इस साल के ऑस्कर पुरस्कारों के दौरान मुख्य कैटगरी जैसे ‘बेस्ट फिल्म ऑफ द ईयर’ के तहत शाहरूख खान अभिनीत फिल्म माइ नेम इज खान और आमिर खान अभिनीत फिल्म पीपली लाइव के बीच मुकाबला होगा। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता करन जौहर की फिल्म ‘माई नेम इज़ खान’ देर से ही सही लेकिन ऑस्कर [...]
अमेरिका में बसे भारतीय मूल के फिल्ममेकर कृष्णा शाह भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अपनी बनने वाली फिल्म में किसी भारतीय हिरोइन को तय करने की सोच रहे हैं|वह इस फिल्म में विद्या बालन को लेना चाहते थे मगर हॉलीवुड मेक अप आर्टिस्ट ग्रेग केनन की सलाह के बाद उन्होंने विद्या को लेने [...]
प्रवेश भारद्वाज के हाथ में जो पर्चा होता है, उसमें हिंदी सिनेमा में स्त्री-पुरुष संबंध, प्रेम और इसके बीच हीरोइन की क्या हैसियत होती है, उसकी एक लंबी सूची होती है। वो सिनेमा एक-एक करके रेफरेंस देते हुए बताते हैं कि कैसे सिनेमा हीरो और हीरोइन की न होकर अंततः हीरो का ही होता है। [...]
मेरी रिपोर्ट पढ़ने के दौरान बार-बार सिनेमा शब्द आने से आप भी सोचेगें कि इन सिरफिरों को सिनेमा की अच्छी ठरक चढ़ी है। जहां पूरा देश राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मसले पर आनेवाले फैसले को लेकर सुलगने-बुझने की स्थिति में है, सब जगह चौक-चौबंद लगा दिए गए हैं, दूसरी तरफ दिल्ली का हर शख्स बाढ़ और [...]
जनतंत्र, मोहल्ला लाइव औऱ यात्रा के सौजन्य से आयोजित बहसतलब पांच मे शिरकत कर रहे वक्ताओं से जनतंत्र.कॉम ने इस पहल और इसके अन्य पहलुओं पर बात की । पिंजर के लेखक और थियेटर कर्मी चंद्रप्रकाश द्विवेदी से इस आयोजन के बारे में उनका अनुभव पूछने पर कहा इस अनूठे आयोजन के लिए जिम्मेदार सारे [...]
मोहल्ला लाइव, यात्रा बुक्स और जनतंत्र इस महीने की 23 और 24 तारीख को आगमन (जंगल फॉल कैंप) के सौजन्य से हिंदी सिनेमा पर दो दिन की बहसतलब आयोजित कर रहा है। इस बहसतलब में हम सिनेमा के उस पहलू पर बात करना चाहते हैं, जहां से सिनेमा को दर्शक का हो जाना चाहिए। न [...]
पीपली लाइव “इन्क्वायरिंग माइंड” की फिल्म है। हममें से कुछ लोग जो काम सोशल एक्टिविज्म, आरटीआई, ब्लॉग्स,फेसबुक,ट्विटर के जरिए करने की कोशिश करते हैं,वो काम अनुषा रिजवी,महमूद फारुकी और उनकी टीम ने फिल्म बनाकर की है। इसलिए हम जैसे लोगों को ये फिल्म बाकी फिल्मों की तरह कैरेक्टर के स्तर पर खुद भी शामिल होने [...]
♦ सत्येन के. बोरडोलोई (IANS)♦
‘पीपली लाइव’ की पटकथा एक छोटी सी घटना को मीडिया द्वारा बड़ा रूप दिए जाने के इर्द-गिर्द घूमती है। बिल्कुल इसी तरह की एक फिल्म वेल्डर ने 1951 में बनाई थी। ‘एस इन द होल’ नाम की इस फिल्म ने जमकर प्रशंसा बटोरी और ऑस्कर भी जीता था। इस फिल्म में खान में बसे एक मजदूर की कहानी को मीडिया ने ‘तिल का ताड़’ बनाकर पेश किया था। मीडिया इस घटना को लेकर प्रशंसा बटोरने में लगा रहा और खान में फंसे मजदूर की जान चली गई थी।
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का मोम का पुतला टाइम्स स्क्वेयर स्थित मैडम तुसाद संग्रहालय का हिस्सा बनेगा। गुरुवार को बॉलीवुड नर्तकों की प्रस्तुति के बीच उनके पुतले का अनावरण होगा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजा-धजा नर्तकों का समूह शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘माई नेम इज खान’ के गीतों पर अपनी प्रस्तुति देगा। इस अवसर पर इस [...]
Aug 11 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र,
सिनेमा |
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सांड्रा बुलॉक हॉलीवुड में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्री हैं। फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक बुलॉक ने जून तक पिछले 12 महीनों के दौरान 5.6 करोड़ डॉलर कमाए हैं। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों की सूची में बुलॉक ने रीसी विदरस्पून और कैमरून डियाज को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष [...]
Aug 4 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र,
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