सुधार के लिए बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना के लिए भी 35 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी।</p>
<p><strong>बैंक </strong>ने कहा कि &#8216;मुंबई शहरी परिवहन परियोजना 2ए&#8217; का उद्देश्य व्यस्त समय में और अधिक वाहनों को चलाना, व्यस्त समय में भीड़भाड़ कम करना, यात्रा समय कम करना और संचालन में सुधार करना है।</p>
<p><strong>व्यवस्था </strong>में 720 नए रेल डिब्बे शामिल किए जाएंगे। इस परियोजना में मरम्मत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही मुंबई महानगर के बचे क्षेत्र में 1500 वोल्ट डीसी से 25केवी एसी लाइन में पूर्ण परिवर्तन किया जाएगा।</p>
<p><strong>विश्व</strong> बैंक के शहरी परिवहन विशेषज्ञ और परियोजना के टीम लीडर हरबर्ट नोवे-जोसेरैंड ने कहा कि पहली मुंबई परिवहन परियोजना के माध्यम से व्यस्त समय के दौरान नौ कोचों वाली रेलगाड़ियों के माध्यम से भीड़ के स्तर को 4,500 से 4,100 यात्री तक करने में सफलता मिली है।</p>
<p><strong>बाद </strong>की परियोजना से क्षमता, संचालन क्षमता और आराम के स्तर में अधिक सुधार होगा।</p>
<p><strong>बांध </strong>पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) का उद्देश्य भारत सरकार और संबंधित राज्यों के साथ सहयोग से बांधों की सुरक्षा के लिए संस्थागत, कानूनी और तकनीकी ढांचे को और मजबूत करना है। (आईएएनएस)</p>
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		<title>डीजल की कीमतें भी नियंत्रणमुक्त होंगी : प्रधानमंत्री</title>
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		<pubDate>Tue, 29 Jun 2010 08:21:04 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[डीजल]]></category>

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		<description><![CDATA[अत्यधिक लोकलुभावनी नीतियों के खतरों के प्रति जनता को अगाह करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल की तरह डीजल की कीमतों को भी नियंत्रणमुक्त किया जाएगा। टोरंटो में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेकर नई दिल्ली लौटते समय उन्होंने संवाददाताओं से कहा, &#8220;पेट्रोलियम पदार्थो पर सब्सिडी ऐसे स्तर पर पहुंच [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/diesel.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/diesel-250x300.jpg" alt="" title="diesel" width="250" height="300" class="alignright size-medium wp-image-12094" /></a><strong>अत्यधिक </strong>लोकलुभावनी नीतियों के खतरों के प्रति जनता को अगाह करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल की तरह डीजल की कीमतों को भी नियंत्रणमुक्त किया जाएगा।</p>
<p><strong>टोरंटो</strong> में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेकर नई दिल्ली लौटते समय उन्होंने संवाददाताओं से कहा, &#8220;पेट्रोलियम पदार्थो पर सब्सिडी ऐसे स्तर पर पहुंच गई है जो देश के मजबूत वित्तीय प्रबंधन के अनुकूल नहीं है।&#8221;</p>
<p><strong>शनिवार </strong>को मंत्रियों के एक अधिकार प्राप्त समूह द्वारा लिए गए फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, &#8220;पेट्रोल की कीमतों के नियंत्रणमुक्त होने की तरह ही डीजल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाने की जरूरत है।&#8221;</p>
<p><strong>केंद्रीय</strong> वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडलीय समूह ने सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल की कीमतें तय करने का अधिकार दे दिया है जबकि डीजल की कीमतों में दो रुपये या उससे अधिक की वृद्धि के लिए तेल मंत्रालय की अनुमति की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री</strong> ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी को देखते हुए केरोसीन और रसोई गैस सहित इन पदार्थो की कीमतों का समायोजन आवश्यक था।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>कहा, &#8220;परंतु हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि समाज के गरीब तबके के लोग इससे सबसे कम प्रभावित हों। इसलिए केरोसीन और रसोई गैस की कीमतों को नियंत्रण में रखा गया है।&#8221;</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री </strong>ने कहा कि उन्होंने इस बारे में केवल विपक्षी पार्टियों के रुख को पढ़ा है लेकिन उनका मानना है इस फैसले के पीछे सरकार की मजबूरी को लोग समझेंगे।</p>
<p><strong>उन्होंने</strong> कहा, &#8220;हमारे लोग यह समझने के लिए पर्याप्त बुद्धिमान हैं कि देश के विकास को रोकने के लिए अत्यधिक लोकलुभावनी नीतियों की अनुमति नहीं होनी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका समर्थन हुआ है।&#8221; (आईएएनएस)</p>
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		<title>पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकारी कंट्रोल खत्‍म, महंगी होंगी</title>
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		<pubDate>Fri, 25 Jun 2010 12:45:18 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<category><![CDATA[बिज़नेस न्यूज़]]></category>
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		<category><![CDATA[diesel]]></category>
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		<category><![CDATA[price deregulation]]></category>
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		<category><![CDATA[पेट्रोल]]></category>

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		<description><![CDATA[पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की किरीट पारेख समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया है। नियंत्रण मुक्त होने के बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 3.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में दो रुपये प्रति [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/petrol2.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/06/petrol2-300x225.jpg" alt="" title="petrol" width="300" height="225" class="alignright size-medium wp-image-11858" /></a><strong>पेट्रोलियम </strong>पदार्थो की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की किरीट पारेख समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया है।</p>
<p><strong>नियंत्रण </strong>मुक्त होने के बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 3.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होगी, जबकि केरोसीन की कीमत को सरकारी नियंत्रण में रखते हुए प्रति लीटर तीन रुपये की वृद्धि की गई है। इसके अलावा रसोई गैस की कीमत में 35 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है।</p>
<p><strong>केंद्रीय</strong> वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा की उपस्थिति में पेट्रोलियम सचिव एस. सुंदरेशन ने इसकी घोषणा की। मंत्री समूह की बैठक में रेल मंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं। (आईएएनएस)</p>
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