Category archives for: मुद्दा

मुझे यह साल ताकत देता है और हिन्दुस्तानी होने पर गर्व भी

इस साल हमें आसमान पर होना चाहिए था, लेकिन हम जमीन पर पड़े हैं। सिर्फ घोटालों और घोटालेबाजों की ही चर्चा है। गलती से अपने पैरों पर ललित मोदी ने कुल्हाड़ी क्या मारी कि पूरा पिटारा ही खुल गया। मोदी खुद तो गए ही शशि थरूर को भी ले गए और दे गए कांग्रेस को [...]

काश, इस दशक के दर्द ने हुक्मरानों को अच्छा सोचने पर मजबूर किया होता!

समय कभी-कदा अपने हमसफरों के साथ छल करता है। 21वीं शताब्दी के पहले दशक को ही ले लीजिए। इसे खत्म होने में जब एक हफ्ता भी नहीं बचा है, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि इसकी शुरुआत में हमने जो सपने संजोए थे, वे किसी मुकाम तक पहुंचे या नहीं? जवाब दुर्भाग्य से नकारात्मक [...]

… वरना हर वो शख्स मारा जाएगा, जो बिनायक सेन है

छत्तीसगढ़ में रायपुर की एक अदालत ने मानवाधिकार नेता, डॉ बिनायक सेन को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। पुलिस ने डॉ सेन पर कुछ मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं लेकिन उनपर असली मामला यह है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ रियासत के शासकों की भैंस खोल ली है। बिनायक सेन बहुत बड़े डाक्टर हैं, बच्चों की बीमारियों [...]

संघ और बीजेपी को खत्म करने की “सोनिया” रणनीति

भारतीय राजनीति बहुत बड़े पैमाने पर करवट लेने वाली है। कांग्रेस के बुराड़ी अधिवेशन में सोनिया गांधी ने जिस तरह से भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता पर हमला बोला है वह अगले कुछ दिनों में राजनीतिक विमर्श की दिशा बदल देगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका पांच सूत्रीय कार्यक्रम कांग्रेसियों को ईमानदार तो नहीं बना देगा लेकिन आलोचना [...]

उम्मीद है कि मंगल गीत की तरह लगेंगी वो गालियां

प्रोफ़ेसर काशी नाथ सिंह हिन्दी के बेहतरीन लेखक हैं। ज़रुरत से ज्यादा ईमानदार हैं और लेखन में अपने गांव जीयनपुर की माटी की खुशबू के पुट देने से बाज नहीं आते। हिन्दी साहित्य के बहुत बड़े भाई के सबसे छोटे भाई हैं। उनके भइया का नाम दुनिया भर में इज्ज़त से लिया जाता है। और [...]

सुरेंद्र मोहन का न होना खलेगा, वे ईमानदार समाजवादी थे

भूपेन सिंह ♦ सुबह-सुबह खबर मिली कि समाजवादी नेता सुरेंद्र मोहन का निधन हो गया है। मुझे अचानक उनके साथ बिताये पुराने दिन याद हो आये। देशभर के आंदोलनों के साथ उनका गहरा नाता रहा है। इसी वजह से मैं भी उनके करीब गया। फिर देश के कई हिस्सों की यात्राएं हमने साथ कीं।

जेपीसी तभी जब कांग्रेस का सबसे बड़ा मठ सुरक्षित होगा

संसद का शीतकालीन सत्र गतिरोध की भेंट चढ़ गया। पिछले पचीस वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ कि एक पूरा संसदीय सत्र बिना कोई काम किए समाप्त हो गया। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की हर जांच के लिए तैयार कांग्रेस संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने के लिए तैयार नहीं हुई। विपक्ष उससे कम पर राजी [...]

तो क्या हुआ अगर OPEN और OUTLOOK के मालिक कांग्रेसी हैं?

नीरा राडिया के पूरे प्रकरण में हमारे कुछ मित्रों की दलील है कि वह जिस पेशे और भूमिका में थी, उसने वही किया, जो उसे करना चाहिए था। वह कंपनियों का जनसंचार संभालती थी और राजनेताओं से लेकर पत्रकारों तक से उसके रिश्‍ते थे। वह सबसे बात करती थी और अपनी कंपनी के हित में [...]

सबसे बड़ा भ्रष्टतंत्र है भारत, चीन की औकात नहीं कि चुनौती दे

सरकार ने 2001 से स्पेक्ट्रम के आबंटन की जांच के आदेश दे दिये हैं। इसके लिए एक जज वाली समिति का गठन कर दिया है। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा भी यही चाहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर जांच में एयरटेल, रिलायंस कम्युनिकेशन, वोडाफोन और [...]

दिग्विजय सिंह नेता हैं, वोट की खातिर करकरे की शहादत भी बेच सकते हैं

अगर यह सच है तो बहुत बुरा है। मुंबई पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते के मुखिया, बहादुर, जांबाज़ और वतनपरस्त अफसर हेमंत करकरे की शहादत के दो साल से भी ज्यादा वक़्त के बाद कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने जो बात दिल्ली की एक सभा में कही, वह किसी के भी होश उड़ा सकती [...]

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