नयी दिल्ली के आजतक के दफ्तर में आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता आये और तोड़फोड़ की। आरएसएस की राजनीतिक शाखा, बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा कि इस से टीवी चैनलों को अनुशासन में रहने की तमीज आ जायेगी यानी हमला एक अच्छे मकसद से किया गया था। उम्मीद की जानी चाहिए कि आगे से लोग अनुशासन [...]
Jul 18 2010 | Posted in
ब्लॉग,
मीडिया |
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धर्म इस देश में हमेशा से संवेदनशील मसला रहा है। धर्म के नाम पर विभाजन पहले ही हो चुका है। दंगों से धरती बार-बार लाल हुई है। कई धर्म और पंथ वाले इस राष्ट्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक सीमा है। हर संवेदशनशील शख़्स को उस सीमा का ख्याल रखना चाहिए। अगर कहीं चूक [...]
Mar 2 2010 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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भारत एक बार फिर इमरजेंसी जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है, जहां विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडियाकर्मियों की खबर देने की आजादी खतरे में है। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आज एक सेमिनार में इस बात पर चिंता जताई गई कि मीडिया के लिए तथ्यों की रिपोर्टिंग करना, खासकर आंदोलनों [...]
Feb 17 2010 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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न्यूज़ चैनलों के संपादकों ने अपना अलग संगठन बनाया है। इसका नाम ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए)। बीईए के पहले अध्यक्ष बने हैं स्टार न्यूज़ के शाजी जमा। टाइम्स नाउ के एडिटर अर्णव गोस्वामी और एनडीटीवी इंडिया के मैनेजिंग एडिटर (स्पेशल) पंकज पचौरी उपाध्यक्ष चुने गए हैं। ईटीवी के एन के सिंह महासचिव हैं और लाइव [...]
Aug 23 2009 | Posted in
तीर-ए-नज़र |
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आज दैनिक भास्कर के राष्ट्रीय संस्करण में भी अभिलाष खांडेकर के महान विचार छप गए। मध्य प्रदेश के एडिशन में की गई उनकी विशेष टिप्पणी (भोपाल को बिहार होने से बचाएं) को राष्ट्रीय संस्करण में हू-ब-हू छाप दिया गया है। कहीं कोई संशोधन नहीं। कहीं कोई भूल सुधार नहीं। अख़बार में पृष्ठ संख्या सात पर [...]
Jun 20 2009 | Posted in
रागरंग |
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अभिव्यक्ति की आज़ादी क्या है? क्या भारत में आप और हम बोलने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं? क्या लोकतंत्र का चौथा स्तंभ – मीडिया पूरी तरह आज़ाद है? ये कुछ मुद्दे हैं जिन पर, वर्तमान दौर में चर्चा बेहद अहम हो गई है। लोकसभा चुनाव में सबने देखा कि किस तरह मीडिया ने लेन-देन [...]
Jun 12 2009 | Posted in
स्पेशल रिपोर्ट |
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