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	<title>जनतंत्र &#187; खेल</title>
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	<description>बोल के लब आज़ाद हैं तेरे</description>
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		<title>जीत के साथ भारत का मिशन वर्ल्ड कप का आगाज,वीरू के विस्फोट में उड़ा बांग्लादेश</title>
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		<pubDate>Sat, 19 Feb 2011 17:08:00 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<description><![CDATA[अपने विस्फोटक तेवरों के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग की संयम और आक्रामकता का बेजोड़ नमूना पेश करती शतकीय पारी और युवा सनसनी विराट कोहली के नाबाद शतक से विशाल स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने शनिवार को यहां ग्रुप बी में बांग्लादेश को 87 रन से हराकर शाही अंदाज में विश्व कप अभियान की शुरुआत [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/india.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/india-300x168.jpg" alt="" title="india" width="300" height="168" class="alignright size-medium wp-image-21660" /></a><strong>अपने </strong>विस्फोटक तेवरों के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग की संयम और आक्रामकता का बेजोड़ नमूना पेश करती शतकीय पारी और युवा सनसनी विराट कोहली के नाबाद शतक से विशाल स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने शनिवार को यहां ग्रुप बी में बांग्लादेश को 87 रन से हराकर शाही अंदाज में विश्व कप अभियान की शुरुआत करने के साथ ही चार साल पहले  2007 के वर्ल्ड कप में मिली हार का बदला चुकता कर दिया।</p>
<p><strong>सहवाग </strong>ने 175 रन की अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलकर कपिल देव के 1983 के स्कोर की याद ताजा कर दी। कोहली ने भी सचिन तेंदुलकर (28) और गौतम गंभीर (39) के आउट होने के बाद जिम्मेदारी से खेलते हुए नाबाद 100 रन बनाकर भारत का स्कोर चार विकेट 370 रन पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>बांग्लादेश </strong>ने भी हार नहीं मानी और वह भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों को कुछ हद तक उजागर करने में सफल रहा। तमीम इकबाल (70) और कप्तान साकिब अल हसन (55) ने अर्धशतक जमाए लेकिन इससे उसकी टीम नौ विकेट पर 283 रन तक ही पहुंच पाई और वेस्टइंडीज में विश्व कप 2007 में किए गए उलटफेर को दोहराने का उसका सपना पूरा नहीं हो पाया। भारत के लिए मुनाफ पटेल ने 48 रन देकर चार विकेट लिए।</p>
<p><strong>शेरे </strong>बांग्ला स्टेडियम में सहवाग और कोहली ने तीसरे विकेट के लिये केवल 24 ओवर में 203 रन की साझेदारी करके साकिब का टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण के फैसले को भी गलत साबित कर दिया। सहवाग की पारी आक्रामकता, धैर्य, एकाग्रता, कलात्मकता और कौशल का शानदार मिश्रण रही जिसमें उन्होंने 140 गेंद खेली तथा 14 चौके और पांच छक्के लगाए। दूसरी तरफ कोहली की 83 गेंद की पारी में आठ चौके और दो छक्के शामिल हैं।</p>
<p><strong>बड़े </strong>लक्ष्य के सामने बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की तथा केवल पांच ओवर में 50 रन जोड़ दिए। तमीम ने क्रीज पर जमने को तरजीह दी लेकिन दूसरे सलामी बल्लेबाज इमरूल कायेस (29 गेंद पर 34 रन) ने तीखे तेवर अपनाये और एस श्रीसंत के लगातार दो ओवर में छह चौके लगाकर उन्हें आक्रमण से हटवा दिया। प्रवीण कुमार के चोटिल होने के कारण टीम में जगह पाने वाले श्रीसंत ने अपने पहले तीन ओवर में 36 रन दिए।</p>
<p><strong>मुनाफ </strong>ने हालांकि आते ही कायेस को बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलायी लेकिन तमीम बेहद संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे और जुनैद सिद्दीकी (37) ने भी पारी संवारने को ही तरजीह दी जिससे बांग्लादेश की रन गति काफी गिर गई।</p>
<p><strong>इस </strong>बीच मुनाफ की गेंद पर पठान ने जुनैद को जीवनदान भी दिया लेकिन वह इसका अधिक फायदा नहीं उठा पाए और क्रीज पर लंबा समय बिताने के बाद हरभजन सिंह की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टंप आउट होकर पवेलियन लौटे।</p>
<p><strong>तमीम </strong>की पारी का अंत आखिर में मुनाफ ने किया जिन्होंने फिर से अपने स्पैल के पहले ओवर में विकेट लिया। तमीम ने उनकी गेंद मिडविकेट के उपर से निकालने के प्रयास में युवराज सिंह को कैच थमाया। बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 86 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने जुनैद के साथ दूसरे विकेट के लिए 73 और साकिब के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी की।</p>
<p><strong>साकिब </strong>जब तक क्रीज पर थे तब तक बांग्लादेशी दर्शकों का उत्साह बना रहा लेकिन जैसे ही पठान की गेंद पर हरभजन ने उनका कैच लपका स्टेडियम में घोर सन्नाटा पसर गया। साकिब ने 50 गेंद खेली तथा पांच चौके लगाए। उनके आउट होने के बाद भारत की जीत महज औपचारिकता रह गई। बांग्लादेश ने अंतिम छह विकेट 49 रन के अंदर गंवाए।</p>
<p><strong>इससे </strong>पहले सहवाग ने इस विश्व कप की पहली गेंद ही कवर क्षेत्र से चार रन के लिए भेजी और शफीउल इस्लाम के इसी ओवर में फिर से चौका जड़ा। अपना छठा विश्व कप खेल रहे तेंदुलकर ने भी चौके से खाता खोला और फिर अगले ओवर में शफीउल की गेंद लगातार दो बार सीमा रेखा पार भेजी। सहवाग और तेंदुलकर के आक्रामक तेवरों को देखते हुए साकिब को पांचवें ओवर में ही बायें हाथ के स्पिनर अब्दुल रज्जक को गेंद सौंपनी पड़ी।</p>
<p><strong>रज्जक </strong>के पहले तीन ओवर किफायती रहे लेकिन उनका चौथा ओवर घटनाप्रधान साबित हुआ। सहवाग ने इस ओवर की पहली दो गेंद मिडविकेट और कवर में चार रन के लिये भेजी लेकिन पांचवीं गेंद पर तेंदुलकर गफलत में रन आउट हो गए। सचिन मिड आन पर ड्राइव करके रन के लिये दौड़ पड़े लेकिन साकिब ने उसे डाइव लगाकर रोक दिया। इससे दोनों बल्लेबाज एक तरफ पहुंच गए और तेंदुलकर को पवेलियन लौटना पड़ा। यह वन डे में 33वां अवसर है जबकि तेंदुलकर रन आउट हुए।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>के आउट होने के बाद सहवाग ने अधिक जिम्मेदारी दिखायी। उन्होंने पारी 15वें ओवर में रज्जक की गेंद पर पारी का पहला छक्का जमाया, लेकिन पहले दो पावरप्ले समाप्त होने के बाद उन्होंने और गंभीर ने काफी समझबूझ से पारी आगे बढ़ायी और किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया। गंभीर बेहद संजीदा होकर खेल रहे थे और लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहेंगे लेकिन तभी स्पिनर महमुदुल्लाह की गेंद पर वह गच्चा खा गये जो उनके बल्ले और पैड के बीच से निकलकर विकेटों में समा गई। इसके कुछ देर बाद सहवाग ने इसी गेंदबाज पर एक रन लेकर बांग्लादेश के खिलाफ पहला, विश्व कप में दूसरा और कुल 14वां शतक पूरा किया।</p>
<p><strong>कोहली </strong>ने भी चतुराई भरी पारी खेली और टीम प्रबंधन की रणनीति के अनुसार बल्लेबाजी की। उन्होंने नईम इस्लाम के एक ओवर में तीन चौके जड़कर अपने इरादे जताए। भारत ने 35वें ओवर से पावरप्ले लिया और इन पांच ओवर में कुल 48 रन बनाये। सहवाग ने इस बीच शैफीउल पर छक्का जड़ने के अलावा रज्जक की लगातार तीन गेंद पर दो चौके और एक छक्का लगाया।</p>
<p><strong>जब </strong>लग रहा था कि सहवाग आखिर तक टिककर 200 रन के करीब पहुंच जाएंगे तब साकिब की फुललेंग्थ गेंद उनके बल्ले के निचले हिस्से से लगकर विकेटों में समा गई। उन्होंने इस दौरान हालांकि 146 रन के अपने पिछले उच्चतम स्कोर को पीछे छोड़ा। यही नहीं यह बांग्लादेश के खिलाफ किसी भारतीय का सर्वोच्च स्कोर भी है।</p>
<p><strong>कोहली</strong> ने 50वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया और इस तरह से विश्व कप के अपने पहले मैच में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने। शफीउल के इस ओवर की आखिरी गेंद पर भारत ने पठान (8) का विकेट गंवाया।</p>
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		<title>क्रिकेट वर्ल्ड कपः ढाका में महामुकाबले का रंगारंग आगाज</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 16:17:18 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<category><![CDATA[बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना]]></category>

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		<description><![CDATA[क्रिकेट और आसमां के सितारों का बंगबंधु स्टेडियम में जगमगाती आतिशबाजी, शानदार लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच विश्वकप के अब तक के सबसे भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन के साथ ही आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 का ढाका में शानदार आगाज़ हुआ। बंगबंधु स्टेडियम में यह कोई डे-नाइट मैच नहीं था बल्कि दसवें विश्वकप [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/world-cup.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/world-cup-300x214.jpg" alt="" title="world cup" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21626" /></a><strong>क्रिकेट </strong>और आसमां के सितारों का बंगबंधु स्टेडियम में जगमगाती आतिशबाजी, शानदार लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच विश्वकप के अब तक के सबसे भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन के साथ ही आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 का ढाका में शानदार आगाज़ हुआ।</p>
<p><strong>बंगबंधु </strong>स्टेडियम में यह कोई डे-नाइट मैच नहीं था बल्कि दसवें विश्वकप का भव्य उद्घाटन समारोह था। आसमान में जहां आतिशबाजी की जगमगाहट दिखाई दे रही थीं वहीं क्रिकेट के मैदान के सितारे स्टेडियम में अपनी छटा बिखेर रहे थे।</p>
<p><strong>बांग्लादेश </strong>की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को 27 हजार दर्शकों से खचाखच भरे ऐतिहासिक बंगबंधु स्टेडियम में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 के शुरुआत की आधिकारिक घोषणा की। हसीना के इस ऐलान के साथ ही बंगबंधु स्टेडियम में चारों तरफ आतिशबाजी होने लगी।</p>
<p><strong>अपने </strong>सम्बोधन में हसीना ने कहा कि क्रिकेट के जरिए विश्व में एकता और सद्भाव बढ़ेगा। हसीना ने विश्व कप की मेजबानी दिए जाने को लेकर आईसीसी का धन्यवाद किया।</p>
<p><strong>हसीना </strong>के सम्बोधन से पहले आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि क्रिकेट के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि इस विश्व कप को इसके शानदार उद्घाटन समारोह के लिए हमेशा याद किया जाएगा।</p>
<p><strong>पवार </strong>ने कहा, &#8220;यह क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन है। हम इतिहास बनाने जा रहे हैं। इस विश्व कप को इसके शानदार उद्घाटन समारोह के लिए हमेशा याद किया जाएगा।&#8221;पवार ने उद्घाटन समारोह के शानदार आयोजन के लिए प्रधानमंत्री शेख हसीना, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और इस आयोजन से जुड़े आईसीसी के तमाम अधिकारियों का धन्यवाद किया।साथ ही साथ विश्व कप-2011 को सफल बनाने की दिशा में अपना सहयोग देने के लिए पवार ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और उनकी सरकार का भी धन्यवाद किया।</p>
<p><strong>पवार</strong> से पहले बीसीबी अध्यक्ष और बांग्लादेश के खेल मंत्री ने लोगों को संबोधित किया। उसके बाद बंगबंधु स्टेडियम बसंती रंग में रंग गया। फिल्म &#8216;रंग दे बसंती&#8217; के टाइटल गीत पर भारतीय कलाकारों ने रंगों और भावों के शानदार संयोजन के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाला नृत्य किया।</p>
<p><strong>रंग</strong> दे बसंती से पहले स्टेडियम में महाराष्ट्र का एक गीत-संगीत पेश किया गया। महाराष्ट्र के मुंबई में ही विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। भारत को अपने हिस्से का कार्यक्रम पेश करने के लिए कुल 20 मिनट का समय मिला और इस दौरान भारतीय कलाकारों ने अपने शानदार संयोजन से सबका मन मोह लिया।</p>
<p><strong>इससे</strong> पहले आम लोगों की सवारी रिक्शा उस पल खास बन गया जब सभी 14 टीमों के कप्तान इस पर सवार होकर उद्घाटन समारोह के लिए ऐतिहासिक बंगबंधु स्टेडियम पहुंचे।</p>
<p><strong>ऑस्ट्रेलियाई</strong> कप्तान रिकी पोंटिंग सबसे पहले स्टेडियम पहुंचे। पोंटिंग के बाद कनाडा के कप्तान आशीष बगई, इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस, आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड, केन्या के जिमी कमांडे, हॉलैंड के पीटर बोरेन, न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी, पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, वेस्टइंडीज के डेरेन सैमी और जिम्बाब्वे के एल्टन चिगुम्बुरा ने स्टेडयम में प्रवेश किया।</p>
<p><strong>अंत</strong> में तीनों सहमेजबान देशों के कप्तान भारत के महेन्द्र सिंह धोनी, श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन ने तालियों की गूंज के बीच स्टेडियम में प्रवेश किया।</p>
<p><strong>कप्तानों </strong>के रिक्शे पर सवार होकर स्टेडियम में पहुंचने की खबर दुनिया भर के समाचार पत्रों में पहले ही प्रकाशित हो चुकी थी लेकिन इस पल का सभी को इंतजार था क्योंकि यह बांग्लादेश में आम लोगों की सवारी को खास दर्जा देने और अपनी संस्कृति को जिंदा रखने की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और यहां की सरकार की खास पहल थी।</p>
<p><strong>इससे </strong>पहले कभी भी विश्व कप में हिस्सा लेने वाले देशों के कप्तान रिक्शे में सवार होकर उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंचे थे। कुछ कप्तानों के लिए तो रिक्शे की सवारी का यह पहला मौका होगा।</p>
<p><strong>बहरहाल</strong> सभी कप्तानों ने रिक्शे की इस संक्षिप्त सवारी का लुत्फ लिया और मुस्कुराते हुए क्रिकेट प्रेमियों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद सभी कप्तान स्टेडियम के मध्य में बने पोडियम पर कतारबद्ध हो गए।</p>
<p><strong>कप्तानों </strong>के आने से पहले विश्व कप का शुभंकर स्टम्पी एक रिक्शे पर सवार होकर स्टेडियम में पहुंचा था। स्टम्पी को लोगों ने खूब प्यार दिया। इसके बाद भारतीय फिल्मों के मशहूर गायक सोनू निगम ने एक आकर्षक गीत प्रस्तुत किया। सोनू निगम का गीत खत्म होते ही आसमान पर इलेक्ट्रॉनिक पतंगों को भव्य नजारा देखने को मिला।</p>
<p><strong>दुल्हन</strong> की तरह सजाए गए इस स्टेडियम में सभी 14 टीमों के खिलाड़ियों और अधिकारियों के अलावा प्रधानमंत्री शेख हसीना, पवार और विश्व क्रिकेट के कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बांग्लादेश के राष्ट्रगान &#8216;आमार सोनार बांग्ला..&#8217; से हुई।</p>
<p><strong>यह </strong>नजारा खत्म ही हुआ था कि बंगबंधु स्टेडियम के साथ लगी विशाल इमारत के बाहरी हिस्से पर लगाई गई विशालकाय एलईडी स्क्रीन पर कलाकारों ने रस्सियों से झूलते हुए पहली बार हवा में क्रिकेट मैच खेला।</p>
<p><strong>इसके</strong> बाद 3500 कलाकारों ने तीनों देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समां बांध दिया। खासकर भारत के मराठी और दक्षिण के नृत्यों के साथ-साथ मशहूर कश्मीरी गीत &#8216;बूमरो-बूमरो&#8217; पर नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।</p>
<p><strong>समारोह </strong>में बांग्लादेश की मशहूर गायिका रूना लैला और कनाडाई रॉक स्टार ब्रायन एडम्स ने अपनी प्रस्तुति से न केवल स्टेडियम में मौजूद दर्शकों बल्कि इस उद्घाटन समारोह का दुनियाभर में सीधा प्रसारण देख रहे करोड़ों दर्शकों को यह एहसास कर दिया कि क्रिकेट में भी ओलंपिक और एशिया खेलों जैसा भव्य उद्घाटन समारोह हो सकता है।</p>
<p><strong>उद्घाटन</strong> समारोह में विभिन्न क्रिकेट बोर्डो के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित थे। इस उद्घाटन समारोह को &#8216;सीमाओं के पार क्रिकेट&#8217; का नाम दिया गया था। भारतीय संगीतकार तिकड़ी शंकर,एहसान और लॉय ने विश्वकप का थीम गीत &#8216;दे घुमा के&#8217; प्रस्तुत किया जबकि रुना लैला ने अपना सबसे मशहूर गाना &#8216;दमादम मस्त कलंदर&#8217; गाकर सबको थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। </p>
<p><strong>भारत</strong>, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहे क्रिकेट के इस महाआयोजन के लिए बांग्लादेश की राजधानी में सुरक्षा मुस्तैद कर दी गई है। 43 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान तीन देशों के 13 आयोजन स्थलों पर कुल 51 मैच खेले जाएंगे।</p>
<p><strong>उद्घाटन</strong> समारोह के दौरान 135 मिनट का रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया। इसके बाद गीत, संगीत, नृत्य और लेजर शो के जरिए दर्शकों का मन मोहने का प्रयास किया गया। इसे देखने के लिए स्टेडियम में 40,000 से अधिक लोग मौजूद रहे।</p>
<p><strong>विश्व</strong> कप के उद्घाटन समारोह का आयोजन भारतीय कम्पनी विचक्राफ्ट इंटरटेनमेंट ने किया। इसी कम्पनी ने अक्टूबर में भारत में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह और समापन समारोह का आयोजन किया था। इन दोनों आयोजनों को दुनिया भर ने सराहा था।</p>
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		<title>झारखंड की राजधानी रांची में 34वें राष्ट्रीय खेल का रंगारंग शुभारंभ</title>
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		<pubDate>Sat, 12 Feb 2011 18:53:42 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<description><![CDATA[झारखंड की राजधानी रांची में स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 34वें राष्ट्रीय खेलों की रंगारंग शुरुआत हुई। प्रदेश के राज्यपाल एम.ओ.एच. फारुक ने लगभग 33,000 दर्शकों के सामने राज्य में पहली बार हो रहे राष्ट्रीय खेलों का विधिवत उद्घाटन किया। फारुक उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/national_games.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/national_games-300x214.jpg" alt="" title="national_games" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21576" /></a><strong>झारखंड </strong>की राजधानी रांची में स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 34वें राष्ट्रीय खेलों की रंगारंग शुरुआत हुई। प्रदेश के राज्यपाल एम.ओ.एच. फारुक ने लगभग 33,000 दर्शकों के सामने राज्य में पहली बार हो रहे राष्ट्रीय खेलों का विधिवत उद्घाटन किया। फारुक उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे।</p>
<p><strong>उद्घाटन </strong>समारोह में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p><strong>कार्यक्रम </strong>की शुरुआत राष्ट्रगान से की गई। इसके बाद खिलाड़ियों का मार्च-पास्ट हुआ। इसके बाद राज्यपाल ने इन खेलों की शुरुआत की घोषणा की।</p>
<p><strong>34वें </strong>राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेल स्पर्धाओं की शुरुआत रविवार को होगी। खेलों के आयोजन रांची के अलावा धनबाद और जमशेदपुर में किए जाने हैं।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>वर्ल्ड कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम घोषित,रोहित,ईशांत,श्रीसंत बाहर</title>
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		<pubDate>Mon, 17 Jan 2011 18:36:44 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<description><![CDATA[आज विश्व कप 2011 के लिए 15 सदस्यीय टीम का चयन कर लिया गया। विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा करने के बाद चयन समिति के अध्यक्ष के श्रीकांत ने सोमवार को कहा कि चयनकर्ताओं ने 19 फरवरी से दो अप्रैल तक उपमहाद्वीप में चलने वाले महाकुंभ के लिए संतुलित टीम का [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/01/ICC-Cricket-World-Cup.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/01/ICC-Cricket-World-Cup.jpg" alt="" title="ICC-Cricket-World-Cup" width="300" height="245" class="alignright size-full wp-image-21525" /></a><strong>आज </strong>विश्व कप 2011 के लिए 15 सदस्यीय टीम का चयन कर लिया गया। विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा करने के बाद चयन समिति के अध्यक्ष के श्रीकांत ने सोमवार को कहा कि चयनकर्ताओं ने 19 फरवरी से दो अप्रैल तक उपमहाद्वीप में चलने वाले महाकुंभ के लिए संतुलित टीम का चयन किया।</p>
<p><strong>लेग</strong> स्पिनर पीयूष चावला का 19 फरवरी से उप महाद्वीप में शुरू होने वाले आगामी वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम में चुना जाना हैरानी भरा है जबकि युवा बल्लेबाज रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को इसमें जगह नहीं दी गई।</p>
<p><strong>बीसीसीआई</strong> सचिव एन श्रीनिवासन ने चयन समिति की बैठक में टीम का चयन किया जिसमें तमिलनाडु के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को शामिल किया गया है जो बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं।</p>
<p><strong>टीम </strong>में सिर्फ दो स्थान पर ही खिलाड़ियों को जगह दी जा सकती थी और चयनकर्ताओं ने प्रज्ञान ओझा के बजाय चावला और अश्विन को चुनने का फैसला किया जिससे इसमें तीन विशेषज्ञ स्पिनर हो गए हैं।</p>
<p><strong>टीम </strong>चुनने से पहले भारत की मुख्य चिंता चार अहम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को लेकर थी जो चोटिल थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने यह उम्मीद करते हुए उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया कि सभी चार क्रिकेटर विश्व कप से पहले पूरी तरह फिट हो जाएंगे।</p>
<p><strong>वर्ष </strong>2008 में अपना अंतिम वनडे मैच खेलने वाले चावला को शामिल करने के अलावा धोनी की कप्तानी वाली विश्व कप की इस टीम में कोई अन्य बड़ा फेरबदल देखने को नहीं मिला। करीब डेढ़ घंटे तक बैठक करने वाले राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की पिचों को ध्यान में रखते हुए तीन विशेषज्ञ स्पिन गेंदबाजों को शामिल किया है।</p>
<p><strong>मुख्य </strong>चयनकर्ता कृष्णामचारी श्रीकांत ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने जिस टीम को चुना है वह जीत के लिए सर्वश्रेष्ठ संभावित टीम है जो हमारे लिए विश्व कप जीत सकती है। हमने (चयनकर्ताओं) टीम चुनने से पहले यहां बैठक में गहन चर्चा की।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>कहा कि विकेट, विपक्षी टीम जैसी सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने काफी संतुलित टीम चुनी है। मुख्य चयनकर्ता ने कहा कि भारत के स्पिनरों के लिए मददगार विकेटों को ध्यान में रखते हुए तीन विशेषज्ञ गेंदबाजों को चुना गया है।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>कहा कि मत भूलिये कि आप भारत में खेल रहे हैं। टर्निंग विकेट पर स्पिनर काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस तरह का संतुलन हमारा है, जिस तरह का हमारा बल्लेबाजी क्रम है, महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली यह क्रिकेट टीम हमारे लिए यह काम (विश्व कप जीत) करेगी।</p>
<p><strong>श्रीकांत</strong> ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम पिछले दो सालों में टेस्ट और वनडे क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। वे केवल भारत में ही नहीं बल्कि बाहर भी निरंतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह टीम अच्छा खेलेगी और घरेलू दर्शकों के सामने हमारे लिए विश्व कप जीतेगी।</p>
<p><strong>विश्व </strong>कप टीम में छह बल्लेबाज, चार तेज गेंदबाज, तीन स्पिन गेंदबाज, एक आलराउंडर यूसुफ पठान और एक विकेटकीपर धोनी शामिल हैं। सभी क्रिकेट प्रशंसकों को सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग के विश्व कप से पहले चोट से उबरने की उम्मीद रहेगी।</p>
<p><strong>तेज</strong> गेंदबाजी का जिम्मा जहीर खान, मुनाफ पटेल, प्रवीण कुमार और आशीष नेहरा संभालेंगे। हरभजन सिंह मुख्य स्पिनर होंगे और इनके अलावा चावला और अश्विन को भी बतौर स्पिनर शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>क्रिकेट</strong> विश्व कप में भारत को ग्रुप बी में बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड और हालैंड के साथ रखा गया है और उसका पहला मैच 19 फरवरी को मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ होगा।</p>
<p><strong>टीम इस प्रकार हैः-</strong></p>
<p>महेंद्र सिंह धोनी ( कप्तान)<br />
सचिन तेंदुलकर<br />
वीरेंद्र सहवाग<br />
गौतम गंभीर<br />
युवराज सिंह<br />
सुरेश रैना<br />
विराट कोहली<br />
यूसुफ पठान<br />
जहीर खान<br />
प्रवीण कुमार<br />
पीयूष चावला<br />
हरभजन सिंह<br />
आर आश्विन<br />
मुनाफ पटेल<br />
आशीष नेहरा</p>
<p>एजेंसियां</p>
]]></content:encoded>
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		<title>टेस्ट रैंकिंग में सचिन और कैलिस संयुक्त रूप से बने नंबर एक</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Jan 2011 18:15:39 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<description><![CDATA[मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में तीसरे और आखिरी टेस्ट में अपना 51वां शतक बनाने की बदौलत आईसीसी की शुक्रवार को जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। सचिन और केपटाउन टेस्ट की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस टेस्ट [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/01/sachin.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/01/sachin-300x214.jpg" alt="" title="sachin" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21445" /></a><strong>मास्टर </strong>ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में तीसरे और आखिरी टेस्ट में अपना 51वां शतक बनाने की बदौलत आईसीसी की  शुक्रवार को जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं।</p>
<p><strong>सचिन </strong>और केपटाउन टेस्ट की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस टेस्ट रैंकिंग में श्रीलंका के कुमार संगकारा को अपदस्थ कर संयुक्त रूप से नंबर एक स्थान पर पहुंच गए। सचिन और कैलिस दोनों के एक बराबर 883 अंक हैं। संगकारा 882 अंकों के साथ अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।</p>
<p><strong>सचिन </strong>सेंचुरियन में पहले टेस्ट में अपना 50वां शतक बनाने के बाद चोटी पर चल रहे श्रीलंका के कुमार संगकारा के बिल्कुल नजदीक पहुंच गए थे लेकिन डरबन में दूसरे टेस्ट में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण नंबर वन बनने का मौका चूक गए थे।</p>
<p><strong>उस </strong>समय उनके और संगकारा के बीच मात्र दो अंकों का फासला था, लेकिन सचिन डरबन टेस्ट में दोनों पारियों में कुछ खास न कर पाने के कारण 32 अंक गिरकर 848 अंकों पर पहुंच गए थे। मगर केपटाउन में 146 रन की पारी ने सचिन को 35 अंक दे दिए और वह नए साल में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए।</p>
<p><strong>मास्टर </strong>ब्लास्टर ने इस तरह नए साल का आगाज शतक बनाने और टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनने की उपलब्धि के साथ किया। गत वर्ष भी वह लंबे समय के बाद टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पोजीशन पर पहुंचे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में सामान्य प्रदर्शन करने के कारण अपनी बादशाहत गंवा बैठे थे।</p>
<p><strong>सचिन </strong>ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में दो शतकों और 81.50 के औसत के साथ भारत की तरफ से सर्वाधिक 326 रन बनाए जो सीरीज में कैलिस (498) के बाद दूसरे सर्वाधिक रन थे।</p>
<p><strong>इस </strong>सीरीज में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर मैन आफ द सीरीज बने कैलिस ने इस सीरीज में न केवल अपने करियर का पहला दोहरा शतक बनाया बल्कि केपटाउन में आखिरी टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में 161 और नाबाद 109 रन बनाए।</p>
<p><strong>कैलिस </strong>इस मैच से पहले 820 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर थे लेकिन उन्होंने 63 अंक की लंबी छलांग लगाते हुए सचिन के साथ चोटी का स्थान हासिल कर लिया।</p>
<p><strong>इंग्लैंड</strong> के जोनाथन ट्राट एक स्थान गिरकर तीसरे से चौथे स्थान पर पहुंच गए जबकि उनके हमवतन एलेस्टेयर कुक आस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज में अपने जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत टाप टेन बल्लेबाजों में शुमार हो गए। कुक अब पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं।</p>
<p><strong>भारतीय </strong>ओपनर वीरेन्द्र सहवाग को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का खामियाजा उठाना पड़ा और वह चौथे से छठे स्थान पर पहुंच गए जबकि वीवीएस लक्ष्मण अपने नौवें स्थान पर बरकरार हैं।</p>
<p><strong>ओपनर </strong>गौतम गंभीर दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ के साथ संयुक्त 15वें स्थान पर हैं लेकिन इस सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले राहुल द्रविड़ 28वें स्थान पर हैं। भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी 26वें स्थान पर हैं।</p>
<p><strong>गेंदबाजी </strong>में दक्षिण अफ्रीका के तूफानी गेंदबाज डेल स्टेन सीरीज में जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत चोटी पर बने हुए हैं और 900 रेटिंग अंक का जादुई आंकड़ा छूने से सिर्फ एक अंक दूर रह गए हैं। इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान 793 अंकों के साथ दूसरे और उनके हमवतन तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन 776 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।</p>
<p><strong>दक्षिण </strong>अफ्रीका के मोर्न मोर्कल एक स्थान उठकर 751 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं जबकि भारत के जहीर खान एक स्थान गिरकर पांचवें स्थान पर आ गए हैं। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह आठवें स्थान के साथ टॉप टेन गेंदबाजों में दूसरे भारतीय हैं।</p>
<p>एजेंसियां</p>
]]></content:encoded>
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		<item>
		<title>सेंचुरियन में 50वां टेस्ट शतक जड़ सचिन ने रचा इतिहास</title>
		<link>http://www.janatantra.com/news/2010/12/19/sachin-created-history-by-making-50th-test-hundred-at-senchurian/</link>
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		<pubDate>Sun, 19 Dec 2010 17:15:14 +0000</pubDate>
		<dc:creator>राकेश कुमार</dc:creator>
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		<description><![CDATA[साउथ अफ्रीका के सुपर स्पोर्ट पार्क में सचिन तेंडुलकर वो करनामा कर दिखाया जिसका हर क्रिकेट प्रेमी को इंतजार था। बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर ने रविवार को टेस्ट मैचों में शतकों का अर्धशतक पूरा करके क्रिकेट जगत में नया इतिहास रचने के साथ ही पिछले 77 दिन से चला आ रहा लंबा इंतजार भी [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/12/sachin.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/12/sachin-300x214.jpg" alt="" title="sachin" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21227" /></a><strong>साउथ </strong>अफ्रीका के सुपर स्पोर्ट पार्क में सचिन तेंडुलकर वो करनामा कर दिखाया जिसका हर क्रिकेट प्रेमी को इंतजार था।  बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर ने रविवार को टेस्ट मैचों में शतकों का अर्धशतक पूरा करके क्रिकेट जगत में नया इतिहास रचने के साथ ही पिछले 77 दिन से चला आ रहा लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया।</p>
<p><strong>रिकार्ड</strong> 175वें टेस्ट मैच की 286वीं पारी खेलने वाले तेंदुलकर दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने 50 टेस्ट शतक लगाए हैं। उनके नाम पर वनडे मैचों में 46 शतक दर्ज हैं और इस तरह से वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का सैकड़ा पूरा करने के करीब हैं।</p>
<p><strong>दुनिया</strong> का कोई विशेषण नहीं है जो क्रिकेट के मैदान में खेल रहे सचिन तेंडुलकर की बल्लेबाजी की पूर्ण व्याख्या कर सके। वो जब-जब मैदान पर उतरते हैं एक नया रिकार्ड बन जाता है। सचिन तेंडुलकर ने शतकों का अर्धशतक लगा एक और ऐसा रिकार्ड बना दिया है जिसे तोड़ने की आस में हजारों क्रिकेटर नैट पर पसीना बहाएंगे।</p>
<p><strong>इस</strong> 37 वर्षीय बल्लेबाज ने ऐसे समय में अपना 50वां सैकड़ा ठोका जबकि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में गहरे संकट में थी और उस पर पारी का हार का खतरा मंडरा रहा था। इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालांकि सहज होकर बल्लेबाजी की और कई उम्दा शाट लगाकर दर्शकों को रोमांचित किया।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>स्पिनर पाल हैरिस की गेंद पर मिड आफ पर छक्का जड़कर नाइंटीज में पहुंचे और इसके बाद उन्होंने डेल स्टेन की गेंद पर कवर क्षेत्र में एक रन लेकर पूरा किया। उनकी इस महान उपलब्धि का स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों और भारतीय खिलाड़ियों ने ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटरों ने भी तालियां बजाकर स्वागत किया।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>ने हमेशा की तरह शतक पूरा करने के बाद आसमान की तरफ देखकर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया और दोनों हाथ हवा में लहराने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। वह इसके बाद साथी बल्लेबाज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पास आए और उनसे कुछ देर तक गुप्तगू करने के बाद पारी आगे बढ़ाने लग गए।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>ने इस साल 11 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलूर में 214 रन की पारी खेलकर अपना 49वां शतक पूरा किया था और तब से उनके 50वें शतक का इंतजार बना हुआ था। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी मैच की दूसरी पारी में नाबाद 53 रन बनाए थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैच की सीरीज की पांच पारियों में वह शतक नहीं बना पाए थे जिससे दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार बढ़ गया था।</p>
<p><strong>दुनिया </strong>के इस सर्वकालिक महान बल्लेबाज ने हालांकि दक्षिण अफ्रीका पहुंचते ही क्रिकेट जगत का यह इंतजार खत्म कर दिया। तेंदुलकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले न सिर्फ दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं बल्कि इससे उनके और दूसरे नंबर पर काबिज आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग (39) के शतकों के बीच 11 शतक का अंतर आ गया है। दक्षिण अफ्रीका के जाक कैलिस 38 शतक लगाकर तीसरे नंबर पर हैं।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>दुनिया के उन कुछेक बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट खेलने वाले प्रत्येक देश के खिलाफ शतक लगाए हैं। उन्होंने सर्वाधिक 11 शतक आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए हैं। इसके बाद श्रीलंका (नौ शतक), इंग्लैंड (सात शतक), दक्षिण अफ्रीका (छह शतक), बांग्लादेश (पांच शतक), न्यूजीलैंड (चार शतक), वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे (तीन-तीन शतक) तथा पाकिस्तान (दो शतक) का नंबर आता है। इनमें से उन्होंने 22 शतक भारतीय और 28 शतक विदेशी सरजमीं पर लगाए हैं।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>ने शतक पूरा करने तक 175 टेस्ट की 286 पारी में 56.86 की औसत से 14502 रन बनाए थे। उन्होंने टेस्ट मैचों में 50 शतक के अलावा 59 अर्धशतक भी लगाए हैं।साथ ही उन्होंने 442 एकदिवसीय मैचों में भी अब तक 46 शतक लगाए हैं। एकदिवसीय मैचों में तेंदुलकर के नाम 17598 रन दर्ज हैं। इसमें 93 अर्धशतक भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>तेंदुलकर </strong>के नाम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब 77 शतक दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने प्रथम श्रेणी और सीमित ओवरों की क्रिकेट में कुल मिलाकर 134 शतक लगाए हैं। इनमें सीमित ओवरों की क्रिकेट में उन्होंने 57 सैकड़े जमाए हैं।</p>
<p><strong>गौरतलब </strong>है कि नवंबर 1989 में 21 साल पहले सचिन तेंडुलकर ने पहली बार टेस्ट मैच खेला था। पाकिस्तान की जमीन पर भारत के झंडे को बुलंद करने वाले सचिन आज उस बुलंदी पर खड़े हैं जहां से सिर्फ रिकॉर्ड ही दिखाई देते हैं।</p>
<p><strong>तेंदुलकर</strong> ने अपना पहला टेस्ट शतक 20 साल से भी अधिक समय पहले 14 अगस्त 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में बनाया था। संयोग से उन्होंने यह शतक भी भारत की दूसरी पारी में लगाया था। तब उन्होंने नाबाद 119 रन बनाकर भारत की हार टाली थी। तेंदुलकर ने वैसे अब तक भारत की दूसरी पारी में केवल 13 शतक लगाए हैं। अपने प्रिय बल्लेबाजी क्रम चौथे नंबर पर यह उनका 44वां शतक है।</p>
<p><strong>भारत </strong>की तरफ से सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज तेंदुलकर ने अपना दसवां शतक भी इंग्लैंड के खिलाफ नाटिंघम में 1996 में लगाया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ही 2002 में लीड्स में 30वां शतक लगाकर सर डान ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा था और फिर दस दिसंबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली में 35वां शतक जमाकर हमवतन सुनील गावस्कर के रिकार्ड को तोड़ा था।</p>
<p><strong>सेंचुरियन </strong>में अपनी शतकीय पारी के दौरान तेंदुलकर ने 2010 के कैलेंडर वर्ष में 1500 रन भी पूरे किए। वह इस साल इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं।</p>
<p><strong>यह</strong> तेंदुलकर का एक कैलेंडर वर्ष में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है जिसमें सात शतक भी शामिल हैं।दुनिया के इस महानतम बल्लेबाज के करिअर में पहला मौका है जब उन्होंने कैलेंडर वर्ष में 1500 से ज्यादा रन बनाये हैं। इससे पहले एक कैलेंडर वर्ष में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1392 रन था जो उन्होंने 2002 में बनाया था। साथ ही छठी बार उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन पूरे किये हैं। सचिन इससे पहले 1997, 1999, 2001. 2002 और 2008 में 1000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस वर्ष सचिन का यह सातवां टेस्ट शतक है। उन्होंने सात शतक और पांच अर्धशतक बनाये हैं।</p>
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		<title>टीम कुंबले की जीत से जगी क्रिकेट से कचरा साफ होने की उम्मीद</title>
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		<pubDate>Mon, 22 Nov 2010 13:43:58 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अभिषेक दूबे</dc:creator>
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		<description><![CDATA[भारतीय क्रिकेट में रविवार का दिन खास था, इसलिए नहीं कि सचिन रमेश तेंदुलकर 50 शतक के करीब थे और अगले दिन मास्टर ब्लास्टर के दीवानों का इंतेजार थोड़ा और लंबा हो गया। 21 नवंबर का दिन इसलिए अहम था क्योंकि टीम अनिल कुंबले ने पूरी तरह से कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन पर कब्जा कर लिया। [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/kumble_srinath.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/kumble_srinath.jpg" alt="" title="kumble_srinath" width="300" height="182" class="alignright size-full wp-image-20672" /></a>भारतीय क्रिकेट में रविवार का दिन खास था, इसलिए नहीं कि सचिन रमेश तेंदुलकर 50 शतक के करीब थे और अगले दिन मास्टर ब्लास्टर के दीवानों का इंतेजार थोड़ा और लंबा हो गया। 21 नवंबर का दिन इसलिए अहम था क्योंकि टीम अनिल कुंबले ने पूरी तरह से कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन पर कब्जा कर लिया। आखिर क्या है पूर्व भारतीय कप्तान कुंबले, तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद की जीत के मायने। <span id="more-20671"></span></p>
<p>भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच अहमदाबाद में खेला जा रहा था। सचिन के 50-वें शतक को लेकर सुगबुगाहट तेज थी, लेकिन शाम में मैं कुछ पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई अधिकारियों के साथ होटल की लॉबी में बैठा था। बीसीसीआई राजनीति में अनिल कुंबले के कूदने पर चर्चा हो रही थी। तभी किसी सज्जन ने बहस में कूदते हुए कहा कि मौजूदा बीसीसीआई अधिकारियों के गैर-पेशेवर रवैये के बावजूद भारत नम्बर एक टेस्ट टीम है। अगर दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में पेशेवर रवैया आ जाए, तो भारत क्रिकेट में आने वाले कई साल तक एकाधिकार जमा सकता है। </p>
<p>बीसीसीआई में हमारे मित्र इस बात से हमेशा नाराज रहते हैं कि देश में सबसे बेहतरीन संचालित खेल संगठन होने के बावजूद उन्हें हमेशा क्यों टार्गेट किया जाता है? बदलते भारत में अब ये पैमाना नहीं हो सकता कि दूसरे बोर्ड खराब हैं, तो इसलिए बीसीसीआई बेहतर है। अर्थशास्त्र की भाषा में कहें तो सवाल संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल का है। तो क्या कुंबले, श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद से वो उम्मीद की जा सकती है जो डालमिया-पवार से लेकर शशांक मनोहर जैसे अधिकारी नहीं कर पाए? जवाब यकीनन हां होगा। </p>
<p>पूर्व क्रिकेटर इससे पहले भी बीसीसीआई की राजनीति में गोता लगा चुके हैं। लेकिन सच ये है कि टीम अनिल कुंबले इन सबसे अलग है। सबसे पहले इंग्लैंड दौरे के लिए चुने जाने से पहले अनिल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिस्टिंक्शन से पास किया। जम्बो के साथी क्रिकेटरों की मानें तो जब खाली समय में बाकी क्रिकेटर मौज मस्ती करते, युवा लेग स्पिनर किताबों डूबा रहता है। पांच से अधिक विकेट लेकर टीम को जीताने की बात हो या फिर सभी दस पाकिस्तानी विकेट चटकाने का कारनामा&#8230; कुंबले से बड़ा मैचविनर कोई भी नहीं रहा। कुंबले कैसे टीम-मैन हैं इसका वो परिचय टूटे जबड़े से गेंदबाजी कर के दे चुके हैं। लेकिन असली कुंबले को ड्रेसिंग रूम से बाहर दुनिया ने तब देखा जब करियर के आखिरी पड़ाव में वो कप्तान बने। </p>
<p>अपनी आतिशी बल्लेबाजी और बेबाक राय के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने तो एक बार यहां तक कहा था कि उन्होंने जितने कप्तानों के अंदर खेला, उनमें कुंबले सबसे बेहतर थे&#8230;&#8217;only one team played in the true spirit of the game&#8217;- सिडनी टेस्ट के बाद भारतीय कप्तान अनिल कुंबले के सिर्फ इस एक बयान ने कप्तान रिकी पोंटिग और कंगारू क्रिकेट की हवा निकाल दी। भज्जी-साइमंड्स विवाद के बाद जिस तरह से कुंबले ने मामले को संभाला, हर किसी को अंदाजा लग गया कि वो कप्तान से आगे बढकर एल्डर स्टेट्समैन बन चुके हैं।</p>
<p>अनिल कुंबले की एक और खासियत है। वो चुनौतियों से कभी नहीं भागते। बैंगलोर रॉयल चैलेंजर्स के मालिक विजय माल्या जब केविन पीटरसेन समेत बड़े क्रिकेटरों से हाथ जला चुके थे, अनिल ने मोर्चा संभाला और अपनी टीम की काया पलट दी। उन्होंने बीसीसीआई को युवा क्रिकेटरों को सोशल एड्यूकेशन देने, मैदान के बाहर और अंदर उम्दा बर्ताव की बारीकियों को जानने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपी। रिटायरमेंट के बाद बाकी क्रिकेटरों की तरह कुंबले भी कामेंट्री-रूम में बैठने, कोच बनाने या फिर बोर्ड की समितियों में आने का इंतजार कर सकते थे। बावजूद इसके साख की परवाह किए बिना वो बोर्ड की राजनीति में कूद गए। साफ तौर पर कुंबले ऐसे लोगों में नहीं हैं जो ड्रॉइंग रूम में बैठकर पॉलिटिक्स को डर्टी वर्ड या शब्द बताते हैं और अगले दिन कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते। ऐसे में भारतीय क्रिकेट को बदलने में कुंबले से उपयुक्त उम्मीदवार शायद ही कोई होगा। </p>
<p>कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन का सिर्फ नया मुखिया ही दमदार नहीं, पूरी टीम अपने कप्तान की तरह ही सोचती है। उनमें एक जज्बा है। कुंबले की ही तरह जवागल श्रीनाथ भी इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके हैं और अपने दौर के जबरदस्त तेज गेंदबाजों में एक रहे। 1996 में दक्षिण अफ्रीका दौरे में 156 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उन्होंने एक गेंद फेंकी और 1999 वर्ल्ड कप में भी उनकी एक गेंद 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी। वो तेज गेंदबाजों की दिक्कतों को बखूबी समझते हैं और कुंबले-सचिन-राहुल-सौरव के साथ ऐसे क्रिकेटरों में एक रहे जिन्होंने भारतीय ड्रेसिंग रूम में सीनियर-जूनियर की खाई को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। श्रीनाथ चुंनिदा भारतीय क्रिकेटरों में एक हैं जिन्होंने शिखर पर क्रिकेट को अलविदा कहा और रिटायरमेंट के बाद आईसीसी मैच रेफरी की भूमिका निभाई। श्रीनाथ इसके अलावा इंफोसिस समेत कई बड़ी कंपनियों में सलाहकार और गेस्ट लेक्चर की भूमिका से जुड़े रहे हैं और भारतीय क्रिकेट को लेकर एक विजन रखते हैं। </p>
<p>श्रीनाथ ने जीत के बाद इस बात पर पूरा जोर दिया कि उनकी टीम पावर को डेलिगेट करेगी और इसके बाद जिम्मेदारियां तय करेगी। इस टीम में वेंकटेश प्रसाद भी हैं जो भारतीय टीम के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। राहुल द्रविड़ ने व्यस्त न्यूजीलैंड दौरे से पहले समय निकाल कर टीम कुंबले की हौसला अफजाई की और उनके समर्थन में उतरे। </p>
<p>साफ है कि ड्राइंग रूम में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करने की बजाय भारतीय क्रिकेट के ये सितारे अपनी नई सोच के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सुनहरा बदलाव लाना चाहते हैं। क्रिकेट के हर दीवानों को चाहिए कि वो इन जांबाजों का पूरा साथ दे। </p>
<p>बोर्ड की राजनीति में बदलाव की बयार चल पड़ी है। बीसीसीआई के मौजूदा कर्ताधर्ताओं को अभी भले ही लगे कि वूडयार या ब्रजेश पटेल के जाने के बाद उनके रास्ते का एक और कांटा खत्म हो चुका है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम हैं। सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के रास्ते बोर्ड की राजनीति में आने का संकेत पहले ही दे चुके हैं। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन समेत कुछ और एसोसिएशनों में ऐसी सुगबुगाहट है। </p>
<p>भारत के जबरदस्त ऑलराउंडर कपिल देव ने कहा था कि खिलाड़ी आखिर खेल संघों की कमान क्यों नहीं संभाल सकते। कुंबले-श्रीनाथ और सौरव ना सिर्फ कमान संभाल सकते हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट को ऐसी ऊंचाईयों में ले जा सकते हैं जहां किसी के लिए पहुंचना सपना होगा। ये ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने भारतीय ड्रेसिंग रूम को बदल दिया और नम्बर एक टीम की बुनियाद तैयार की। ये ऐसे प्रशासक साबित हो सकते हैं जो आने वाली क्रिकेट पीढ़ी को खुद मिसाल बनकर ऐसी सुविधा, सोच और हौसला दे सकते हैं जिससे भारत लम्बे समय के लिए क्रिकेट का सुपर पावर बना रहे&#8230;.</p>
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		<title>साइना की अप्रत्याशित हार,कहा दबाव के कारण हारी</title>
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		<pubDate>Fri, 19 Nov 2010 05:46:31 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<description><![CDATA[भारत की बैडमिंटन सनसनी साइना नेहवाल की हार के साथ ही 16वें एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारत के पदक जीतने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। दुनिया की 12वें नंबर की हांगकांग की खिलाड़ी यिप पुई यिन ने गुरुवार को महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में साइना को 21-8, 8-21, 21-19 से हराया। [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/VBK-SAINA_289629e1.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/VBK-SAINA_289629e1-206x300.jpg" alt="" title="VBK-SAINA_289629e" width="206" height="300" class="alignright size-medium wp-image-20570" /></a>भारत की बैडमिंटन सनसनी साइना नेहवाल की हार के साथ ही 16वें एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारत के पदक जीतने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। दुनिया की 12वें नंबर की हांगकांग की खिलाड़ी यिप पुई यिन ने गुरुवार को महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में साइना को 21-8, 8-21, 21-19 से हराया।</p>
<p> तियानही जिम्नेजियम में खेले गए क्वार्टर फाइनल में साइना ने यिप यिन को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वे सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई । दोहा एशियाड (2006) की रजत पदक विजेता यिप यिन ने पहला गेम 21-8 से जीतकर अपने इरादे जता दिए। लेकिन साइना ने जुझारू खेल का प्रदर्शन करते हुए दूसरा गेम 21-8 से ही जीतकर मैच में वापसी कर ली। </p>
<p>तीसरे व निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों में जबर्दस्त मुकाबला हुआ। एक समय इस गेम में साइना 6-9 से पिछड़ रही थीं लेकिन कुछ ही देर में उन्होंने 15-13 की बढ़त बना ली। साइना बैडमिंटन में भारत को पदक दिलाने की एकमात्र उम्मीद बची थीं और शायद यह दबाव उन पर भारी पड़ गया। </p>
<p>वे आखिरी मौकों पर कुछ गलतियां कर बैठीं और 23 वर्षीय यिप यिन ने यह मुकाबला 21-19 से जीतकर भारतीय उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। यिन यिप ने साइना के 12 के मुकाबले 22 जबर्दस्त स्मैश लगाए। </p>
<p>राष्ट्रमंडल खेलों की गोल्ड विजेता सायना ने मैच के बाद कहा भी कि उनपर अतिरिक्त दबाव हावी हो गया था वरना वे यह  मैच आसानी से जीत सकती थीं।</p>
<p>एजेंसी</p>
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		<title>गैरजिम्मेदार रवैये की कीमत चुका रहे हैं युवराज,टीम से बाहर करने के बाद ग्रेड भी कम किया गया</title>
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		<pubDate>Thu, 11 Nov 2010 12:26:53 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<description><![CDATA[दूसरे टेस्‍ट मैच से एक दिन पहले बीसीसीआई ने नई कॉन्‍ट्रैक्‍ट लिस्‍ट जारी की है। इसके मुताबिक युवराज सिंह को खराब प्रदर्शन के चलते ग्रेड ए से ग्रेड बी में कर दिया गया है। यह नुकसान झेलने वाले युवराज एक मात्र खिलाड़ी हैं, जबकि ग्रेड ए में प्रमोशन मात्र सुरेश रैना को दिया गया है। [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/yuvrajsingh71.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/yuvrajsingh71-255x300.jpg" alt="" title="yuvrajsingh71" width="255" height="300" class="alignright size-medium wp-image-20365" /></a><strong> दूसरे</strong> टेस्‍ट मैच से एक दिन पहले बीसीसीआई ने नई कॉन्‍ट्रैक्‍ट लिस्‍ट जारी की है। इसके मुताबिक युवराज सिंह को खराब प्रदर्शन के चलते ग्रेड ए से ग्रेड बी में कर दिया गया है। यह नुकसान झेलने वाले युवराज एक मात्र खिलाड़ी हैं, जबकि ग्रेड ए में प्रमोशन मात्र सुरेश रैना को दिया गया है।</p>
<p>बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ विभिन्न ग्रेड में करार करती है। ए ग्रेड में नौ खिलाड़ी शामिल हैं, बी में सात और सी ग्रेड में 6 खिलाड़ी हैं। करार के अनुसार ए ग्रेड वाले खिलाड़ियों को साल में एक करोड़ रुपए जबकि बी ग्रेड में 50 लाख दिए जाते हैं।  सी ग्रेड में सालाना 25 लाख रुपए दिए जाते हैं। </p>
<p>युवराज पिछले कुछ समय से फिटनेस के अलावा अपने रवैये के कारण क्रिकेट टीम से बाहर हैं। जबकि रैना ने मध्य क्रम में बेहतरीन बल्लेबाजी कर बीसीसीआई का विश्वास जीता है।</p>
<p>बीसीसीआई ने मैच फीस में भी बढ़ोतरी की है। अब हर टेस्ट मैच के लिए खिलाड़ियों को  7 लाख रुपए, एक दिवसीय मैच के लिए 4 लाख, जबकि टी-20 मैच के लिए 2 लाक रुपए मिलेंगे।  </p>
<p>इस बीच, कल से शुरू हो रहे दूसरे टेस्‍ट मैच के मद्देनजर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम मैकिंटोश भारतीय गेंदबाज जहीर खान से काफी परेशान हैं। उनकी टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ खेली गई पांच पारियों में से तीन में वे जहीर के शिकार बने हैं। लेकिन इस बार उन्होंने कमर कस ली है। हैदराबाद में शुक्रवार को वे जहीर से बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। </p>
<p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा क्रिकेट मैच शुक्रवार को शुरू हो रहा है। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम मैकिंटोश ने कहा है कि उन्हें भारतीय गेंदबाज जहीर खान से हिसाब बराबर करना है। मैकिंटोश अहमदाबाद में खेले गए पहले मैच की दोनों पारियों में कुल 16 गेंदें खेलकर जहीर की गेंदों का शिकार हुए थे। </p>
<p>कीवी बल्लेबाज ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरी बल्लेबाजी के समय जहीर गेंदबाजी करने आएं।</p>
<p>इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने फॉर्म को लेकर संघर्ष कर रहे ओपनर गौतम गंभीर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गंभीर बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उम्मीद है कि वे जल्दी ही फार्म में लौटेंगे। </p>
<p>दूसरे टेस्ट मैच के एक दिन पहले नेट प्रेक्टिस के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि निश्चित ही उन पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव है। उन्होंने साफ कर दिया कि बतौर ओपनर आजमाए गए मुरली विजय को अभी और प्रतीक्षा करनी होगी। गंभीर की उपस्थिति में विजय ने ओपनिंग की थी और बेहतर खेल का प्रदर्शन किया था। </p>
<p>खुद की बल्लेबाजी के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वे बेहतर शुरूआत तो कर रहे हैं लेकिन इसे बड़ी पारियों में नहीं बदल पा रहे हैं। </p>
<p>एजेंसी</p>
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		<title>रेफरल सिस्टम के पक्ष में वीरू लेकिन सचिन ने किया विरोध</title>
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		<pubDate>Mon, 01 Nov 2010 06:42:41 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<description><![CDATA[बीसीसीआई अंपायर रेफरल सिस्टम के पक्ष में नहीं है।उसने कई मौकों पर इसे लागू करने पर असहमति दिखाई है लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इस नियम को लागू करने के पक्ष में हैं। वीरेंद्र सहवाग ने कहा, यूडीआरएस एक अच्छी प्रणाली है। क्रिकेट में अंपायरों से कई बार गलती हो जाती है। टेस्ट और [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/sachin-sehwag09.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2010/11/sachin-sehwag09.jpg" alt="" title="CRICKET-IND-AUS" width="235" height="191" class="alignright size-full wp-image-20010" /></a><strong>बीसीसीआई</strong> अंपायर रेफरल सिस्टम के पक्ष में नहीं है।उसने कई मौकों पर इसे लागू करने पर असहमति दिखाई है लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इस नियम को लागू करने के पक्ष  में  हैं।</p>
<p>वीरेंद्र सहवाग ने कहा, यूडीआरएस एक अच्छी प्रणाली है। क्रिकेट में अंपायरों से कई बार गलती हो जाती है। टेस्ट और वनडे में कई बार मुझे गलत रूप से पगबाधा आउट दिया गया है। आखिरकार वो भी तो इंसान होते हैं। इस सिस्टम से दोनों टीमों को फायदा हो सकता है। अगर ये पहले से लागू हो गया होता तो शायद मेरे खाते कहीं ज्यादा रन होते। </p>
<p>वही  बीसीसीआई ने रेफरल सिस्टम को लेकर नाखुशी जाहिर की है।  दक्षिण अफ्रीका के दौरे के लिए मेजबान बोर्ड ने बीसीसीआई से अपील की है कि वो इस सीरीज में यूडीआरएस के उपयोग के लिए राजी हो जाए लेकिन भारतीय बोर्ड ने इस पर चुप्पी साध रखी है।</p>
<p> दिलचस्प बात  है  कि इस नियम  को लागू  न करने  के बीसीसीआई  के फैसले को तेंदुल्कर का समर्थन प्राप्त है। सचिन का मानना है कि रेफरल प्रणाली से क्रिकेट का मजा किरकिरा हो सकता है। उनके मुताबिक अगर इसे पूर्णतः तकनीकी बना दिया गया तो ये सिर्फ एक खेल नहीं रह जाएगा । सचिन  ने  कहा कि कोई भी  खेल तबतक ही  जीवंत रहता है जबतक उसमें मानवीय भूमिका ज्यादा हो।तकनीक  के ज्यादा इस्तेमाल  से हम इसके मूल बिंदू  से कहीं दूर  चले जायेंगे।</p>
<p>एजेंसी</p>
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