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	<title>जनतंत्र &#187; तीर-ए-नज़र</title>
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	<description>बोल के लब आज़ाद हैं तेरे</description>
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		<title>राहत को नहीं मिली &#8216;राहत&#8217;, फेमा और कस्टम एक्ट के तहत आरोप तय</title>
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		<pubDate>Sat, 19 Feb 2011 16:33:29 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने स्थानीय हवाई अड्डे पर बड़ी मात्रा में अघोषित विदेशी मुद्रा रखने के मामले में पाकिस्तान के सूफी गायक राहत फतह अली खान और उनके प्रबंधक मारूफ के खिलाफ फेमा तथा सीमाशुल्क कानून के तहत आरोप लगाए हैं। डीआरआई ने 13 फरवरी को दोनों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे पर [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Rahetfateh.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Rahetfateh-300x214.jpg" alt="" title="Rahetfateh" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21655" /></a><strong>राजस्व </strong>खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने स्थानीय हवाई अड्डे पर बड़ी मात्रा में अघोषित विदेशी मुद्रा रखने के मामले में पाकिस्तान के सूफी गायक राहत फतह अली खान और उनके प्रबंधक मारूफ के खिलाफ फेमा तथा सीमाशुल्क कानून के तहत आरोप लगाए हैं।</p>
<p><strong>डीआरआई</strong> ने 13 फरवरी को दोनों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे पर रोका था। उनके पास कथित तौर पर अघोषित 1.24 लाख डालर थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार निदेशालय ने अपनी जांच पूरी कर ली है और मामला फैसले के लिए भेज दिया गया है। इस पर सीमा शुल्क आयुक्त (हवाई अड्डा) को फैसला करना है। उन्होंने बताया कि कानून के उल्लंघन के आरोप में दोनों पर भारी जुर्माना किया जा सकता है।</p>
<p><strong>सूत्रों </strong>के अनुसार इवेंट मैनेजर चित्रेश श्रीवास्तव और मुंबई के दो विदेशी मुद्रा डीलरों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। राहत और उनके 16 सदस्यीय दल को उस समय रोका गया था जब वे दुबई के रास्ते लाहौर जा रहे थे। विदेशी मुद्रा बरामद होने के मामले में राहत और मारूफ से गहन पूछताछ की गई थी। उन दोनों के अलावा इस मामले में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है।</p>
<p><strong>नियमों </strong>के अनुसार कोई भी व्यक्ति पांच हजार अमेरिकी डालर नकद और ट्रेवलर चेक आदि के जरिए पांच हजार अमेरिकी डालर से ज्यादा नहीं ले जा सकता। अगर कोई इससे ज्यादा राशि ले जाता है तो उसे इसकी घोषणा करनी होगी। राहत हिंदी फिल्मों के प्रमुख पार्श्व गायक हैं और उनके कई गाने काफी हिट हुए हैं। उन्हें इस साल फिल्म इश्किया के गाने दिल तो बच्चा है जी के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>राशन आपूर्ति घोटाला:लेफ्टिनेंट जनरल साहनी को तीन साल कैद</title>
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		<pubDate>Sat, 19 Feb 2011 07:26:03 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के सियाचिन और अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात सैनिकों के लिए घटिया राशन आपूर्ति कराने के आरोप में जनरल कोर्ट मार्शल का सामना कर रहे सेना के अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल एसके साहनी को शुक्रवार को यहां तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ उनके मेडल और स्टार आदि वापस [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/sahni.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/sahni-300x214.jpg" alt="" title="sahni" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21651" /></a><strong>जम्मू-कश्मीर </strong>के सियाचिन और अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात सैनिकों के लिए घटिया राशन आपूर्ति कराने के आरोप में जनरल कोर्ट मार्शल का सामना कर रहे सेना के अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल एसके साहनी को शुक्रवार को यहां तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ उनके मेडल और स्टार आदि वापस ले लेने के आदेश दिए गए हैं। सैन्य सूत्रों ने शुक्रवार को यहां बताया कि अवकाश प्राप्त पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एसके साहनी (65) जीसीएम का सामना करने वाले इस रैंक के पहले ऐसे अधिकारी हैं।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>बताया कि जालंधर स्थित वज्र कॉर्प में पूर्व सैन्य अधिकारी के खिलाफ राशन घोटाले के आरोप में जीसीएम की कार्रवाई चल रही थी। जीसीएम ने शुक्रवार को उन्हें दोषी पाते हुए तीन साल के कठोर कारावास एवं मेडल और स्टार छीन लेने की सजा सुनाई है। सूत्रों ने यह भी बताया कि जीसीएम ने सुनवाई पूरी होने के बाद पूर्व सैन्य अधिकारी को सजा सुनाते हुए इस मामले की रिपोर्ट नयी दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय को भेज दी गई है।</p>
<p><strong>सेना </strong>की नौकरी से 2006 में अवकाश लेने वाले लेफ्टिनेंट जनरल एसके साहनी के खिलाफ वर्ष 2005 में जम्मू और कश्मीर के सियाचिन और अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात सैनिकों के लिए घटिया मांस एवं अन्य सूखा राशन आपूर्ति कराने का आरोप था।</p>
<p><strong>सूत्रों </strong>के अनुसार वर्ष 2005 में जिस समय लेफ्टिनेंट जनरल सहानी के खिलाफ राशन की खरीद में अनियमितता बरतने का आरोप है। उस समय वह सेना के आपूर्ति एवं परिवहन विभाग के महानिदेशक के रूप में तैनात थे।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>बताया कि पिछले साल जुलाई में पूर्व सैन्य अधिकारी के खिलाफ जालंधर स्थित 11 वें वज्र कॉर्प के मुख्यालय में जीसीएम की कार्रवाई शुरू हुई थी। लेफ्टिनेंट जनरल जतिंदर पाल सिंह की अगुवाई वाली जीसीएम की कार्रवाई शुक्रवार को यहां देर शाम समाप्त हुई।</p>
<p><strong>साहनी </strong>के खिलाफ पेशेवराना अनौचित्य का मामला चल रहा था। सैन्य अधिनियम की धारा 52 एवं 63 के अधीन उनके खिलाफ आठ मामले थे जिनमें फर्जीवाडा़ और सूखे राशन की खरीद में अनियमितता का मामला भी शामिल था।</p>
<p><strong>सूत्रों </strong>के अनुसार लगभग सात महीने पहले जीसीएम की कार्रवाई यहां शुरू हुई थी। उसी समय से वह गिरफ्तार हैं। बीच में हालांकि एक बार स्वास्थ्य का हवाला देते हुए साहनी ने जमानत की अपील की थी लेकिन आम्र्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल ने एक नवंबर को जमानत देने से इनकार करते हुए सेना को दो महीने के भीतर जीसीएम की कार्रवाई पूरा करने का निर्देश दिया था।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>अपहृत डीएम की रिहाई के प्रयास हुए तेज</title>
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		<pubDate>Sat, 19 Feb 2011 07:07:06 +0000</pubDate>
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			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/dm.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/dm-300x214.jpg" alt="" title="dm" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21646" /></a><strong>माओवादियों </strong>द्वारा अपनी मांगों को लेकर समयसीमा बढ़ाए जाने के साथ ही मल्कानगिरी के जिलाधीश आरवी कृष्ण और एक जूनियर इंजीनियर को बातचीत के जरिए रिहा कराने के प्रयास शनिवार को तेज हो गए। कृष्ण और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी का माओवादियों के कब्जे में चौथा दिन है।</p>
<p><strong>आधिकारिक </strong>सूत्रों ने बताया कि दो मध्यस्थों के यहां शीघ्र ही पहुंचने की उम्मीद है जिनका नाम माओवादियों ने सुझाया है और जिनसे उड़ीसा सरकार ने संपर्क किया है।</p>
<p><strong>गृह </strong>सचिव यूएन बहेरा के अनुसार राज्य सरकार हैदराबाद निवासी दोनों वार्ताकारों प्रोफेसर सोमेश्वर राव और प्रोफेसर हरगोपाल के निरंतर संपर्क में है और प्रक्रिया गति पकड़ रही है। उड़ीसा सरकार और अन्य की अपील के बाद माओवादियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दी गई 48 घंटे की समयसीमा को बढ़ा दिया है। सूत्रों ने कहा कि अब सब कुछ बातचीत के तरीके पर निर्भर करेगा।</p>
<p><strong>राव </strong>और हरगोपाल ने जोर दिया है कि दोनों बंधकों की सुरक्षित रिहाई के लिए सार्थक वार्ता सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा विस्तारित रहनी चाहिए। राज्य सरकार ने मध्यस्थ एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश से संपर्क किया है। उन्होंने माओवादियों से आग्रह किया है कि वे बंधकों को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाएं।</p>
<p><strong>माओवादियों </strong>ने सात सूत्री मांगें रखी हैं। उनकी मांग पर नक्सल विरोधी अभियान पहले ही रोक दिया गया है। माओवादियों ने सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) को हटाए जाने, जेलों में बंद 700 आदिवासी नक्सलियों को रिहा करने और आंध्र प्रदेश की पोलवरम बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को रद्द करने की भी मांग की है।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच जेपीसी से संभव पर सीमित दायरों के साथ:केंद्र सरकार</title>
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		<pubDate>Fri, 18 Feb 2011 17:50:49 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित किए जाने का संकेत देते हुए सरकार ने शुक्रवार को अन्य मामलों को इसके तहत लाने के लिए इसका दायरा बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार किया। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार से शुरू होकर तीन महीने चलने वाले संसद के [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/PAWAN.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/PAWAN-300x221.jpg" alt="" title="PAWAN" width="300" height="221" class="alignright size-medium wp-image-21643" /></a><strong>2जी </strong>स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित किए जाने का संकेत देते हुए सरकार ने शुक्रवार को अन्य मामलों को इसके तहत लाने के लिए इसका दायरा बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार किया।</p>
<p><strong>संसदीय </strong>कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार से शुरू होकर तीन महीने चलने वाले संसद के बजट सत्र से पूर्व एक संवाददाता सम्मेलन में इस प्रकार का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जेपीसी गठित करने के संबंध में बुधवार तक फैसला लिया जाएगा।</p>
<p><strong>2जी</strong> स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए सरकार द्वारा जेपीसी गठित किए जाने का संकेत मिलने के बाद भाजपा राष्ट्रमंडल खेल घोटाले तथा आदर्श हाउसिंग घोटाले को भी इसके दायरे में लाए जाने की बात कर रही है। संसद का बीता पूरा शीतकालीन सत्र 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की भेंट चढ़ गया था।</p>
<p><strong>बंसल </strong>ने कहा कि जेपीसी के मुद्दे पर विपक्ष के साथ विचार-विमर्श आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट सत्र सुचारु रूप से चलेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने जेपीसी गठित करने का फैसला किया है, बंसल ने कहा, फिलहाल यह समय से पहले पूछा गया सवाल है, हम अभी भी अन्य राजनीतिक दलों से बातचीत की प्रक्रिया में हैं, बुधवार तक कोई फैसला किया जाएगा।</p>
<p><strong>जेपीसी </strong>का दायरा बढ़ाए जाने की मांग स्वीकार किए जाने की संभावना बहुत कम है क्योंकि संसदीय प्रक्रिया एक प्रस्ताव के तहत विभिन्न मुद्दों को शामिल किए जाने की अनुमति नहीं देती। बंसल 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले और आदर्श हाउसिंग घोटाले के लिए संयुक्त जेपीसी की मांग को अस्वीकार करते दिखे। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के नियमों के अनुसार, प्रस्ताव में एक निश्चित मुद्दा देना पड़ता है और भ्रष्टाचार के सामान्य मुद्दे पर जांच नहीं हो सकती।</p>
<p><strong>जेपीसी</strong> द्वारा पूछताछ के लिए प्रधानमंत्री को तलब किए जाने की संभावना के बारे में किए गए सवाल पर बंसल ने कहा कि ऐसी स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के पास इसकी अनुमति देने या नहीं देने का फैसला करने का अधिकार होगा। अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।</p>
<p><strong>बंसल</strong> ने कहा कि वाम दलों को जेपीसी में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है क्योंकि चार दलों ने सरकार को लिखित में दिया है कि उन्हें एक समूह के तौर पर लिया जाए। मौजूदा लोकसभा में वाम दलों की संख्या काफी कम हो गई है जो कि पिछली लोकसभा में करीब 60 थी।</p>
<p><strong>सरकारी </strong>सूत्रों ने बताया कि जेपीसी में 30 सदस्य हो सकते हैं जिनमें लोकसभा से 20 और राज्यसभा से दस शामिल हैं। यदि 21 सदस्यों की समिति गठित की जाती है तो ऐसी स्थिति में 14 निचले सदन से और सात ऊपरी सदन से होंगे। जेपीसी में सात से नौ प्रमुख बड़े दलों को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस, भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा, जनता दल यू और द्रमुक को इसकी सदस्यता मिल सकती है।</p>
<p><strong>जेपीसी</strong> की मांग करने में सबसे आगे रही अन्नाद्रमुक को संसद में उसकी कम संख्या के कारण समिति में कोई जगह मिलने की संभावना नहीं है और यही स्थिति सत्तारूढ़ यूपीए का घटक होने के बावजूद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस तथा मुस्लिम लीग की होगी।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री</strong> मनमोहन सिंह जेपीसी संबंधी प्रस्ताव के चर्चा के लिए आने पर लोकसभा में संक्षिप्त बयान दे सकते हैं। 90 के दशक की शुरुआत में जब हर्षद मेहता मामले में जब जेपीसी गठित की गई थी तो उस समय पीवी नरसिंह राव ने बयान दिया था। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है जिसके बाद इस पर बहस होगी। बहस की मांग पर कांग्रेस काफी जोर दे रही है।</p>
<p><strong>बंसल </strong>की टिप्पणियां वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की टिप्पणी की पृष्ठभूमि में काफी महत्वपूर्ण लग रही है। मुखर्जी ने कहा था कि संसद के सुचारु संचालन से अधिक कुछ महत्वपूर्ण नहीं है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कह चुके हैं कि वह जेपीसी का सामना करने से डरते नहीं हैं। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज मांग कर चुकी हैं कि सरकार को जेपीसी संबंधी घोषणा मंगलवार 22 फरवरी तक करनी होगी।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आडवाणी,जोशी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीबीआई</title>
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		<pubDate>Fri, 18 Feb 2011 17:36:55 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[सीबीआई ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र संबंधी आरोप हटा लिए गए थे। एजेंसी ने अपनी अपील में कहा कि हाईकोर्ट अपने फैसले में सही निष्कर्ष [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/babri.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/babri-300x204.jpg" alt="" title="babri" width="300" height="204" class="alignright size-medium wp-image-21638" /></a><strong>सीबीआई</strong> ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र संबंधी आरोप हटा लिए गए थे।</p>
<p><strong>एजेंसी </strong>ने अपनी अपील में कहा कि हाईकोर्ट अपने फैसले में सही निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा और उन लोगों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र के आरोप बहाल किए जाने चाहिए।</p>
<p><strong>हाईकोर्ट </strong>ने पिछले साल 20 मई को सीबीआई की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें भाजपा और संघ परिवार के शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र के आरोप बहाल किए जाने की मांग की गई थी। इन नेताओं में अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, साध्वी ऋतंभरा और महंत अवैद्यनाथ भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>इन</strong> नेताओं के अलावा मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे भी शामिल हैं। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने अपने 44 पृष्ठों के फैसले में कहा था कि विशेष अदालत के चार मई 2001 के फैसले के खिलाफ सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका में कोई गुण नहीं है। उस फैसले में उन लोगों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र के आरोप हटाने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p><strong>उल्लेखनीय </strong>है कि इस संबंध में कुल दो मामले हैं। एक आडवाणी और अन्य के खिलाफ है जो छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में रामकथा कुंज मंच पर मौजूद थे, जब बाबरी मस्जिद गिराई गई। दूसरा मामला लाखों अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ है जो विवादित ढांचा के आसपास मौजूद थे।</p>
<p><strong>न्यायमूर्ति </strong>सिंह ने सीबीआई की विशेष अदालत के 2001 के फैसले को बरकरार रखा था। इस मामले में 21 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 153बी और 505 के तहत आरोप लगाए गए थे। सीबीआई ने मई 2003 में आडवाणी और सात अन्य नेताओं के खिलाफ धारा 147 और 149 के तहत पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई राय बरेली की एक अदालत में चल रही है।</p>
<p><strong>न्यायाधीश </strong>ने कहा था कि सीबीआई जो अब दलील दे रही है, उसने रायबरेली में सुनवाई के दौरान या अपनी पुनरीक्षण याचिका में किसी भी वक्त यह नहीं कहा कि नेताओं के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र का आरोप है। अदालत के अनुसार अगर इसमें कोई तथ्य होता तो सीबीआई निश्चित तौर पर रायबरेली की अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में इसे शामिल करती। अदालत ने कहा कि एजेंसी ने इस संबंध में कमजोर दलीलें पेश की। न्यायाधीश विशेष अदालत के इस निष्कर्ष से सहमत थे कि शिवसेना सुप्रीमो बालासाहब ठाकरे, कल्याण सिंह और सतीश प्रधान मंच पर मौजूद नहीं थे।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामला:3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में राजा, भेजे गए तिहाड़</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 16:37:12 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में कथित धांधली के प्रमुख आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को दिल्ली की एक अदालत ने 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि गुरुवार को समाप्त हुई थी। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में फंसे राजा को गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/A_Raja.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/A_Raja-300x214.jpg" alt="" title="A_Raja" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21634" /></a><strong>2जी</strong> स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में कथित धांधली के प्रमुख आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को दिल्ली की एक अदालत ने 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि गुरुवार को समाप्त हुई थी।</p>
<p><strong>2जी</strong> स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में फंसे राजा को गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।</p>
<p><strong>विशेष</strong> सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी को तीन मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है।</p>
<p><strong>इससे </strong>पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान ए राजा ने कहा कि वह निर्दोष हैं और अपनी ईमानदारी को साबित करेंगे। </p>
<p><strong>न्यायाधीश </strong>ने तिहाड़ जेल प्रशासन को भी निर्देश दिया कि पूर्व मंत्री अपनी दवाओं के अतिरिक्त घर का खाना भी ले सकते हैं।</p>
<p><strong>अदालत </strong>ने राजा के वकील रमेश गुप्ता की अपील पर जेल अधीक्षक को यह निर्देश दिया।</p>
<p><strong>राजा </strong>को 2 जी स्पैक्ट्रम आवंटन घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए दो फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जिन्होंने सीबीआई के अनुसार, सरकारी खजाने को 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p><strong>पूर्व</strong> मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने स्वान टेलीकाम और यूनिटेक प्राइवेट लिमिटेड समेत कुछ दूरसंचार कंपनियों के पक्ष में नियमों में फेरबदल कर कौडि़यों के भाव स्पैक्ट्रम का आवंटन किया।</p>
<p><strong>गौरतलब </strong>है कि स्पेक्ट्रम मामले में नाम आने के बाद पिछले साल 14 नवंबर को राजा को दूरसंचार मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।</p>
<p><strong>नियंत्रक </strong>एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को वर्ष 2008 में नई कंपनियों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित करने में दोषी करार दिया।</p>
<p><strong>कैग </strong>की रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा के इस रवैये से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>2जी स्पेक्ट्रम मामला:अनिल अंबानी के बाद रूइया से सीबीआई ने की पूछताछ</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 16:24:54 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[सीबीआई ने 2जी घोटाले में अपनी जांच को जारी रखते हुए गुरुवार को एस्सार ग्रुप के सीईओ प्रशांत रूइया से भी पूछताछ की। उनसे यह पूछताछ कंपनी के लूप टेलीकॉम के साथ कथित संबंधों को लेकर की गई जिसे जनवरी 2008 में 21 सर्कलों के लिए लाइसेंस दिए गए। उल्लेखनीय है कि सीबीआई को इस [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Prashant-Ruia.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Prashant-Ruia.jpg" alt="" title="Prashant-Ruia" width="200" height="200" class="alignright size-full wp-image-21631" /></a><strong>सीबीआई </strong>ने 2जी घोटाले में अपनी जांच को जारी रखते हुए गुरुवार को एस्सार ग्रुप के सीईओ प्रशांत रूइया से भी पूछताछ की। उनसे यह पूछताछ कंपनी के लूप टेलीकॉम के साथ कथित संबंधों को लेकर की गई जिसे जनवरी 2008 में 21 सर्कलों के लिए लाइसेंस दिए गए।</p>
<p><strong>उल्लेखनीय </strong>है कि सीबीआई को इस मामले में लाभ लेने वालों के बारे में एक मार्च तक उच्चतम न्यायालय को सूचित करना है। बुधवार को एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी से पूछताछ की गई थी।</p>
<p><strong>सरकारी </strong>सूत्रों ने बताया कि रूइया से एस्सार के लूप टेलीकाम से संबंधों के बारे में पूछताछ की गई। ऐसा आरोप है कि लूप टेलीकाम ने एस्सार की कठपुतली कंपनी के रूप में काम किया। एस्सार की वोडाफोन एस्सार में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अगर आरोप सच पाया जाता है तो लूप टेलीकाम दूरसंचार लाइसेंस पाने के पात्र नहीं रहेगी।</p>
<p><strong>दिशा </strong>निर्देशों के अनुसार किसी कंपनी की होल्डिंग दस प्रतिशत से कम ही होनी चाहिए। एस्सार के प्रवक्ता ने कहा कि एस्सार दूरसंचार विभाग की लाइसेंस शर्तों तथा अन्य सभी नियमों का पूरी तरह अनुपालन करती है। जब भी जानकारी मांगी जायेगी एस्सार सम्बद्ध अधिकारियों को उपलब्ध करा देगी।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>नक्सलियों ने किया डीएम का अपहरण,48 घंटे का दिया अल्टीमेटम</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 08:20:36 +0000</pubDate>
		<dc:creator>डेस्क</dc:creator>
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		<description><![CDATA[उड़ीसा के माओवाद प्रभावित मल्कानगिरी जिले के कलक्टर का माओवादियों ने अपहरण कर लिया है जो केंद्रीय बलों को हटाए जाने और जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि मल्कानागिरी के कलेक्टर आरवी कृष्ण बुधवार शाम उस समय लापता हो गए जब वह [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/nexalites.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/nexalites-300x268.jpg" alt="" title="nexalites" width="300" height="268" class="alignright size-medium wp-image-21622" /></a><strong>उड़ीसा </strong>के माओवाद प्रभावित मल्कानगिरी जिले के कलक्टर का माओवादियों ने अपहरण कर लिया है जो केंद्रीय बलों को हटाए जाने और जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>पुलिस </strong>अधीक्षक अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि मल्कानागिरी के कलेक्टर आरवी कृष्ण बुधवार शाम उस समय लापता हो गए जब वह दूरदराज के चित्रकोंडा क्षेत्र के दौरे पर थे। उनके साथ एक जूनियर इंजीनियर भी लापता हैं।</p>
<p><strong>यह </strong>इलाका मल्कानागिरी से लगभग 85 किलोमीटर दूर है और इसे माओवादियों का गढ़ माना जाता है । चित्रकोंडा के तहसीलदार डी गोपाल कृष्ण ने बताया कि आंध्र प्रदेश की सीमा से लगते बड़ापाड़ा में आयोजित शिविर से लापता होने के बाद 30 वर्षीय आईएएस अधिकारी के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वह मोटरसाइकिल से दो जूनियर इंजीनियरों और एक अन्य व्यक्ति के साथ एक पुल को देखने गए थे।</p>
<p><strong>उन्होंने </strong>कहा कि कलेक्टर और एक जूनियर इंजीनियर का कुछ पता नहीं चला है, जबकि दो अन्य व्यक्ति संदिग्ध नक्सलियों द्वारा लिखे गए एक पत्र के साथ बुधवार देर रात बडापाडा पहुंच गए। उन्होंने यह पत्र वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिया।</p>
<p><strong>दूसरी </strong>ओर दिल्ली में गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा कि उनका माओवादियों ने अपहरण कर लिया और इंजीनियर को अपनी मांगों वाली एक चिट के साथ वापस भेज दिया। राज्य सरकार और अन्य अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं।</p>
<p><strong>अपहरण </strong>की कड़ी निन्दा करते हुए पिल्लै ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें रिहा कराने के लिए कोई अभियान चलाए जाने की जरूरत है। मुझे भरोसा है कि उन्हें प्राप्त स्थानीय समर्थन और राज्य सरकार बातचीत करके उनकी रिहाई में सफल होगी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इसमें कुछ समय लगेगा क्योंकि क्षेत्र पूरी तरह कटा हुआ है लेकिन प्रयास जारी है। मुझे लगता है कि इसमें कुछ दिन लगेंगे, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि कलक्टर वापस आएंगे।</p>
<p><strong>सिंह</strong> ने कहा कि कलक्टर को संदिग्ध नक्सलियों द्वारा बंधक बनाकर रखे जाने का संदेह है, लेकिन उनकी सही स्थिति के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पत्र में जिले से केंद्रीय बलों को हटाने, नक्सल विरोधी अभियान रोकने और जेलों में बंद सभी माओवादियों को रिहा करने की मांग की गई है। माओवादियों ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि हम पत्र की जांच और स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं । उनका पता लगाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>एस-बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन मामला:सरकार ने इसरो-देवास डील किया रद्द</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 08:11:09 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[एस-बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में हुए करोड़ों रुपए के कथित नुकसान संबंधी आरोपों के बीच विवादों में घिरी सरकार ने इसरो की व्यावसायिक शाखा एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए विवादास्पद सौदे को रद्द कर दिया है। गुरुवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक हुई, जिसके बाद इसकी घोषणा की गई। यह [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/isro1.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/isro1-300x214.jpg" alt="" title="isro" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21617" /></a><strong>एस-बैंड</strong> स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में हुए करोड़ों रुपए के कथित नुकसान संबंधी आरोपों के बीच विवादों में घिरी सरकार ने इसरो की व्यावसायिक शाखा एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए विवादास्पद सौदे को रद्द कर दिया है।</p>
<p><strong>गुरुवार</strong> को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक हुई, जिसके बाद इसकी घोषणा की गई। यह घोटाला भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से जुड़े होने के कारण इसमें सीधे प्रधानमंत्री घिर रहे थे, क्योंकि अंतरिक्ष विभाग सीधे पीएम के अंतर्गत है।</p>
<p><strong>उल्लेखनीय</strong> है कि इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रीक्स कॉरपोरेशन और देवास मल्टीमीडिया सर्विसेज के बीच हुए करार में कथित तौर पर देवास को लाभ पहुंचाया गया है। समझौते के अंतर्गत देवास को 20 वर्ष की अवधि तक एस-बैंड स्पेक्ट्रम के 70 मेगा हर्टज के अनियंत्रित इस्तेमाल की छूट दी गई थी, अगर यह डील कार्यान्वित होती तो इससे देवास को काफी लाभ पहुंचता।</p>
<p><strong>इसरो </strong>की वाणिज्यिक शखा एंट्रीक्स और मेसर्स देवास के बीच 28 जनवरी 2005 को यह करार हुआ था। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सचिव एमजी चंद्रशेखर देवास कंपनी के अध्यक्ष हैं।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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		<title>सरकारी गवाह बनने को तैयार असीमानंद</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Feb 2011 08:04:05 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[समझौता एक्सप्रेस और अजमेर दरगाह ब्लास्ट का मुख्य आरोपी असीमानंद सरकारी गवाह बन के लिए तैयार हो गया है। एटीएस के बढ़ते दबाव के कारण असीमानंद को इसके लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि इस बारे में एटीएस अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। लेकिन विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी इस [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><a class="highslide" onclick="return vz.expand(this)" href="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Asimanand.jpg"><img src="http://www.janatantra.com/news/wp-content/uploads/2011/02/Asimanand-300x214.jpg" alt="" title="Asimanand" width="300" height="214" class="alignright size-medium wp-image-21613" /></a><strong>समझौता </strong>एक्सप्रेस और अजमेर दरगाह ब्लास्ट का मुख्य आरोपी असीमानंद सरकारी गवाह बन के लिए तैयार हो गया है। एटीएस के बढ़ते दबाव के कारण असीमानंद को इसके लिए मजबूर होना पड़ा।</p>
<p><strong>हालांकि </strong>इस बारे में एटीएस अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। लेकिन विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृहमंत्री शांति धारीवाल को जानकारी दे चुके है। एटीएस अधिकारियों का मानना है कि असीमानंद के सरकारी गवाह बनने से जांच में कई नए तथ्य समाने आएंगे और इन मामलों में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिलेगी।</p>
<p><strong>एटीएस </strong>सूत्रों के मुताबिक राजनीति से जुडे़ कुछ बड़े लोगों के नाम इसमें सामने आ सकते है। असीमानंद अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है और उसने एक गोपनीय पत्र जेल से अदालत को भिजवाया है। असीमानंद के कहने पर पत्र को फिलहाल गोपनीय रखा गया है। इससे दरगाह ब्लास्ट मामले में भी नया मोड़ आ सकता है।</p>
<p><strong>सूत्रों</strong> के मुताबिक असीमानंद ने 11 फरवरी को सेंट्रल जेल अधीक्षक प्रीता भार्गव के माध्यम से एक पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएल मूंड की अदालत को भिजवाया है। 15 फरवरी को असीमानंद जेल से पेशी पर लाया गया तो सीजेएम ने उससे पत्र के बारे में पूछा।</p>
<p><strong>असीमानंद</strong> ने अदालत से आग्रह किया कि पत्र को फिलहाल गोपनीय रखा जाए। इस पर पत्र को लिफाफे में सील कर दिया गया है। माना जा रहा है कि असीमानंद दरगाह ब्लास्ट में सरकारी गवाह बनना चाहता है। इसी वजह से उसने जेल से सीधे अदालत को पत्र भेज दिया।</p>
<p><strong>इधर</strong> एटीएस इस बार भी असीमानंद, हर्षद सोलंकी और मुकेश वसानी के खिलाफ चालान पेश नहीं कर सकी। अब अदालत ने एक मार्च तक चालान पेश करने का समय दिया है। स्वामी असीमानंद के बयान के आधार पर एटीएस द्वारा पकड़े गए भरत शाह को 18 फरवरी को अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p><strong>दरगाह </strong>ब्लास्ट मामले में ही पहले गिरफ्तार किए जा चुके चन्द्रशेखर, लोकेश और देवेन्द्र के मामले में सुनवाई 19 फरवरी को होगी। दरगाह ब्लास्ट मामले में ही आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इन्द्रेश कुमार के बारे में एटीएस ने कुछ नए तथ्य जुटाए हैं। इन तथ्यों की पुष्टि में एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी जुटे है।</p>
<p><strong>असीमानंद </strong>ने इन्द्रेश कुमार के बारे में भी कुछ जानकारियां पूछताछ में एटीएस अधिकारियों को दी हैं। अब एटीएस राजस्थान में इन्द्रेश कुमार के खास सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।</p>
<p>एजेंसियां</p>
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